उत्तराखंड: बादलों ने मचाई बर्बादी, मुनस्यारी में 35 से अधिक मकान आ गए खतरे की जद में
मदकोट-दारमा मोटर मार्ग के पार गोरी में सड़क क्षतिग्रस्त होने से लोग किसी तरह पानी और बोल्डरों को पार कर आवाजाही कर रहे हैं। पहाड़ी से जगह-जगह गिरते मलबे के बीच ये आवाजाही जोखिम भरी है।
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मुनस्यारी विकासखंड में रविवार रात हुई बारिश के बाद 35 मकान खतरे की जद में आ गए हैं। दो परिवारों को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है। छह परिवारों पर अब भी खतरा मंडरा रहा है। सूचना के बाद प्रशासन आपदा प्रभावितों की मदद के लिए रवाना हो चुका है। गोरी नदी में भारी मलबा आने से मालूपाती का पैदल पुल भी टूटने की कगार पर है। मुनस्यारी-जौलजीबी सड़क में दरांती के पास सैंणथल में सड़क का आधा हिस्सा गायब होने से आवाजाही ठप हो गई है।
क्षेत्र में भारी बारिश लोगों के लिए आफत लेकर आई। मदकोट-दारमा मोटर मार्ग के पार गोरी में सड़क क्षतिग्रस्त होने से लोग किसी तरह पानी और बोल्डरों को पार कर आवाजाही कर रहे हैं। पहाड़ी से जगह-जगह गिरते मलबे के बीच ये आवाजाही जोखिम भरी है।
मलबा आने से मुनस्यारी-चांदनी सड़क बंद है। मदकोट-बोना सड़क निरतोली के पास अवरुद्ध है। दरांती-दुम्मर सड़क भारी बारिश से बंद हो गई है। सोमवार को मालूपाती के रीठा में बार-बार हो रहे भूस्खलन से दो परिवारों को सुरक्षित जगह भेज दिया है। चट्टान के बार-बार टूटने से रीठा के छह परिवारों पर भी खतरा मंडराने लगा है। गैला पत्थरकोट में सात से आठ परिवार खतरे की जद में हैं।
बीमार को पीठ पर लादकर आठ किमी दूर अस्पताल पहुंचाया
'भारी बारिश के कारण मदकोट-दारमा सड़क जगह-जगह बंद होने के चलते परिवार वालों ने बीमार को पीठ पर लादकर आठ किमी दूर अस्पताल तक पहुंचाया। रविवार रात हुकम सिंह चिराल की अचानक तबियत खराब हो गई। बारिश के चलते उन्हें रात में अस्पताल ले जाना मुश्किल था। सुबह परिजनों ने उन्हें पीठ पर लादा और आठ किमी की पैदल दूरी तय कर प्राथमिक उपचार के लिए मदकोट पहुंचे।
बंगापानी में 32 परिवार खतरे में
बंगापानी तहसील की ग्राम पंचायत शिलिंग के तोक खरतोली में जगह-जगह भूस्खलन होने से 32 परिवार खतरे की जद में आ गए हैं। रास्ते, पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त हो गए हैं। पीड़ित परिवारों का कहना है अगर ऐसे ही बारिश होती रही तो खरतोली में रहना मुश्किल हो जाएगा।
झूलाघाट में महाकाली उफान पर
जुम्मा में अतिवृष्टि और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के बाद महाकाली नदी उफान पर है। काली नदी के उफान पर आने से लगातार नदी किनारे भू कटाव हो रहा है। जिला प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को अलर्ट किया है। झूलाघाट में भी माइक लगाकर लोगों को चेतावनी दी जा रही है।
जौलजीबी में गोरी नदी का जल स्तर बढ़ने से नुकसान
रविवार रात जौलजीबी में गोरी नदी का जल स्तर अचानक बढ़ने से अहमद हुसैन पुत्र अली हसन की दो बकरियां बाड़े में जल भराव होने से मर गई। टीवी मैकेनिक जुनैद अहमद पुत्र जहूर अहमद के स्टोर में पानी भरने से रिपेयर के लिए रखे टीवी सेट भी पानी में डूब गए। अधिक बारिश से सोहन राम पुत्र दानी राम के घर के आगे की दीवार गिर गई। इससे मकान को खतरा हो गया है। व्यापार संघ अध्यक्ष धीरेंद्र धर्मशक्तू ने कहा, यदि समय रहते आपदा कंट्रोल रूम से सूचना मिल गई होती तो शायद बकरियों, टीवी रिपेयर की दुकान को इतना नुकसान नहीं होता। जौलजीबी मेला स्थल तक पानी भर गया। कहा कि अगर संचार सुविधा सही होती तो जानकारी समय पर दी जा सकती थी।