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Pithoragarh News: नेपाल के लिए दूसरा मोटर पुल तैयार नहीं, तैयारी तीसरे की
Wed, 19 Apr 2023 11:24 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 19 Apr 2023 11:24 PM IST
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झूलाघाट में प्रस्तावित मोटर पुल का स्थलीय निरीक्षण करते अभियंता। संवाद
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झूलाघाट (पिथौरागढ़)। कुमाऊं से नेपाल जाने के लिए अभी एक ही मोटर पुल बनबसा में है। 2022 में दूसरे पुल का निर्माण छारछुम में शुरू तो हुआ, लेकिन इसका काम अभी पूरा भी नहीं हुआ। अब झूलाघाट कस्बे में काली नदी पर तीसरे पुल को बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इस पुल के निर्माण के लिए प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। इस नए पुल को लेकर अल्मोड़ा से पहुंचे लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) के मुख्य अभियंता ओमप्रकाश ने टीम के साथ पुल निर्माण के लिए स्थलों का निरीक्षण किया।
टीम ने भारत में झूलाघाट स्थित एसएसबी कैंप के ऊपर झूलाघाट से तीन किलोमीटर पिथौरागढ़ की ओर और नेपाल के दशरथ चंद नगरपालिका आठ स्थित जीप टैक्सी स्टैंड के ऊपर नेपाल सशस्त्र बल के सामने जाकर स्थलीय निरीक्षण किया। टीम में मुख्य अभियंता के अलावा, ईई एमसी तिवारी सहायक अभियंता संजय वर्मा, कनिष्ठ अभियंता वेद प्रकाश एवं गोपाल दत्त भट्ट भी शामिल थे।
सिर्फ बनबसा पुल से ही वैध है वाहनों की आवाजाही
कुमाऊं से नेपाल के लिए अब तक सिर्फ बनबसा से लगी नेपाल सीमा पर बने पुल से ही वाहनों की वैधानिक आवाजाही होती है। हालांकि, टनकपुर सीमा पर बने पुल से एनएचपीसी की अनुमति लेकर आवाजाही की जा सकती है लेकिन यह आम आदमी के लिए नहीं है। इसमें पैदल आवाजाही की जा सकती है।
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झूलाघाट से नेपाल के लिए सिर्फ एक झूलापुल
झूलाघाट से नेपाल के बीच आवाजाही के लिए केवल एक झूलापुल है। यह पुल 1816 सुगौली संधि के समय का है। झूलाघाट कस्बा भारत-नेपाल के बीच व्यापारिक संबंधों का मुख्य केंद्र रहा है। दोनों देशों के लोगों के बीच रोटी बेटी के रिश्ते होने के कारण प्रतिदिन लोगों की आवाजाही बनी रहती है। इस कारण झूलाघाट कस्बे में मोटर पुल की मांग वर्षों से उठती रही है।
झूलाघाट मोटर पुल का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। मोटर पुल की अनुमानित लागत 457 करोड़ आंकी गई है। पुल बनाने से पहले सर्वे का कार्य, फाइनल डीपीआर, पुल निर्माण में आने वाली जमीन के मुआवजा के लिए बीस करोड़ का प्रस्ताव बनाया गया है। -एमसी तिवारी, अधिशासी अभियंता (प्रांतीय खंड लोनिवि)
नेपाल एनओसी दे देता तो 2006 में ही बन जाता मोटर पुल
झूलाघाट (पिथौरागढ़)। यदि नेपाल ने अनापत्ति दे दी होती तो झूलाघाट में मोटर पुल का निर्माण 2006 में ही हो जाता। लोनिवि के सहायक अभियंता संजय वर्मा ने बताया कि 2006 में झूलाघाट में भारत-नेपाल को जोड़ने के लिए मोटर पुल बनाने की कार्यवाही शुरू हुई थी लेकिन नेपाल ने स्वीकृति नहीं दी। इस पुल की प्रस्तावित लंबाई 105 मीटर थी। यह पुल पंचेश्वर बांध के डूब क्षेत्र में आ रहा था। इसके बाद 2017 में एक बार फिर कवायद शुरू हुई लेकिन बात आगे नहीं बढ़ सकी।
झूलापुल पर उग आई हैं झाड़ियां
झूलाघाट (पिथौरागढ़)। टीम ने झूलापुल का भी निरीक्षण किया। अभियंता एमसी तिवारी ने बताया कि पुल पर भारत और नेपाल की ओर छोटी-छोटी झाड़ियां उग गईं हैं। इनसे पुल को नुकसान होने की आशंका है। इन झाड़ियों को हटाया जाएगा। पुल की सड़ चुकी लकड़ी को बदला जाएगा। संवाद
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टीम ने भारत में झूलाघाट स्थित एसएसबी कैंप के ऊपर झूलाघाट से तीन किलोमीटर पिथौरागढ़ की ओर और नेपाल के दशरथ चंद नगरपालिका आठ स्थित जीप टैक्सी स्टैंड के ऊपर नेपाल सशस्त्र बल के सामने जाकर स्थलीय निरीक्षण किया। टीम में मुख्य अभियंता के अलावा, ईई एमसी तिवारी सहायक अभियंता संजय वर्मा, कनिष्ठ अभियंता वेद प्रकाश एवं गोपाल दत्त भट्ट भी शामिल थे।
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सिर्फ बनबसा पुल से ही वैध है वाहनों की आवाजाही
कुमाऊं से नेपाल के लिए अब तक सिर्फ बनबसा से लगी नेपाल सीमा पर बने पुल से ही वाहनों की वैधानिक आवाजाही होती है। हालांकि, टनकपुर सीमा पर बने पुल से एनएचपीसी की अनुमति लेकर आवाजाही की जा सकती है लेकिन यह आम आदमी के लिए नहीं है। इसमें पैदल आवाजाही की जा सकती है।
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झूलाघाट से नेपाल के लिए सिर्फ एक झूलापुल
झूलाघाट से नेपाल के बीच आवाजाही के लिए केवल एक झूलापुल है। यह पुल 1816 सुगौली संधि के समय का है। झूलाघाट कस्बा भारत-नेपाल के बीच व्यापारिक संबंधों का मुख्य केंद्र रहा है। दोनों देशों के लोगों के बीच रोटी बेटी के रिश्ते होने के कारण प्रतिदिन लोगों की आवाजाही बनी रहती है। इस कारण झूलाघाट कस्बे में मोटर पुल की मांग वर्षों से उठती रही है।
झूलाघाट मोटर पुल का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। मोटर पुल की अनुमानित लागत 457 करोड़ आंकी गई है। पुल बनाने से पहले सर्वे का कार्य, फाइनल डीपीआर, पुल निर्माण में आने वाली जमीन के मुआवजा के लिए बीस करोड़ का प्रस्ताव बनाया गया है। -एमसी तिवारी, अधिशासी अभियंता (प्रांतीय खंड लोनिवि)
नेपाल एनओसी दे देता तो 2006 में ही बन जाता मोटर पुल
झूलाघाट (पिथौरागढ़)। यदि नेपाल ने अनापत्ति दे दी होती तो झूलाघाट में मोटर पुल का निर्माण 2006 में ही हो जाता। लोनिवि के सहायक अभियंता संजय वर्मा ने बताया कि 2006 में झूलाघाट में भारत-नेपाल को जोड़ने के लिए मोटर पुल बनाने की कार्यवाही शुरू हुई थी लेकिन नेपाल ने स्वीकृति नहीं दी। इस पुल की प्रस्तावित लंबाई 105 मीटर थी। यह पुल पंचेश्वर बांध के डूब क्षेत्र में आ रहा था। इसके बाद 2017 में एक बार फिर कवायद शुरू हुई लेकिन बात आगे नहीं बढ़ सकी।
झूलापुल पर उग आई हैं झाड़ियां
झूलाघाट (पिथौरागढ़)। टीम ने झूलापुल का भी निरीक्षण किया। अभियंता एमसी तिवारी ने बताया कि पुल पर भारत और नेपाल की ओर छोटी-छोटी झाड़ियां उग गईं हैं। इनसे पुल को नुकसान होने की आशंका है। इन झाड़ियों को हटाया जाएगा। पुल की सड़ चुकी लकड़ी को बदला जाएगा। संवाद