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पिथौरागढ़ में दो फिजिशियन फिर भी उपचार के लिए इंतजार
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पिथौरागढ़। बीडी पांडेय जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। यहां रोजाना 800 से अधिक मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल में दो-दो फिजीशयन होने के बाद भी मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल रहा है। घंटों इंतजार के बाद मरीजों को बिना उपचार के लौटना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में मरीजों का बोझ बढ़ने से बेस अस्पताल के शीघ्र संचालन की मांग उठी है।
मुख्य फिजीशियन डॉ. एसएस कुंवर के कक्ष के बाहर बैठे मरीज और तीमारदार डॉक्टर के आने का इंतजार करते रहे जबकि दूसरे मुख्य फिजीशियन डॉ. डीएस धर्मशक्तू भर्ती मरीजों की जांच कर रहे थे। अस्पताल में अधिक मरीज भर्ती होने के कारण वार्ड के राउंड में देरी हो जाती है। ऐसे में फिजीशियन को दिखाने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई मरीज सुबह से टोकन लेकर वरिष्ठ फिजिशियन के आने का इंतजार करते दिखे। कक्ष के बाहर उनके छुट्टी में होने या उनके न होने की सूचना भी चस्पा नहीं थी। कक्ष का दरवाजा भी खुला था। ऐसे में मरीज उनके आने का इंतजार करते रहे। अंत में कई मरीज मायूस होकर लौट गए। पीएमएस डॉ. जेएस नबियाल ने सीसीटीवी फुटेज देखकर स्थिति का जायजा लिया।
वहीं जनमंच के संयोजक भगवान रावत और सुबोध बिष्ट का कहना है कि पूरे जिले के मरीजों का भार जिला अस्पताल पर है। चंपावत जिले के साथ ही पड़ोसी देश नेपाल से भी मरीज यहां आते हैं। बरसात में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। ऐसे में बेस अस्पताल में स्टाफ की तैनाती कर संचालन किया जाना चाहिए।
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फिजीशियन के कक्ष के बाद दो बजे तक भी लगी रही कतार
पिथौरागढ़। बुखार सहित अन्य मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण जिला अस्पताल में बुधवार को दो बजे तक भी मरीजों की भारी भीड़ रही। फिजीशियन डॉ. डीएस धर्मशक्तू के कक्ष के बाहर एक सौ से अधिक मरीज मौजूद थे। दो बजे तक वह मरीजों को देखते रहे।
वरिष्ठ फिजीशियन को दिखाने आए थे लेकिन उनका कक्ष का दरवाजा बंद था। घंटों इंतजार के बाद जब वह नहीं आए तो इमरजेंसी में दिखाना पड़ा। -
राजेंद्र, तीमारदार।
दो दिन से उपचार के लिए अस्पताल आ रही हूं लेकिन फिजीशियन को नहीं दिखा सकी हूं। फिजीशियन के छुट्टी पर होने की सूचना चस्पा की जानी चाहिए। - गीता, मरीज, पिथौरागढ़।
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मुख्य फिजीशियन डॉ. एसएस कुंवर के कक्ष के बाहर बैठे मरीज और तीमारदार डॉक्टर के आने का इंतजार करते रहे जबकि दूसरे मुख्य फिजीशियन डॉ. डीएस धर्मशक्तू भर्ती मरीजों की जांच कर रहे थे। अस्पताल में अधिक मरीज भर्ती होने के कारण वार्ड के राउंड में देरी हो जाती है। ऐसे में फिजीशियन को दिखाने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई मरीज सुबह से टोकन लेकर वरिष्ठ फिजिशियन के आने का इंतजार करते दिखे। कक्ष के बाहर उनके छुट्टी में होने या उनके न होने की सूचना भी चस्पा नहीं थी। कक्ष का दरवाजा भी खुला था। ऐसे में मरीज उनके आने का इंतजार करते रहे। अंत में कई मरीज मायूस होकर लौट गए। पीएमएस डॉ. जेएस नबियाल ने सीसीटीवी फुटेज देखकर स्थिति का जायजा लिया।
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वहीं जनमंच के संयोजक भगवान रावत और सुबोध बिष्ट का कहना है कि पूरे जिले के मरीजों का भार जिला अस्पताल पर है। चंपावत जिले के साथ ही पड़ोसी देश नेपाल से भी मरीज यहां आते हैं। बरसात में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। ऐसे में बेस अस्पताल में स्टाफ की तैनाती कर संचालन किया जाना चाहिए।
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फिजीशियन के कक्ष के बाद दो बजे तक भी लगी रही कतार
पिथौरागढ़। बुखार सहित अन्य मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण जिला अस्पताल में बुधवार को दो बजे तक भी मरीजों की भारी भीड़ रही। फिजीशियन डॉ. डीएस धर्मशक्तू के कक्ष के बाहर एक सौ से अधिक मरीज मौजूद थे। दो बजे तक वह मरीजों को देखते रहे।
वरिष्ठ फिजीशियन को दिखाने आए थे लेकिन उनका कक्ष का दरवाजा बंद था। घंटों इंतजार के बाद जब वह नहीं आए तो इमरजेंसी में दिखाना पड़ा। -
राजेंद्र, तीमारदार।
दो दिन से उपचार के लिए अस्पताल आ रही हूं लेकिन फिजीशियन को नहीं दिखा सकी हूं। फिजीशियन के छुट्टी पर होने की सूचना चस्पा की जानी चाहिए। - गीता, मरीज, पिथौरागढ़।