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नेपाल का प्रसिद्ध त्रिपुरा सुंदरी मेला दो से
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नेपाल के बैतड़ी जिले का प्रसिद्ध त्रिपुरा सुंदरी मंदिर।
- फोटो : PITHORAGARH
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झूलाघाट (पिथौरागढ़)। पड़ोसी देश नेपाल के सुदूर पश्चिमांचल का प्रसिद्ध त्रिपुरा सुंदरी मेला दो नवंबर से शुरू होगा जबकि मुख्य मेला (जात) तीन नवंबर को होगा। मेले की सफलता के लिए बैतड़ी प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है। इस बार मेला कमेटी ने दोनों दिन निकलने वाले डोले की फोटो लेना पूर्णतया वर्जित कर दिया है। मेले में वालंटियर फोटो लेने वालों पर खास नजर रखेंगे।
मिली जानकारी के अनुसार यूनेस्को की विशेष धरोहर में सूचीबद्ध बैतड़ी जिले के द्योल में छोटी जात दो नवंबर को होगी। इस दिन पूजा-अर्चना के बाद रात में मां भगवती के भक्त हाथ में दीये लेकर जागरण करेंगे। मुख्य मेला (जात) तीन नवंबर को होगा। इस दिन सुबह नौ बजे मैया का डोला अपने मायके कापड़ीगांव जाएगा। वापस आने के बाद मैया की सवारी सजधज कर मंदिर परिसर में घूमेगी।
दोपहर में पूजा-अर्चना के बाद भैंसे और बकरियों की बलि दी जाएगी। मेले के मुख्य संरक्षक प्रकाश पुजारा ने बताया इस बार भी मेला परिसर में शराब को पूर्णतया प्रतिबंधित किया गया है। मेला समिति ने इस बार मैया की सवारी की फोटो और वीडियो बनाने पर प्रतिबंध लगाया है। उन्होंने मेले में आने वाले दर्शनार्थियों से इस नियम का पालने करने की अपील की है।
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मिली जानकारी के अनुसार यूनेस्को की विशेष धरोहर में सूचीबद्ध बैतड़ी जिले के द्योल में छोटी जात दो नवंबर को होगी। इस दिन पूजा-अर्चना के बाद रात में मां भगवती के भक्त हाथ में दीये लेकर जागरण करेंगे। मुख्य मेला (जात) तीन नवंबर को होगा। इस दिन सुबह नौ बजे मैया का डोला अपने मायके कापड़ीगांव जाएगा। वापस आने के बाद मैया की सवारी सजधज कर मंदिर परिसर में घूमेगी।
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दोपहर में पूजा-अर्चना के बाद भैंसे और बकरियों की बलि दी जाएगी। मेले के मुख्य संरक्षक प्रकाश पुजारा ने बताया इस बार भी मेला परिसर में शराब को पूर्णतया प्रतिबंधित किया गया है। मेला समिति ने इस बार मैया की सवारी की फोटो और वीडियो बनाने पर प्रतिबंध लगाया है। उन्होंने मेले में आने वाले दर्शनार्थियों से इस नियम का पालने करने की अपील की है।
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