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मोदी पलटा गए पिथौरागढ़ जिले में बाजी
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Sat, 11 Mar 2017 10:56 PM IST
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एक दूसरे को बधाई देते प्रकाश पंत और विशन सिंह चुफाल
- फोटो : अमर उजाला
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मतदान से ठीक तीन दिन पहले 12 फरवरी को पिथौरागढ़ के स्पोर्ट्स स्टेडियम में हुई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा में उमड़ी भीड़ को देखकर यह लगा था कि इस बार जिले में मोदी फैक्टर काम कर जाएगा। हुआ भी ऐसा ही। भाजपा ने जिले की चार सीटों में से तीन सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि 2012 के चुनाव में स्थिति ठीक विपरीत थी। तब भाजपा के पास सिर्फ एक सीट थी और तीन सीटों पर कांग्रेस ने कब्जा जमाया था।
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वैसे मोदी की सभा को पिथौरागढ़ में कराने के पीछे मुख्य मकसद यही था कि पिथौरागढ़ सीट को हॉट सीट की श्रेणी में रखा गया था। यहां से कांग्रेस के दिग्गज नेता मयूख महर मैदान में थे। भाजपा किसी भी सूरत में पिथौरागढ़ सीट जीतना चाहती थी और उसका असर पूरे जिले में डालने का प्रयास कर रही थी। मोदी की सभा से भाजपा के पक्ष में माहौल बना। मोदी ने हालांकि अपने भाषणों में स्थानीय मुद्दों को छूने की कोशिश नहीं की। उन्होंने अपना सारा भाषण वन रैंक वन पेंशन, नोटबंदी पर केंद्रित किया था, लेकिन सीमांत जिले के लोग मोदी के व्यक्तित्व से खासा प्रभावित हो गए।
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पीएम की सभा के बाद भाजपा का आत्मविश्वास ज्यादा बढ़ गया। महिलाओं और नौजवानों को प्रभावित करने में मोदी कामयाब हो गए। मोदी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जमकर हमला बोला। प्रदेश सरकार की नीतियों की आलोचना की। इसका असर आम लोगों पर पड़ गया। जिले की तीन सीटों पर भाजपा की जीत को लोग मोदी के असर के रूप में देख रहे हैं। इससे हार-जीत को लेकर अब तक लगाए जा रहे सारे अनुमान और कयास ध्वस्त हो गए हैं।
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