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मुनस्यारी के आसपास की चोटियों पर हिमपात
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़/मुनस्यारी/धारचूला
Updated Tue, 21 Feb 2017 10:12 PM IST
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मुनस्यारी के नजदीक की पहाड़ियों पर मंगलवार की सुबह हुआ हिमपात
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में मंगलवार की सुबह से कई हिस्सों में हो रही बारिश से सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बारिश से सभी इलाकों में ठंड का असर बढ़ गया है। मुनस्यारी के पास कालामुनि, बेटुलीधार, खलियाटॉप, मिलम, नामिक में हिमपात हुआ। बर्फबारी के बावजूद मुनस्यारी के लिए सड़क यातायात सामान्य बना हुआ है। मुनस्यारी में कड़ाके की ठंड से लोग घरों में दुबके रहे। जिला मुख्यालय में सुबह छह बजे हल्की बौछारें गिरनी शुरू हुई। अपरान्ह एक बजे से बारिश की रफ्तार बढ़ गई। शाम तक रुक-रुककर बारिश का क्रम जारी रहा।
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मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे तक बादलों की आवाजाही बनी रहने का संकेत दिया है। धारचूला तहसील में कैलाश मानसरोवर पैदल यात्रा मार्ग पर भी बूंदी से आगे के इलाके में हिमपात हुआ। गुंजी, कालापानी, नाभीढांग, लिपुलेख, छियालेख में जमकर हिमपात हुआ है। कैलाश यात्रा मार्ग को हिमपात से नुकसान पहुंचने की भी सूचना है। डीडीहाट में सोमवार की रात से ही हल्की बारिश हो रही है।
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कृषि वैज्ञानिकों ने कहा है कि बारिश से गेहूं और मसूर की फसल को लाभ मिलेगा। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डा. आरके सिंह ने कहा कि किसानों को तत्काल सब्जी बीजों का रोपण कर देना चाहिए और बारिश रुकते ही खेतों की निराई करनी चाहिए। इस समय गेहूं की फसल को बारिश की सख्त जरूरत थी।
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24 घंटे में कहां कितनी बारिश
पिथौरागढ़-5.0 एमएम
मुनस्यारी-4.0 एमएम
धारचूला-16.0 एमएम
बेड़ीनाग-5.0 एमएम
डीडीहाट-6.0 एमएम
गंगोलीहाट-2.0 एमएम
जंगलों की आग का खतरा टला
पिथौरागढ़। ताजा बारिश से सबसे बड़ी राहत वन विभाग को मिली है। जंगलों में आग का खतरा फिलहाल टल गया है। वन विभाग ने हालांकि क्रू-स्टेशनों में कर्मचारी तैनात कर दिए हैं, लेकिन पर्याप्त नमी की वजह से कुछ दिनों तक जंगलों में आग की संभावना नहीं है। वन रेंजर दिनेश चंद्र जोशी ने बताया कि अब कुछ दिनों तक जागरूकता के कार्यक्रम चलाए जाएंगे।