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प्रधानों की सजगता से गांवों मे नहीं कोरोना संक्रमित
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मूनाकोट (पिथौरागढ़)। मूनाकोट ब्लॉक के गांवों में प्रधानों की सजगता से कोरोना ने हल्की दस्तक दी है। ब्लॉक के ज्यादातर गांवों में कोरोना का एक भी मरीज नहीं है। ग्राम पंचायतों के प्रयासों से गांवों में कोविड को लेकर पूर्ण सावधानी बरती जा रही है।
जिले के सबसे बड़े मूनाकोट ब्लॉक में 72 ग्राम पंचायतें हैं। कोविड की दूसरी लहर में अभी तक कुछ ही ग्राम सभाओं में संकमित मरीज मिले हैं।
जहां मरीज मिले हैं, उन्हें होम आइसोलेट किया गया है। जिन घरों में रहने के लिए अलग कमरे नहीं हैं। वहां प्रधानों ने पंचायत भवन और स्कूलों में संक्रमितों के रहने की व्यवस्था की है।
कुछ को बेस अस्पताल में उपचार चल रहा है। ब्लॉक के गांवों में अभी तक कोरोना से मौत का आंकड़ा भी बहुत कम है। कई प्रधानों ने गांवों को कोरोना की दूसरी लहर से बचाने के लिये थर्मल स्क्रीनिंग, सैनिटाइजेशन और मास्क वितरण भी किया है।
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कोरोना की दूसरी लहर से गांव को संक्रमण से बचाने के लिए प्रधान बाहर से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर पूरी नजर बनाए हुए हैं। कई प्रधानों ने गांव में आने पर आरटीपीआर जांच को अनिवार्य किया है।
जांच आने के 72 घंटों तक व्यक्ति को होम आइसोलेशन में रहना अनिवार्य कर दिया है। प्रधान गांव में टीकाकरण के फायदे भी लोगों को बता रहे है। ग्रामीण भी डर के कारण परिवार में बाहर से आने वाले को जांच के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
इन गांवों में नहीं मिला मरीज
मूनाकोट (पिथौरागढ़)। मूनाकोट ब्लॉक में भटेड़ी, जाखपंत, सिरकुच, धौलकांडा, धुर्चू, दौबास, मझेड़ा, खूना, नाघर, मनकोट, क्वारबन, धारी, मनकटिया, सिमलकोट, बसौड़, बुड़लगांव, आगर, जलतूरी आदि गांवों में कोरोना का एक भी मरीज नहीं मिला है। गांव में प्रधानों की तत्परता से प्रवासियों को शहर मे ही रहने की सलाह दी गई है।
इन गांवों में मिले हैं संक्रमित
मूनाकोट (पिथौरागढ़)। विकासखंड के गांवों में 40 संक्रमित मिले हैं, जिसमें से दो व्यक्तियों की मौत भी हो चुकी है। बड़ालू में तीन, मजिरकांडा के झूलाघाट में 26, दोली में चार, पनखोली ओर कटियानी में एक-एक, रियांसी में पांच लोग संकमित मिले हैं।
इनमें से कटियानी में 84 वर्षीय बुजुर्ग और झूलाघाट में 67 वर्षीय व्यक्ति की कोविड से मौत हुई है। इन गांवों में कोविड बाहर से आए मरीजों से फैला है। होम आइसोलेशन और अस्पताल में रह रहे मरीज स्वस्थ हैं।
गांव में सभी का मास्क पहनना अनिवार्य है। सभी को समूह में एकत्र होना मना है। गांव के लोगों से बाजार न जाने के लिये कहा गया हैं। गांव में एक व्यक्ति संक्रमित मिला है। इसका क्वारंटीन अवधि पूरा हो चुका है।
- नीलम, प्रधान, बड़ारी, मूनाकोट।
कोरोना की दूसरी लहर में गांव में जागरूकता अभियान चलाया गया है। गांव के प्रवासियों से गांव को कोविड से बचाने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है। गांव में कोरोना का कोई भी संक्रमित नहीं है।
- गोदावरी चंद, प्रधान, मूनाकोट।
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जिले के सबसे बड़े मूनाकोट ब्लॉक में 72 ग्राम पंचायतें हैं। कोविड की दूसरी लहर में अभी तक कुछ ही ग्राम सभाओं में संकमित मरीज मिले हैं।
जहां मरीज मिले हैं, उन्हें होम आइसोलेट किया गया है। जिन घरों में रहने के लिए अलग कमरे नहीं हैं। वहां प्रधानों ने पंचायत भवन और स्कूलों में संक्रमितों के रहने की व्यवस्था की है।
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कुछ को बेस अस्पताल में उपचार चल रहा है। ब्लॉक के गांवों में अभी तक कोरोना से मौत का आंकड़ा भी बहुत कम है। कई प्रधानों ने गांवों को कोरोना की दूसरी लहर से बचाने के लिये थर्मल स्क्रीनिंग, सैनिटाइजेशन और मास्क वितरण भी किया है।
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कोरोना की दूसरी लहर से गांव को संक्रमण से बचाने के लिए प्रधान बाहर से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर पूरी नजर बनाए हुए हैं। कई प्रधानों ने गांव में आने पर आरटीपीआर जांच को अनिवार्य किया है।
जांच आने के 72 घंटों तक व्यक्ति को होम आइसोलेशन में रहना अनिवार्य कर दिया है। प्रधान गांव में टीकाकरण के फायदे भी लोगों को बता रहे है। ग्रामीण भी डर के कारण परिवार में बाहर से आने वाले को जांच के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
इन गांवों में नहीं मिला मरीज
मूनाकोट (पिथौरागढ़)। मूनाकोट ब्लॉक में भटेड़ी, जाखपंत, सिरकुच, धौलकांडा, धुर्चू, दौबास, मझेड़ा, खूना, नाघर, मनकोट, क्वारबन, धारी, मनकटिया, सिमलकोट, बसौड़, बुड़लगांव, आगर, जलतूरी आदि गांवों में कोरोना का एक भी मरीज नहीं मिला है। गांव में प्रधानों की तत्परता से प्रवासियों को शहर मे ही रहने की सलाह दी गई है।
इन गांवों में मिले हैं संक्रमित
मूनाकोट (पिथौरागढ़)। विकासखंड के गांवों में 40 संक्रमित मिले हैं, जिसमें से दो व्यक्तियों की मौत भी हो चुकी है। बड़ालू में तीन, मजिरकांडा के झूलाघाट में 26, दोली में चार, पनखोली ओर कटियानी में एक-एक, रियांसी में पांच लोग संकमित मिले हैं।
इनमें से कटियानी में 84 वर्षीय बुजुर्ग और झूलाघाट में 67 वर्षीय व्यक्ति की कोविड से मौत हुई है। इन गांवों में कोविड बाहर से आए मरीजों से फैला है। होम आइसोलेशन और अस्पताल में रह रहे मरीज स्वस्थ हैं।
गांव में सभी का मास्क पहनना अनिवार्य है। सभी को समूह में एकत्र होना मना है। गांव के लोगों से बाजार न जाने के लिये कहा गया हैं। गांव में एक व्यक्ति संक्रमित मिला है। इसका क्वारंटीन अवधि पूरा हो चुका है।
- नीलम, प्रधान, बड़ारी, मूनाकोट।
कोरोना की दूसरी लहर में गांव में जागरूकता अभियान चलाया गया है। गांव के प्रवासियों से गांव को कोविड से बचाने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है। गांव में कोरोना का कोई भी संक्रमित नहीं है।
- गोदावरी चंद, प्रधान, मूनाकोट।