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राजकीय पालीटेक्निक कॉलेज को सात साल बाद मिला अपना भवन
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राजकीय पालीटेक्निक बांस, पिथौरागढ़।
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज बांस को आखिरकार सात साल बाद अपना भवन मिल गया है। पिछले सात वर्षों से यह कॉलेज पंचायत घर में संचालित हो रहा था। भवन बनने के बाद अब छात्र संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज बांस के भवन निर्माण पर पांच करोड़ से अधिक की लागत आई है। इसमें 20 कमरे बनाए गए हैं। भवन बनने के बाद अब अध्ययन कराने में कॉलेज प्रबंधन को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
वर्ष 2014 में राजकीय पॉलिटेक्निक बांस की शुरुआत हुई थी लेकिन संस्थान के पास अपना भवन न होने के कारण इसका संचालन पंचायत घर बांस में हो रहा था। इस वजह से अध्यापन, प्रयोगात्मक समेत अन्य कार्यों के संचालन में काफी दिक्कतें आती थीं। सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर पांच बैच में भी पासआउट हो गए हैं। छठे बैच के प्रशिक्षुओं का परीक्षा परिणाम आना है। प्रभारी प्राचार्य मुकुल मेहता ने बताया कि करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये की लागत से भवन का निर्माण पूरा कर लिया गया है। अब भविष्य में प्रशिक्षुओं को पढ़ाई में आसानी होगी। इससे पहले पढ़ाई पंचायत घर में हो रही थी।
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राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज बांस के भवन निर्माण पर पांच करोड़ से अधिक की लागत आई है। इसमें 20 कमरे बनाए गए हैं। भवन बनने के बाद अब अध्ययन कराने में कॉलेज प्रबंधन को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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वर्ष 2014 में राजकीय पॉलिटेक्निक बांस की शुरुआत हुई थी लेकिन संस्थान के पास अपना भवन न होने के कारण इसका संचालन पंचायत घर बांस में हो रहा था। इस वजह से अध्यापन, प्रयोगात्मक समेत अन्य कार्यों के संचालन में काफी दिक्कतें आती थीं। सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर पांच बैच में भी पासआउट हो गए हैं। छठे बैच के प्रशिक्षुओं का परीक्षा परिणाम आना है। प्रभारी प्राचार्य मुकुल मेहता ने बताया कि करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये की लागत से भवन का निर्माण पूरा कर लिया गया है। अब भविष्य में प्रशिक्षुओं को पढ़ाई में आसानी होगी। इससे पहले पढ़ाई पंचायत घर में हो रही थी।
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