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Pithoragarh News: तड़ीगांव में 11 करोड़ की लागत से मोटर पुल तैयार
Mon, 19 Jun 2023 09:55 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 19 Jun 2023 09:55 PM IST
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थल (पिथौरागढ़)। तहसील मुख्यालय से पांच किमी दूर स्थित तड़ीगांव में 11 करोड़ की लागत से मोटर पुल तैयार हो गया है। पुल बन जाने से बेड़ीनाग ब्लॉक के 24 से अधिक गांव के लोगों को फायदा मिलेगा।
तड़ीगांव में 92 मीटर लंबा और छह मीटर चौड़ा पुल बनकर तैयार है। इससे रामगंगा पार वाले गांव डांगीगांव, थर्प, माछीखेत, रुईनाथल, उपराड़ा पाठक, पुरानाथल, गड़तिर, बेलकोट, बाफिला बड़ैत, हड़ियात, बलगड़ी, खनात और काली विनायक समेत बेड़ीनाग के ग्रामीणों को लाभ होगा। जिला मुख्यालय जाने के लिए बेड़ीनाग क्षेत्र के ग्रामीणों को अब वाया उडियारी बैंड से होकर 40 से 60 किमी का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। इससे जहां समय की बचत होगी धन भी बचेगा।
यही नहीं चर्मा, चौबाटी, ओगला, थल, मुवानी, नाचनी से हल्द्वानी जाने वाले लोगों को भी इस पुल का बड़ा फायदा मिलेगा। 35 साल पूर्व रामगंगा के किनारे इन गांवों में सड़क पहुंच चुकी थी। बावजूद इसके इन गांवों को जोड़ने के लिए रामगंगा में पुल नहीं होने से ग्रामीणों को विषम भौगोलिक परिस्थिति से गुजरना पड़ता था।
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जिला पंचायत सदस्य नंदन बाफिला ने कहा कि रामगंगा के नजदीक बसने वाले इन गांवों के लिए यह पुल जीवन रेखा का मुख्य आधार साबित होगा। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पुल का लोकार्पण करेंगे। इस दौरान उनके साथ राजेंद्र सिंह डांगी, लक्ष्मण सिंह, ललित सिंह, पुष्कर सिंह, लेखराज सिंह, भूपेंद्र डांगी, तुलसी देवी, नारायण सिंह, दीवान सिंह, तेज सिंह आदि ग्रामीण मौजूद थे।
फोटो 19 पीटीएच 09 पी- थल के तड़ीगांव में बने मोटर पुल से गुजरते लोग। संवाद
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सेना पर लगाया रास्ता रोकने का आरोप, ज्ञापन सौंपा
पिथौरागढ़। भड़कटिया के ग्रामीणों ने सेना पर रास्ता रोकने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर रास्ता खुलवाने की मांग की है।
सोमवार को डीएम कार्यालय पहुंचे भड़कटिया के ग्रामीणों का कहना था कि रास्ता बंद होने से भड़कटिया, कोटली, सिमखोला, बरडी़गांव, दिगांस, खतेड़ा, सिमलकोट, खड़ायत गांव, रिखाई, तिपुलकोट, विलई और सौनगांव भाटीगांव के लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। यहां के लोगों को सेना अस्पताल, ब्रिगेड कैंटीन आने में दिक्कत हो रही है। साथ ही स्कूली बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों को भवन निर्माण सामग्री ले जाने में भी दिक्कतें हो रही हैं। सेना ने पूर्व में रास्ता बंद नहीं करने का आश्वासन दिया था। इसके बाद भी रास्ता बंद कर दिया गया है। ग्रामीणों ने शीघ्र रास्ता खुलवाने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में पूर्व कनिष्ठ प्रमुख जगदीश ओली, सीमा भट्ट आदि मौजूद रहे। संवाद
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ज्ञानखेड़ा-आमबाग संपर्क मार्ग निर्माण की मांग, ज्ञापन सौंपा
संवाद न्यूज एजेंसी
टनकपुर (चंपावत)। ज्ञानखेड़ा-आमबाग संपर्क मार्ग निर्माण की मांग को लेकर एक बार फिर ग्रामीणों ने सीएम कैंप कार्यालय में ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने भूमि हस्तांतरण की कार्यवाही तक बरसात से पूर्व मार्ग को वैकल्पिक रूप से तैयार कर आवाजाही के लिए सुगम बनाने की मांग की है। चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं हुई तो वे फिर आंदोलन की राह पकड़ेंगे।
ग्रामीण लंबे समय से ज्ञानखेड़ा-आमबाग संपर्क मार्ग निर्माण की मांग कर रहे हैं लेकिन वन भूमि के पेंच से मार्ग निर्माण में दिक्कत आ रही है। सात वर्ष पूर्व कांग्रेस के शासन में मार्ग में आरबीएम डाला गया था। उसके बाद से मार्ग निर्माण की कार्रवाई अधर में है। सड़क के लिए संघर्ष समिति गठित कर ग्रामीण कर बार आंदोलन कर चुके हैं लेकिन सड़क नहीं बन पाई है। ग्रामीणों का कहना है कि शासन-प्रशासन की ओर से हर बार आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला।
बीती 20 अप्रैल को आंदोलित होने पर सीएम कैंप कार्यालय के नोडल अधिकारी केएस बृजवाल की ओर से भूमि हस्तांतरण की कार्रवाई पूरी होने तक बरसात से पूर्व आरबीएम डालकर सड़क को आवाजाही के लिए सुगम बनाने का आश्वासन मिला था। अभी तक सड़क में पांच-छह गाड़ी आरबीएम डंप किया गया है लेकिन उसे बिछाया नहीं गया है। कहा है कि मार्ग को आवाजाही के लिए सुगम नहीं बनाया गया तो अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में संघर्ष समिति अध्यक्ष पूरन राम आर्य, हयात सिंह बिष्ट, ग्राम प्रधान नरी राम, बीडीसी सदस्य गीता सेठी, अशोक पाल, पूर्व बीडीसी सदस्य हरिओम सेठी, मोहनपुर की प्रधान राधिका चंद, सुभाष चंद आदि शामिल रहे।
फोटो 19 टीएनपी 04 पी।
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नौ साल में पिथौरागढ़-अल्मोड़ा संसदीय क्षेत्र बदहाल : पांडेय
पिथौरागढ़। कांग्रेस के लोकसभा क्षेत्र प्रभारी भुवन पांडेय ने केंद्र सरकार के नौ साल को बेमिसाल कहने पर चुटकी ली है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार नौ सालों को बेमिसाल मान रही है लेकिन वर्ष 2014 के बाद पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, चंपावत, बागेश्वर संसदीय क्षेत्र को कुछ भी नहीं मिला। चीन और नेपाल सीमा से सटे पिथौरागढ़ जिले के लोग वर्ष 1992 से अभी तक हवाई सेवा शुरू होने का सपना देख रहे हैं। लोकसभा चुनाव 2024 के आने में अब कुछ ही समय बचा हुआ है। चुनाव को देखते हुए फिर हलचल शुरू हो गई हैं। उन्होंने कहा कि रई झील आज तक नहीं बन पाई। पासपोर्ट कार्यालय, मेडिकल कॉलेज भी अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। इसके बाद भी केंद्र सरकार नौ साल को बेमिसाल बता रही है। नौ साल में पूरा संसदीय क्षेत्र बदहाल हुआ है। इसकी जिम्मेदार केंद्र सरकार है। संवाद
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तड़ीगांव में 92 मीटर लंबा और छह मीटर चौड़ा पुल बनकर तैयार है। इससे रामगंगा पार वाले गांव डांगीगांव, थर्प, माछीखेत, रुईनाथल, उपराड़ा पाठक, पुरानाथल, गड़तिर, बेलकोट, बाफिला बड़ैत, हड़ियात, बलगड़ी, खनात और काली विनायक समेत बेड़ीनाग के ग्रामीणों को लाभ होगा। जिला मुख्यालय जाने के लिए बेड़ीनाग क्षेत्र के ग्रामीणों को अब वाया उडियारी बैंड से होकर 40 से 60 किमी का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। इससे जहां समय की बचत होगी धन भी बचेगा।
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यही नहीं चर्मा, चौबाटी, ओगला, थल, मुवानी, नाचनी से हल्द्वानी जाने वाले लोगों को भी इस पुल का बड़ा फायदा मिलेगा। 35 साल पूर्व रामगंगा के किनारे इन गांवों में सड़क पहुंच चुकी थी। बावजूद इसके इन गांवों को जोड़ने के लिए रामगंगा में पुल नहीं होने से ग्रामीणों को विषम भौगोलिक परिस्थिति से गुजरना पड़ता था।
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जिला पंचायत सदस्य नंदन बाफिला ने कहा कि रामगंगा के नजदीक बसने वाले इन गांवों के लिए यह पुल जीवन रेखा का मुख्य आधार साबित होगा। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पुल का लोकार्पण करेंगे। इस दौरान उनके साथ राजेंद्र सिंह डांगी, लक्ष्मण सिंह, ललित सिंह, पुष्कर सिंह, लेखराज सिंह, भूपेंद्र डांगी, तुलसी देवी, नारायण सिंह, दीवान सिंह, तेज सिंह आदि ग्रामीण मौजूद थे।
फोटो 19 पीटीएच 09 पी- थल के तड़ीगांव में बने मोटर पुल से गुजरते लोग। संवाद
सेना पर लगाया रास्ता रोकने का आरोप, ज्ञापन सौंपा
पिथौरागढ़। भड़कटिया के ग्रामीणों ने सेना पर रास्ता रोकने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर रास्ता खुलवाने की मांग की है।
सोमवार को डीएम कार्यालय पहुंचे भड़कटिया के ग्रामीणों का कहना था कि रास्ता बंद होने से भड़कटिया, कोटली, सिमखोला, बरडी़गांव, दिगांस, खतेड़ा, सिमलकोट, खड़ायत गांव, रिखाई, तिपुलकोट, विलई और सौनगांव भाटीगांव के लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। यहां के लोगों को सेना अस्पताल, ब्रिगेड कैंटीन आने में दिक्कत हो रही है। साथ ही स्कूली बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों को भवन निर्माण सामग्री ले जाने में भी दिक्कतें हो रही हैं। सेना ने पूर्व में रास्ता बंद नहीं करने का आश्वासन दिया था। इसके बाद भी रास्ता बंद कर दिया गया है। ग्रामीणों ने शीघ्र रास्ता खुलवाने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में पूर्व कनिष्ठ प्रमुख जगदीश ओली, सीमा भट्ट आदि मौजूद रहे। संवाद
ज्ञानखेड़ा-आमबाग संपर्क मार्ग निर्माण की मांग, ज्ञापन सौंपा
संवाद न्यूज एजेंसी
टनकपुर (चंपावत)। ज्ञानखेड़ा-आमबाग संपर्क मार्ग निर्माण की मांग को लेकर एक बार फिर ग्रामीणों ने सीएम कैंप कार्यालय में ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने भूमि हस्तांतरण की कार्यवाही तक बरसात से पूर्व मार्ग को वैकल्पिक रूप से तैयार कर आवाजाही के लिए सुगम बनाने की मांग की है। चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं हुई तो वे फिर आंदोलन की राह पकड़ेंगे।
ग्रामीण लंबे समय से ज्ञानखेड़ा-आमबाग संपर्क मार्ग निर्माण की मांग कर रहे हैं लेकिन वन भूमि के पेंच से मार्ग निर्माण में दिक्कत आ रही है। सात वर्ष पूर्व कांग्रेस के शासन में मार्ग में आरबीएम डाला गया था। उसके बाद से मार्ग निर्माण की कार्रवाई अधर में है। सड़क के लिए संघर्ष समिति गठित कर ग्रामीण कर बार आंदोलन कर चुके हैं लेकिन सड़क नहीं बन पाई है। ग्रामीणों का कहना है कि शासन-प्रशासन की ओर से हर बार आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला।
बीती 20 अप्रैल को आंदोलित होने पर सीएम कैंप कार्यालय के नोडल अधिकारी केएस बृजवाल की ओर से भूमि हस्तांतरण की कार्रवाई पूरी होने तक बरसात से पूर्व आरबीएम डालकर सड़क को आवाजाही के लिए सुगम बनाने का आश्वासन मिला था। अभी तक सड़क में पांच-छह गाड़ी आरबीएम डंप किया गया है लेकिन उसे बिछाया नहीं गया है। कहा है कि मार्ग को आवाजाही के लिए सुगम नहीं बनाया गया तो अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में संघर्ष समिति अध्यक्ष पूरन राम आर्य, हयात सिंह बिष्ट, ग्राम प्रधान नरी राम, बीडीसी सदस्य गीता सेठी, अशोक पाल, पूर्व बीडीसी सदस्य हरिओम सेठी, मोहनपुर की प्रधान राधिका चंद, सुभाष चंद आदि शामिल रहे।
फोटो 19 टीएनपी 04 पी।
नौ साल में पिथौरागढ़-अल्मोड़ा संसदीय क्षेत्र बदहाल : पांडेय
पिथौरागढ़। कांग्रेस के लोकसभा क्षेत्र प्रभारी भुवन पांडेय ने केंद्र सरकार के नौ साल को बेमिसाल कहने पर चुटकी ली है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार नौ सालों को बेमिसाल मान रही है लेकिन वर्ष 2014 के बाद पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, चंपावत, बागेश्वर संसदीय क्षेत्र को कुछ भी नहीं मिला। चीन और नेपाल सीमा से सटे पिथौरागढ़ जिले के लोग वर्ष 1992 से अभी तक हवाई सेवा शुरू होने का सपना देख रहे हैं। लोकसभा चुनाव 2024 के आने में अब कुछ ही समय बचा हुआ है। चुनाव को देखते हुए फिर हलचल शुरू हो गई हैं। उन्होंने कहा कि रई झील आज तक नहीं बन पाई। पासपोर्ट कार्यालय, मेडिकल कॉलेज भी अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। इसके बाद भी केंद्र सरकार नौ साल को बेमिसाल बता रही है। नौ साल में पूरा संसदीय क्षेत्र बदहाल हुआ है। इसकी जिम्मेदार केंद्र सरकार है। संवाद