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जिला अस्पताल पिथौरागढ़ में पांच सालों में बढ़ा रेफर रोगियों का प्रतिशत
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पिथौरागढ़। युवा शोधार्थियों के स्वतंत्र समूह उत्तराखंड रिसर्च ग्रुप ने उत्तराखंड के जिला चिकित्सालयों और जिला महिला चिकित्सालयों पर पिछले छह माह में तैयार की गई एक शोध रिपोर्ट तैयार की है। शोधार्थियों ने 300 से अधिक सूचना का अधिकार आवेदन पत्रों के माध्यम से सभी जिला चिकित्सा केंद्रों से जुड़ी जानकारी जुटाई है। साथ ही उत्तराखंड की सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं पर आई नीति आयोग, सीएजी (कैग) रिपोर्ट सहित अन्य सरकारी और गैर सरकारी रिपोर्टों का भी संज्ञान लिया है। शोधार्थियों ने जिला चिकित्सालय में प्रतिवर्ष ओपीडी मरीजों की संख्या में होती वृद्धि और उसकी तुलना में चिकित्सकों के उपलब्ध पदों, बढ़ते रेफर आउट रेट पर केंद्रित एक रिपोर्ट सार्वजनिक की है। इसमें पिथौरागढ़ जिला अस्पताल से रेफर रोगियों की संख्या लगातार बढ़ी है जबकि चिकित्सकों के पदों में कमी हुई है।
इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड (आईएचपीसी) के मानकों के अनुसार जिला चिकित्सालय में आ रहे 85 प्रतिशत से 95 प्रतिशत चिकित्सकीय आवश्यकताओं की पूर्ति जिला चिकित्सालय में ही होनी चाहिए। जिला अस्पताल पिथौरागढ़ के आंतरिक रोग विभाग (आईपीडी) में आने वाले मरीजों की संख्या में वर्ष 2016 में 9269 रही। इस वर्ष जिला चिकित्सालय के आंतरिक रोग विभाग में उच्च चिकित्सा केंद्रों के लिए 1235 रोगी रेफर किए गए। इस वर्ष आईपीडी में आए मरीजों की संख्या 13.32 प्रतिशत थी। वर्ष 2017 में आईपीडी में आने वाले रोगियों की संख्या बढ़ी। मरीजों की संख्या बढ़कर 10743 हो गई। इस साल जिला अस्पताल से 1660 मरीजों को रेफर किया गया। रेफर किए मरीजों का प्रतिशत 15.45 रहा।
वर्ष 2018 आईपीडी में आने वाले मरीजों संख्या 9649 रही और इसके सापेक्ष 1408 मरीजों को रेफर किया, जो कुल आईपीडी मरीजों का 14.59 प्रतिशत है। वर्ष 2019 में आईपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या 8619 मरीजों की तुलना में 1522 मरीज उच्च केंद्रों को रेफर किया गया। इनका प्रतिशत पिछले वर्ष की तुलना में बढ़कर 17.65 रहा। वर्ष 2020 में कोरोना के कारण जिला अस्पताल आने वाले मरीजों की संख्या में कमी आई। वहीं रेफर मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई। वर्ष 2020 में आईपीडी में 5785 मरीजों के सापेक्ष 1328 मरीजों को उच्च केंद्रों को रेफर किया गया। जो इस वर्ष आईपीडी में आए रोगियों की संख्या का 22.95 प्रतिशत रहा।
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ओपीडी में मरीज वृद्धि चिकित्सकों की संख्या में कमी
पिथौरागढ़। जिला चिकित्सालय के बाह्य रोग विभाग (ओपीडी) में आने वाले मरीजों की संख्या में 2015 से 2018 के बीच में 32 प्रतिशत वृद्धि हुई है। इन्हीं वर्षों में उपलब्ध चिकित्सकों का प्रतिशत नीचे गिरता गया है। वर्ष 2015 में जिला चिकित्सालय की ओपीडी में 122745 मरीज आए। वर्ष 2016 में यह बढ़कर 124026 हो गई। वर्ष 2017 वर्ष 2016 की तुलना में 27.41 प्रतिशत वृद्धि के साथ मरीजों की संख्या 158025 हो गई है। वर्ष 2018 में 162750 मरीज ओपीडी में आए। वर्ष 2019 में ओपीडी में 143676 मरीज आए। वर्ष 2020 में कोरोना के कारण ओपीडी में रोगियों की संख्या में कमी दर्ज की गई। इस वर्ष रोगियों की संख्या 42472 रही जबकि रिक्त पद प्रतिशत पूर्व की तरह ही रहा।
वर्ष 2015 के बाद जिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी
पिथौरागढ़। वर्ष 2015 में जिला अस्पताल में चिकित्सकों के औसत सृजित पदों की संख्या 25 थी। यहां सिर्फ चिकित्सकों के चार पद खाली थे। चिकित्सकों के रिक्त पदों का प्रतिशत 16 था। वर्ष 2019 आते-आते खाली पद प्रतिशत बढ़कर 30 पर पहुंच चुका है। जिला अस्पताल में 2016 के सापेक्ष 2019 में चिकित्सकों के सृजित पदों की संख्या 25 से बढ़कर 30 हो गई है लेकिन कार्यरत चिकित्सकों की संख्या उतनी ही बनी रही। अभी जिला अस्पताल में चिकित्सकों के नौ पद खाली हैं।
जिला अस्पताल के आईपीडी में आने वाले रोगियों और रेफर रोगियों का प्रतिशत
वर्ष आईपीडी के मरीज रेफर रोगियों का प्रतिशत रेफरल आउट रेट प्रतिशत
2016 9269 1235 13.32%
2017 10743 1660 15.45%
2018 9649 1408 14.59%
2019 8619 1522 17.65%
2020 5785 1328 22.95%
पिछले पांच सालों में जिला अस्पताल पिथौरागढ़ के ओपीडी मरीज और चिकित्सकों के खाली पद
वर्ष ओपीडी में आए मरीज चिकित्सकों के रिक्त पद प्रतिशत में
2015 122745 16%
2016 124026- 19%
2017 158025 18%
2018 162750 25%
2019 143676 30%
2020 42472 30%
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इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड (आईएचपीसी) के मानकों के अनुसार जिला चिकित्सालय में आ रहे 85 प्रतिशत से 95 प्रतिशत चिकित्सकीय आवश्यकताओं की पूर्ति जिला चिकित्सालय में ही होनी चाहिए। जिला अस्पताल पिथौरागढ़ के आंतरिक रोग विभाग (आईपीडी) में आने वाले मरीजों की संख्या में वर्ष 2016 में 9269 रही। इस वर्ष जिला चिकित्सालय के आंतरिक रोग विभाग में उच्च चिकित्सा केंद्रों के लिए 1235 रोगी रेफर किए गए। इस वर्ष आईपीडी में आए मरीजों की संख्या 13.32 प्रतिशत थी। वर्ष 2017 में आईपीडी में आने वाले रोगियों की संख्या बढ़ी। मरीजों की संख्या बढ़कर 10743 हो गई। इस साल जिला अस्पताल से 1660 मरीजों को रेफर किया गया। रेफर किए मरीजों का प्रतिशत 15.45 रहा।
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वर्ष 2018 आईपीडी में आने वाले मरीजों संख्या 9649 रही और इसके सापेक्ष 1408 मरीजों को रेफर किया, जो कुल आईपीडी मरीजों का 14.59 प्रतिशत है। वर्ष 2019 में आईपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या 8619 मरीजों की तुलना में 1522 मरीज उच्च केंद्रों को रेफर किया गया। इनका प्रतिशत पिछले वर्ष की तुलना में बढ़कर 17.65 रहा। वर्ष 2020 में कोरोना के कारण जिला अस्पताल आने वाले मरीजों की संख्या में कमी आई। वहीं रेफर मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई। वर्ष 2020 में आईपीडी में 5785 मरीजों के सापेक्ष 1328 मरीजों को उच्च केंद्रों को रेफर किया गया। जो इस वर्ष आईपीडी में आए रोगियों की संख्या का 22.95 प्रतिशत रहा।
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ओपीडी में मरीज वृद्धि चिकित्सकों की संख्या में कमी
पिथौरागढ़। जिला चिकित्सालय के बाह्य रोग विभाग (ओपीडी) में आने वाले मरीजों की संख्या में 2015 से 2018 के बीच में 32 प्रतिशत वृद्धि हुई है। इन्हीं वर्षों में उपलब्ध चिकित्सकों का प्रतिशत नीचे गिरता गया है। वर्ष 2015 में जिला चिकित्सालय की ओपीडी में 122745 मरीज आए। वर्ष 2016 में यह बढ़कर 124026 हो गई। वर्ष 2017 वर्ष 2016 की तुलना में 27.41 प्रतिशत वृद्धि के साथ मरीजों की संख्या 158025 हो गई है। वर्ष 2018 में 162750 मरीज ओपीडी में आए। वर्ष 2019 में ओपीडी में 143676 मरीज आए। वर्ष 2020 में कोरोना के कारण ओपीडी में रोगियों की संख्या में कमी दर्ज की गई। इस वर्ष रोगियों की संख्या 42472 रही जबकि रिक्त पद प्रतिशत पूर्व की तरह ही रहा।
वर्ष 2015 के बाद जिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी
पिथौरागढ़। वर्ष 2015 में जिला अस्पताल में चिकित्सकों के औसत सृजित पदों की संख्या 25 थी। यहां सिर्फ चिकित्सकों के चार पद खाली थे। चिकित्सकों के रिक्त पदों का प्रतिशत 16 था। वर्ष 2019 आते-आते खाली पद प्रतिशत बढ़कर 30 पर पहुंच चुका है। जिला अस्पताल में 2016 के सापेक्ष 2019 में चिकित्सकों के सृजित पदों की संख्या 25 से बढ़कर 30 हो गई है लेकिन कार्यरत चिकित्सकों की संख्या उतनी ही बनी रही। अभी जिला अस्पताल में चिकित्सकों के नौ पद खाली हैं।
जिला अस्पताल के आईपीडी में आने वाले रोगियों और रेफर रोगियों का प्रतिशत
वर्ष आईपीडी के मरीज रेफर रोगियों का प्रतिशत रेफरल आउट रेट प्रतिशत
2016 9269 1235 13.32%
2017 10743 1660 15.45%
2018 9649 1408 14.59%
2019 8619 1522 17.65%
2020 5785 1328 22.95%
पिछले पांच सालों में जिला अस्पताल पिथौरागढ़ के ओपीडी मरीज और चिकित्सकों के खाली पद
वर्ष ओपीडी में आए मरीज चिकित्सकों के रिक्त पद प्रतिशत में
2015 122745 16%
2016 124026- 19%
2017 158025 18%
2018 162750 25%
2019 143676 30%
2020 42472 30%