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Pithoragarh News: नाम जिला अस्पताल, काम निजी दुकानों का
Fri, 17 Apr 2026 10:53 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 17 Apr 2026 10:53 PM IST
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पिथौरागढ़। अन्य अस्पतालों में विशेषज्ञ और जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं न होने से जिला अस्पताल पर लगभग पूरे जिले के मरीज इलाज के लिए निर्भर हैं। यहां सस्ता और बेहतर इलाज की उम्मीद में पहुंचे मरीज लुट रहे हैं। ऐसा इसलिए कि अस्पताल में दवा का पर्याप्त भंडार होने के बाद भी मरीजों को बाहर की दवा लिखी जा रही है।
जिला अस्पताल में हर रोज जिले के विभिन्न हिस्सों से 650 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने व्यवस्थाओं और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लेने के लिए पड़ताल की। डॉक्टर को दिखाकर बाहर आ रहे मरीजों ने बताया कि पर्चे पर अधिकांश दवाएं बाहर की लिखी हैं। कुछ दवा के अस्पताल में मिलने की बात कही गई।
मरीजों की इस बात का अंदाजा दवा की दुकानों में लगी भीड़ से भी लगाया जा सकता है। अस्पताल के दवा काउंटर की अपेक्षा निजी दवा की दुकानों में अधिक भीड़ जुट रही है। हैरानी की बात यह है कि उच्चाधिकारियों के बाहर से दवा न लिखने के निर्देश भी हवाई साबित हो रहे हैं और मरीजों का आर्थिक नुकसान हो रहा है।
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दो जनऔषधि केंद्र, पर्चे पर जेनेरिक दवा कम
जिला अस्पताल के पास मरीजों को सस्ती दवा उपलब्ध कराने के लिए दो जनऔषधि केंद्र खोले गए हैं। इसके बाद भी मरीजों के पर्चे पर जेनेरिक दवा के नाम बेहद कम मिले। कुछ मरीजों ने कहा कि वह अपने मन से जेनेरिक दवा खरीदकर घर ले जा रहे हैं। वहीं कुछ मरीजों ने कहा कि जेनेरिक दवा तो खरीद ली लेकिन डॉक्टर क्या कहेंगे इसकी चिंता सता रही है। संवाद
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बोले मरीज
डॉक्टर को दिखाया तो पर्चे पर दवा लिखी गई। कुछ दवा बाहर से खरीदने को कहा गया। जिला अस्पताल में सभी दवा मिलती तो हर मरीज को सस्ता इलाज मिलता।
-ममता, कनालीछीना
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पिछले दो महीने से इलाज चल रहा है। हर बार कुछ दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं। अस्पताल में ही सभी तरह की दवाओं की उपलब्धता होनी चाहिए ताकि आम लोगों को सस्ता इलाज मिल सके।
-कैलाश राम, गंगोलीहाट
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चिकित्सकों को बाहर से दवा न लिखने के निर्देश जारी किए गए हैं। यदि कुछ दवा अस्पताल में उपलब्ध नहीं होती हैं तो उन्हें बाहर से मंगाना मजबूरी है। यदि मरीज लिखित रूप से बाहर से दवा लिखने की लिखित शिकायत दर्ज कराते हैं तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. भागीरथी गर्ब्याल, पीएमएस, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़
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जिला अस्पताल में हर रोज जिले के विभिन्न हिस्सों से 650 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने व्यवस्थाओं और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लेने के लिए पड़ताल की। डॉक्टर को दिखाकर बाहर आ रहे मरीजों ने बताया कि पर्चे पर अधिकांश दवाएं बाहर की लिखी हैं। कुछ दवा के अस्पताल में मिलने की बात कही गई।
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मरीजों की इस बात का अंदाजा दवा की दुकानों में लगी भीड़ से भी लगाया जा सकता है। अस्पताल के दवा काउंटर की अपेक्षा निजी दवा की दुकानों में अधिक भीड़ जुट रही है। हैरानी की बात यह है कि उच्चाधिकारियों के बाहर से दवा न लिखने के निर्देश भी हवाई साबित हो रहे हैं और मरीजों का आर्थिक नुकसान हो रहा है।
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दो जनऔषधि केंद्र, पर्चे पर जेनेरिक दवा कम
जिला अस्पताल के पास मरीजों को सस्ती दवा उपलब्ध कराने के लिए दो जनऔषधि केंद्र खोले गए हैं। इसके बाद भी मरीजों के पर्चे पर जेनेरिक दवा के नाम बेहद कम मिले। कुछ मरीजों ने कहा कि वह अपने मन से जेनेरिक दवा खरीदकर घर ले जा रहे हैं। वहीं कुछ मरीजों ने कहा कि जेनेरिक दवा तो खरीद ली लेकिन डॉक्टर क्या कहेंगे इसकी चिंता सता रही है। संवाद
बोले मरीज
डॉक्टर को दिखाया तो पर्चे पर दवा लिखी गई। कुछ दवा बाहर से खरीदने को कहा गया। जिला अस्पताल में सभी दवा मिलती तो हर मरीज को सस्ता इलाज मिलता।
-ममता, कनालीछीना
पिछले दो महीने से इलाज चल रहा है। हर बार कुछ दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं। अस्पताल में ही सभी तरह की दवाओं की उपलब्धता होनी चाहिए ताकि आम लोगों को सस्ता इलाज मिल सके।
-कैलाश राम, गंगोलीहाट
चिकित्सकों को बाहर से दवा न लिखने के निर्देश जारी किए गए हैं। यदि कुछ दवा अस्पताल में उपलब्ध नहीं होती हैं तो उन्हें बाहर से मंगाना मजबूरी है। यदि मरीज लिखित रूप से बाहर से दवा लिखने की लिखित शिकायत दर्ज कराते हैं तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. भागीरथी गर्ब्याल, पीएमएस, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़