{"_id":"59ecc87d4f1c1b78548b872b","slug":"monal-came-out-in-khaliyopat","type":"story","status":"publish","title_hn":"खलियाटॉप में नजर आने लगा मोनाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खलियाटॉप में नजर आने लगा मोनाल
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Sun, 22 Oct 2017 10:04 PM IST
विज्ञापन
खलियाटॉप में विचरण करता नर मोनाल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
समुद्र सतह से 3500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित खलियाटॉप में इन दिनों मोनाल पक्षी काफी संख्या में दिखाई दे रहे हैं। मोनाल राज्य पक्षी घोषित है। पिछले दो वर्षों से खलियाटॉप एवं आसपास के इलाकों में पक्षी दर्शन (बर्ड वाचिंग) शिविर लगने और लोगों को जागरूक किए जाने से मोनाल के संरक्षण के प्रति चेतना बढ़ी है। इसके चलते अक्तूबर में भी बड़ी संख्या में मोनाल पक्षी नजर आ रहे हैं। भुजानी के जंगल में इनकी संख्या दो दर्जन से ज्यादा है।
विज्ञापन
मोनाल ज्यादा दूरी तक उड़ान नहीं भर पाता। लोगों को देखकर भागने वाला यह पक्षी 3000 मीटर से कम ऊंचाई पर नहीं आता। उच्च हिमालयी क्षेत्र में ठंड बढ़ने पर यह थोड़ा निचले इलाकों में उतर आता है। मोनाल संस्था के सचिव सुरेंद्र पंवार ने बताया कि पिछले वर्षों की तुलना में मोनाल पक्षी ज्यादा नजर आ रहे हैं। अक्तूबर में आमतौर पर निचले इलाकों में इस पक्षी के दर्शन दुर्लभ होते थे, लेकिन इस बार यह 15 अक्तूबर से ही नजर आने लगे हैं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि नर मोनाल ज्यादा खूबसूरत होते हैं। इनका वजन दो किलोग्राम से अधिक होता है। मादा मोनाल मटमैले रंग की होती है। इसका वजन दो किलो के आसपास रहता है। पिछले दिनों जानकारी मिली थी कि कुछ लोग मोनाल का शिकार कर रहे हैं, बावजूद इसके वन विभाग ने कोई कदम नहीं उठाया। वन रेंजर अनूप रौतेला ने कहा कि मोनाल का अवैध शिकार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन