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नेपाल का त्रिपुरासुंदरी मेला सात से
ब्यूरो/अमर उजाला, झूलाघाट
Updated Thu, 03 Nov 2016 10:45 PM IST
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नेपाल के बैतड़ी जिले का विख्यात त्रिपुरासुंदरी मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
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नेपाल के पश्चिमांचल के बैतड़ी जिले का विख्यात त्रिपुरासुंदरी मेला 7 नवंबर से शुरू होगा। इस मंदिर में सैकड़ों की संख्या में भैंसों और हजारों बकरियों की बलि दी जाती है। नेपाल के मंदिरों में पशुबलि प्रथा पर कोई रोक नहीं है। नेपाल के इस मंदिर को संयुक्त राष्ट्र संघ ने विश्व की विशिष्ट धरोहरों में शामिल किया है।
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मेले को लेकर जितना उत्साह नेपाल में रहता है, उतना ही भारतीय क्षेत्र के लोगों में भी होता है। दो दिनों तक चलने वाले मेले में पहले दिन सात नवंबर को छोटी जात और 8 नवंबर को बड़ी जात होगी। दोनों दिन मंदिर में पशुबलि दी जाएगी। मेले के लिए बैतड़ी जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
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त्रिपुरासुंदरी मंदिर नेपाल के जूलाघाट कस्बे से 14 किलोमीटर की दूरी पर है। कुछ वर्ष पूर्व यह मंदिर राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ चुका है। मां भगवती के इस मंदिर में नेपाल के साथ भारत के लोगों की भी अपार आस्था है। सड़क मार्ग से जुड़ने के कारण यहां भारतीय भी बहुत संख्या में पहुंचते हैं। मेला संयोजक पप्पू थापा ने बताया कि मेले में सुरक्षा व्यवस्था के लिए बैतड़ी पुलिस को पत्र भेज दिया गया है। मेले में बाहर से आने वाले लोगों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए सहायता केंद्र भी खोला जाएगा।
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