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मुनस्यारी महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम
ब्यूरो/अमर उजाला, मुनस्यारी (पिथौरागढ़)।
Updated Fri, 04 Dec 2015 12:07 AM IST
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मुनस्यारी महोत्सव में बुधवार को अल्मोड़ा से आए कलाकारों ने धमाल मचा दिया। अल्मोड़ा के सांस्कृतिक दल के साथ आए लोकगायक शेखर सिजवाली ने जब लोकप्रिय कुमाऊंनी गीत ‘हाय तेरी रुमाल गुलाबी मुखड़ी, के भली लागी रै नाक की नथुली’ गाया तो दर्शक अपने स्थान पर ही नाचने लग गए।
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बाद में इस दल के साथ आई लोक गायिका अंकिता पंत ने ‘आ जा रे मेरो मुनस्यार, के भलो लागूंछ मेरो मुनस्यार’ गाया तो लोगों ने खूब मस्ती की। कड़ाके की ठंड के कारण सांस्कृतिक कार्यक्रम दस बजे तक चल रहे हैं।
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बुधवार रात के कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि सीमा सड़क संगठन के अफसर कमांडिंग डीएस राव ने कहा कि कुमाऊं में सांस्कृतिक विविधता तो है, लेकिन मुनस्यारी सबसे अनूठा है। विशिष्ट अतिथि के रूप में बैंक प्रबंधक मंगल सिंह पांगती, देवेंद्र बृजवाल, कुलदीप रावत मौजूद थे।
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रात में कुछ देर तक वन विकास निगम के अध्यक्ष हरीश धामी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। एसडीएम कौस्तुभ मिश्रा ने अतिथियों का स्वागत किया। महोत्सव में सरकारी विभागों के स्टाल अभी लगे हैं।
कुल 100 स्टालों के माध्यम से लोगों को स्थानीय उत्पादों और सरकारी कार्यक्रमों की जानकारी दी जा रही है। इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख नरेंद्र रावत, विधायक प्रतिनिधि हीरा सिंह चिराल आदि थे।
मुनस्यारी महोत्सव को शुरू हुए अभी दो साल हुए हैं, लेकिन पहली बार इतना बड़ा आयोजन हुआ है। वन विकास निगम के अध्यक्ष के प्रयास से महोत्सव सरकारी घोषित किया गया है और मुख्यमंत्री ने खुद कार्यक्रम में शिरकत की।
स्थानीय लोग आयोजन से खुश हैं। उनका कहना है कि महोत्सव को अक्तूबर में किया जाए और इसकी अवधि कम से कम पांच दिन रखी जाए। दिसंबर में यहां कड़ाके की ठंड पड़ने लग जाती है।