{"_id":"57487e2e4f1c1b2f2d692ca2","slug":"nagar-panchayat-opposes-inclusion","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर पंचायत में शामिल करने का विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर पंचायत में शामिल करने का विरोध
ब्यूरो/अमर उजाला, मुनस्यारी
Updated Fri, 27 May 2016 10:34 PM IST
विज्ञापन
मुनस्यारी में जुलूस निकालते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर पंचायत में शामिल करने के विरोध में शुक्रवार को पांच ग्राम पंचायतों के लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया और नगर पंचायत के गठन की अधिसूचना वापस लेने की मांग की। लोगों ने सरकार को दस दिन का अल्टीमेटम दिया है, यदि इस अवधि में नगर पंचायत में शामिल किए गांवों को अलग नहीं किया गया और नगर पंचायत गठन की अधिसूचना वापस नहीं ली तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा। जुलूस में कांग्रेस के ब्लाक अध्यक्ष मनोहर टोलिया समेत अन्य कार्यकर्ता भी शामिल हुए।
विज्ञापन
सरकार ने दो वर्ष पूर्व मुनस्यारी को नगर पंचायत का दर्जा देने का एलान किया था। बाद में इसकी अधिसूचना जारी की गई। सीमांकन के समय बुंगा, मल्ला घोरपट्टा, तल्ला घोरपट्टा, जैंती, सरमोली गांवों को नगर पंचायत में शामिल कर दिया गया। सीमांकन के बाद से ही लोग नगर पंचायत के विरोध में खड़े हो गए। जुलूस के बाद हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि मुनस्यारी ग्रामीण अंचल का कस्बा है। इसको नगर पंचायत का दर्जा देने की कोई जरूरत नहीं है।
विज्ञापन
वक्ताओं ने कहा कि मुनस्यारी बाजार से सटे गांवों को नगर पंचायत में शामिल करने के ग्राम पंचायतों का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। साथ ही लोगों को ज्यादा टैक्स भरने पड़ जाएंगे। सभा में प्रधान गायत्री देवी, मनीराम, नरेंद्र कोरंगा, सुंदर राम, इंदर सिंह पछाई, जिला पंचायत सदस्य कमलेश आर्या, मल्लिका विर्दी, थियो आदि ने विचार रखे। बाद में लोगों ने एसडीएम वैभव गुप्ता के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
विज्ञापन
विरोध के चलते नहीं हो पाया गठन
नगर पंचायत के विरोध के कारण ही दो साल से यह अस्तित्व में नहीं आ पाई है। बताया गया कि नगर पंचायत गठन की अधिसूचना जारी होने के बाद शहरी विकास मंत्रालय से बाकायदा नगर के विकास के लिए धनराशि भी आ गई, लेकिन उसका उपयोग नहीं हो पाया। इसका नुकसान नगर के विकास पर पड़ रहा है।