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एक लाख से अधिक लोग बने डोले के साक्षी
राजेश पंगरिया/अमर उजाला, त्रिपुरा सुंदरी (नेपाल)
Updated Fri, 16 Nov 2018 10:38 PM IST
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नेपाल के त्रिपुरा सुंदरी मेले में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
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आस्था और भक्ति का प्रतीक नेपाल के बैतड़ी जिले का प्रसिद्ध त्रिपुरा सुंदरी मेला हर्षोल्लास के साथ संपन्न हो गया है। बड़ी जात के दिन एक लाख से अधिक लोग मंदिर पहुंचे। नेपाल में बलि प्रथा होने के कारण 122 भैंसों और 500 से अधिक बकरियों की बलि दी गई। मेले में सुरक्षा के लिए नेपाल पुलिस एवं सशस्त्र प्रहरी बल के 100 जवान मौजूद थे।
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भैयादूज के आठ दिन बाद लगने वाले नेपाल के प्रसिद्ध त्रिपुरा सुंदरी मेले में विभिन्न शहरों से लेकर भारत से भी सैकड़ों लोग शामिल हुए। शुक्रवार सुबह नौ बजे माता का साज-सज्जा का सामान लेकर भक्त मायके कापड़ी गांव गए। डोले के आगे नर्तकियां ढोल-नगाड़ों के साथ नृत्य करते हुए चल रही थीं। देव कन्याएं चंवर हिलाते हुए डोले की शोभा बढ़ा रही थीं। भक्त त्रिशूल, चांदी और सोने की छड़ों के साथ चल रहे थे। मंदिर के पुजारी विष्णु दत्त लेखक ने बताया कि पूजा-अर्चना के बाद सामग्री लेकर भक्त वापस मंदिर में आते हैं। आते समय डोले के साथ चल रहे भक्त एक-दूसरे को गाली देने लगते हैं। कहा जाता है कि प्राचीन काल में डोला आते समय रास्ते में श्याम रजवार राजा का किला पड़ता था। राजा मां भगवती को नहीं मानता था बाद में प्रजा ने उसका तख्ता पलट कर दिया। इसीलिए आज भी लोग गाली देकर राजा को कोसते हैं।
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मंदिर में लौटने और शृंगार के बाद माता की सवारी ऊंचे स्थान पर बने मंच में जाती है। वहां पर पुजारी लक्ष्मी दत्त भट्ट भक्तों को आशीर्वाद देते हैं। इसी के साथ भैंसों की बलि शुरू हो जाती है। मेला संयुक्त राष्ट्रसंघ की आठवीं सूची में पंक्तिबद्ध है। मथुरा के कन्हैया लाल, हाथरस के श्रीराम, मुरसान के प्रेमप्रकाश, ओमप्रकाश ने कहां कि मेले में इस बार पिछले वर्ष की तुलना बिक्री ज्यादा हुई। सुरक्षा के लिए बैतड़ी प्रहरी निरीक्षक कांति राज जोशी के साथ प्रहरी जवान मौजूद थे। मेले को संपन्न कराने में लाल सिंह मौनी, मोहन सिंह मौनी, चंद्र सिंह धामी, इंद्र सिंह धामी, किशन सिंह थापा, प्रकाश थापा ने सहयोग किया।
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चढ़ावा होता है रजिस्टर में अंकित
त्रिपुरा सुंदरी (नेपाल)। यहां के मंदिर में प्रत्येक पर्व पर 10 रुपये अधिक का चढ़ावा अटक (रजिस्टर) में अंकित होता है। अंकित करने का काम जनक राज भट्ट एवं लेखा जोखे का काम पद्म चंद करते हैं। इन रुपयों से पूजा के सभी काम के अलावा देश-विदेश में रहने वाले नेपाल के लोग डेढ़ प्रतिशत ब्याज पर कर्ज भी ले सकते हैं। इसीलिए नेपाल के उद्योगपति भी आशीर्वाद स्वरूप कर्ज लेते हैं।
दर्शनार्थियों के लिए बनेगा मोटर पुल
त्रिपुरा सुंदरी (नेपाल)। मेले में आए नेपाल सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं वर्तमान बैतड़ी सांसद दामोदर भंडारी ने कहा कि मेले में आने वाले दर्शनार्थियों के लिए जल्द ही झूलाघाट में मोटर पुल का निर्माण शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के बीच रोटी-बेटी के संबंध है। इन संबंधों को बनाए रखने के लिए शीघ्र ही पुल का काम शुरू होगा। पुल की डीपीआर बन चुकी है।
यातायात व्यवस्था चाक चौबंद थी
झूलाघाट। मेले में भारत से भी सैकड़ों लोग जाते है। इसी को देखते हुए थाना पुलिस ने सभी वाहनों का बाजार में प्रवेश वर्जित किया था। थाना प्रभारी टीएस राणा खुद सड़क पर वाहनों को सही तरीके से लगाने के लिए चालकों से विनती करते दिखाई दे रहे थे।