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नर हो या नारी हल्का हो या भारी 20 रुपये सवारी...
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विस्थापन की मांग को लेकर टांगा के आपदा प्रभावितों ने113 किमी दूर पिथौरागढ़ आकर प्रदर्शन किया।
- फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़। विस्थापन की मांग को लेकर टांगा के आपदा प्रभावितों ने 113 किमी दूर पिथौरागढ़ आकर प्रदर्शन किया। इस दौरान आपदा प्रभावितों ने शीघ्र मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
बृहस्पतिवार को विस्थापन की मांग को लेकर टांगा से आपदा प्रभावित डीएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने यहां सरकार के खिलाफ नारे लगाकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 20 जुलाई को आई आपदा में टांगा के तीन परिवार के 11 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रभावित परिवार प्राथमिक विद्यालय सेरा और मंडी भवन सेरा में रह रहे हैं। आपदा प्रभावितों का कहना है कि आपदा के इतना समय बीतने के बाद भी विस्थापन नहीं हो पाया है। आपदा प्रभावितों ने सरकार और प्रशासन से सुरक्षित स्थानों पर बसाने, हर परिवार को एक एकड़ कृषि भूमि, दो कमरों का मकान, किचन और बाथरूम की सुविधा देने की मांग की। आपदा प्रभावितों ने शीघ्र मांग पूरी न होने पर दी उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। इस मौके पर ग्राम प्रधान टांगा सुनीता देवी, भगत सिंह परिहार, दिनेश सिंह परिहार, देवेंद्र बथ्याल, मनोज कुमार सिंह, नंदन सिंह, सूरज सिंह, धीरज सिंह, नरेंद्र परिहार, जगदीश देवली, जगदीश बिष्ट, कैलाश सिंह, त्रिलोक सिंह, मुकुल धामी, विक्रम सिंह बथ्याल, कैलाश सिंह मेहरा मौजूद रहे।
पनखोली गांव में भूस्खलन से 12 मकान आए खतरे की जद में
पिथौरागढ़। भारी बारिश के कारण मूनाकोट ब्लॉक के पनखोली गांव में 12 मकान खतरे की जद में आ गए हैं। भूस्खलन के कारण गांव को जाने वाली विद्युत लाइन के दो पोल गिर गए हैं। जिससे गांव की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है।
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पनखोली गांव में भूस्खलन से हरी दत्त कापड़ी, भुवन चंद्र कापड़ी, बंशीधर, सुरेश चंद्र, दया किशन, भावना, ईश्वरी दत्त, गोविंद बल्लभ, गोपाल दत्त, गोविंद कापड़ी, जगदीश और परमानंद कापड़ी के घर को खतरा पैदा हो गया है। कई मकानों की सुरक्षा दीवार गिरने के साथ ही आंगन में दरारें आ गई हैं। ग्राम प्रधान पनखोली नवीन चंद्र कापड़ी ने बताया मुख्य सड़क में तलाब बन जाने से हल्की बारिश में पानी गांव में घुस रहा है। एसडीएम पिथौरागढ़ ने नुकसान का जायजा लेने के लिए टीम को भेज दी है। मूसलाधार बारिश से मड़खड़ायल में भी भूस्खलन हुआ है। भूस्खलन के कारण भगवान राम के मकान की छत और आंगन मलबे से पट गया। मकान के पीछे अभी भी भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। सूचना पर राजस्व उपनिरीक्षक ने मौका मुआयना कर क्षति की रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी है। प्रभावित परिवार ने प्रशासन से मुआवजा और भूस्खलन से सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की है।
नर हो या नारी, हल्का हो या भारी, 20 रुपये सवारी
पिथौरागढ़। सिलिंग के दीवानी राम 15 वर्ष की उम्र (1985) से हर वर्षाकाल में उफनाए ज्योलिगाड़ से लोगों को सुरक्षित पार करा रहे हैं। वह इस काम के लिए किसी व्यक्ति से पैसा नहीं लेते हैं। लेकिन किसी के पैसे देने पर वह मना भी नहीं करते हैं। उन्हें खतरों पर खेलकर उफनाते नाले पार कराने पर स्थानीय लोगों ने यमराज नाम दिया है। दीवानी राम का कहना है कि कुछ दिन पूर्व एक महिला ने ज्योलिगाड़ पार कराने और सामान पार कराने को कहा। जब उन्होंने महिला और उसके साथियों को पार करा दिया तब महिला ने उनसे पूछा कितना पैसा हुआ। तो यमराज ने कहा मैं किसी से इस काम के पैसे नहीं लेता। जब महिला जिद करने लगी तो यमराज ने शायराना अंदाज में जवाब देते हुए कहा, ‘नर हो या नारी, हल्का हो या भारी, 20 रुपये सवारी’। महिला ने उनकी शायरी को प्रभावित होकर 100 रुपये दिए और उनकी शायरी को डायरी में नोट किया।
मूल रूप से बंगापानी तहसील के सिल्लीगाड़ निवासी दीवानी राम 50 वर्ष की उम्र में भी हर वर्षाकाल में उफनाते ज्योलिगाड़ से लोगों को पार करा रहे हैं। वह वर्षाकाल में क्षेत्र के स्कूली बच्चों को पीठ पर बैठाकर नदी पार कराते हैं। यमराज बताते हैं कि पहले उनके पिता लोगों को गाड़ पार कराते थे। अब वह इसी काम को आगे बढ़ाकर लोगों की सेवा कर रहे हैं। बता दें कि मानसून काल में ज्योलिगाड़ के उफान में होने के कारण वाहन और लोग इस गाड़ को पार नहीं कर पाते हैं। यमराज सुबह 6 बजे से शाम पांच बजे तक वहां पर लोगों को निशुल्क गाड़ पार कराते हैं।
कई लोगों को बचा चुके हैं दीवानी राम
पिथौरागढ़। दीवानी राम अब तक 25 से अधिक लोगों को ज्योलिगाड़ में बहने से बचा चुके हैं। उन्होंने कहा उन्हें इस काम मजा आता है। इसलिए वह ये काम करते हैं। दीवानी राम के सेवाभाव को देखते ग्रामीणों ने उन्हें पिछले पंचायत चुनाव में सिलिंग का ग्राम प्रधान भी बनाया था। लोगों ने दीवानी राम के कार्यों की सराहना की है।
तवाघाट-सोबला सहित जिले की 21 सड़कें बंद
पिथौरागढ़। तवाघाट-सोबला सहित जिले की 21 सड़कें बंद हैं। इनमें अधिकतर सड़कें ग्रामीण क्षेत्र की हैं। बुधवार की देर शाम हुई मूसलाधार बारिश से भी कुछ सड़कों में मलबा आ गया है। धारचूला और मुनस्यारी क्षेत्र में ग्रामीण सड़कों के बंद होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मलबा आने से सात आंतरिक सड़कें बंद
चंपावत। जिले में बुधवार रात हुई भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। मलबा आने से ग्रामीण क्षेत्रों के सात आंतरिक मोटर मार्ग अवरुद्ध हो गए। राष्ट्रीय राजमार्ग में कीचड़ से वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना खंड सड़क से मलबा हटाने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। आपदा नियंत्रण कक्ष के अनुसार मलबा आने से अमोड़ी-छतकोट, झड़पतिया-टुंटाबिष्ट, बांकू-सुल्ला, खुटानी-रीठासाहिब, क्वारखोली-पम्दा, दयारतोली-मरोड़खान, लेटी-सीलिंग मोटर मार्ग बाधित हो गए हैं। चंपावत में 24 मिमी, बनबसा में नौ, पाटी में आठ लोहाघाट में छह मिमी बारिश हुई।
आपदाग्रस्त मोरी में लगा मेडिकल कैंप
धारचूला (पिथौरागढ़)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धारचूला के चिकित्साधिकारी डॉ. एमके जायसवाल के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग ने आपदा ग्रस्त मोरी में मेडिकल कैंप लगाया। इसमें 60 लोगों की जांच कर दवा दी गई। चिकित्साधिकारी डॉ. जायसवाल ने बताया कि ग्रामीणों को साधारण सर्दी जुकाम, बदन दर्द, एलर्जी जैसी तकलीफें थीं, जिनको जांच के बाद निशुल्क दवा बांटी गई है। एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला ने बताया कि ग्रामीणों ने मेडिकल कैंप लगाने की मांग की थी। कैंप में ग्रामीणों के स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का समाधान हुआ है। मेडिकल कैंप में ग्राम प्रधान नारायण सिंह टोलिया, किशन सिंह, मनोज सिंह, डॉ. गोतेंद्र सिंह, फार्मेसिस्ट राकेश चंद्र जोशी, गजेंद्र चंद्र, निशा आदि थे।
संगौड़ नायल बनतोली की सड़क शीघ्र खोली जाए
बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। संगौड़ नायल-बनतोली की सड़क पिछले माह से बंद है। इस कारण लोगों के लिए आवाजाही करना मुश्किल हो गया है। कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष दीपक नेवलिया ने लोनिवि के एई केएस नेगी को पत्र देकर सड़क खोलने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ जिले की एक मात्र चाय फैक्ट्री में सड़क बंद होने के कामगारों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है। उन्हें वहां पहुंचने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। कहा कि सड़क सुधार को लेकर कार्रवाई की जाए। इस दौरान सुमित धारियाल, पदी सिंह, सदानंद, हर्षित कुमार, सचिन मेहरा आदि थे।
कोविड ने रोजगार छीना, घर पहुंचे तो आपदा ने छीन लिया घर
पिथौरागढ़। कनालीछीना विकासखंड के लमड़ा गांव निवासी महेश उपाध्याय के परिवार पर परेशानियों का पहाड़ टूट पड़ा है। भीमताल के एक होटल में काम करने वाले महेश उपाध्याय का कोविड ने रोजगार छीन लिया। परिवार को लेकर गांव पहुंचे तो आपदा ने उनसे उनका घर भी छीन लिया। पीड़ित परिवार बड़े भाई के घर में शरण लिए है। पूरी तरह जर्जर यह मकान भी किसी समय ध्वस्त हो सकता है।
लमड़ा गांव निवासी महेश उपाध्याय पिछले कई सालों से भीमताल के एक होटल में कार्य करते थे। कोविड के कारण पर्यटकों की आवाजाही कम होने से उन्हें होटल की नौकरी छोड़कर घर आना पड़ा। वह पत्नी और दो बच्चों को लेकर घर पहुंचे तो आपदा में उनका मकान भी ध्वस्त हो गया था। महेश उपाध्याय का कहना है कि वह गांव इस आस से लौटे थे कि गांव में पशुपालन और खेती कर परिवार का भरण पोषण करेंगे। लेकिन घर पहुंचने के बाद उनका ये सपना भी टूट गया है। उनके तीन बच्चे हैं महेश अपनी बड़ी लड़की की पहले ही शादी करा चुके हैं। उनके दो लड़के हेमंत उपाध्याय और प्रदीप उपाध्याय पढ़ाई कर रहे हैं। परिवार के पास अब रहने का ठिकाना नहीं बचा हुआ है। महेश की पत्नी चंद्रकला उपाध्याय का कहना है कि गांव आकर पशुपालन करने को सोचा था लेकिन अब खुद के रहने के लिए घर नहीं है तो वो कैसे पशुपालन करेंगी। आप नेता हरीश उपाध्याय ने शासन-प्रशासन से परिवार को मदद करने की गुहार लगाई है।
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बृहस्पतिवार को विस्थापन की मांग को लेकर टांगा से आपदा प्रभावित डीएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने यहां सरकार के खिलाफ नारे लगाकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 20 जुलाई को आई आपदा में टांगा के तीन परिवार के 11 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रभावित परिवार प्राथमिक विद्यालय सेरा और मंडी भवन सेरा में रह रहे हैं। आपदा प्रभावितों का कहना है कि आपदा के इतना समय बीतने के बाद भी विस्थापन नहीं हो पाया है। आपदा प्रभावितों ने सरकार और प्रशासन से सुरक्षित स्थानों पर बसाने, हर परिवार को एक एकड़ कृषि भूमि, दो कमरों का मकान, किचन और बाथरूम की सुविधा देने की मांग की। आपदा प्रभावितों ने शीघ्र मांग पूरी न होने पर दी उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। इस मौके पर ग्राम प्रधान टांगा सुनीता देवी, भगत सिंह परिहार, दिनेश सिंह परिहार, देवेंद्र बथ्याल, मनोज कुमार सिंह, नंदन सिंह, सूरज सिंह, धीरज सिंह, नरेंद्र परिहार, जगदीश देवली, जगदीश बिष्ट, कैलाश सिंह, त्रिलोक सिंह, मुकुल धामी, विक्रम सिंह बथ्याल, कैलाश सिंह मेहरा मौजूद रहे।
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पनखोली गांव में भूस्खलन से 12 मकान आए खतरे की जद में
पिथौरागढ़। भारी बारिश के कारण मूनाकोट ब्लॉक के पनखोली गांव में 12 मकान खतरे की जद में आ गए हैं। भूस्खलन के कारण गांव को जाने वाली विद्युत लाइन के दो पोल गिर गए हैं। जिससे गांव की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है।
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पनखोली गांव में भूस्खलन से हरी दत्त कापड़ी, भुवन चंद्र कापड़ी, बंशीधर, सुरेश चंद्र, दया किशन, भावना, ईश्वरी दत्त, गोविंद बल्लभ, गोपाल दत्त, गोविंद कापड़ी, जगदीश और परमानंद कापड़ी के घर को खतरा पैदा हो गया है। कई मकानों की सुरक्षा दीवार गिरने के साथ ही आंगन में दरारें आ गई हैं। ग्राम प्रधान पनखोली नवीन चंद्र कापड़ी ने बताया मुख्य सड़क में तलाब बन जाने से हल्की बारिश में पानी गांव में घुस रहा है। एसडीएम पिथौरागढ़ ने नुकसान का जायजा लेने के लिए टीम को भेज दी है। मूसलाधार बारिश से मड़खड़ायल में भी भूस्खलन हुआ है। भूस्खलन के कारण भगवान राम के मकान की छत और आंगन मलबे से पट गया। मकान के पीछे अभी भी भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। सूचना पर राजस्व उपनिरीक्षक ने मौका मुआयना कर क्षति की रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी है। प्रभावित परिवार ने प्रशासन से मुआवजा और भूस्खलन से सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की है।
नर हो या नारी, हल्का हो या भारी, 20 रुपये सवारी
पिथौरागढ़। सिलिंग के दीवानी राम 15 वर्ष की उम्र (1985) से हर वर्षाकाल में उफनाए ज्योलिगाड़ से लोगों को सुरक्षित पार करा रहे हैं। वह इस काम के लिए किसी व्यक्ति से पैसा नहीं लेते हैं। लेकिन किसी के पैसे देने पर वह मना भी नहीं करते हैं। उन्हें खतरों पर खेलकर उफनाते नाले पार कराने पर स्थानीय लोगों ने यमराज नाम दिया है। दीवानी राम का कहना है कि कुछ दिन पूर्व एक महिला ने ज्योलिगाड़ पार कराने और सामान पार कराने को कहा। जब उन्होंने महिला और उसके साथियों को पार करा दिया तब महिला ने उनसे पूछा कितना पैसा हुआ। तो यमराज ने कहा मैं किसी से इस काम के पैसे नहीं लेता। जब महिला जिद करने लगी तो यमराज ने शायराना अंदाज में जवाब देते हुए कहा, ‘नर हो या नारी, हल्का हो या भारी, 20 रुपये सवारी’। महिला ने उनकी शायरी को प्रभावित होकर 100 रुपये दिए और उनकी शायरी को डायरी में नोट किया।
मूल रूप से बंगापानी तहसील के सिल्लीगाड़ निवासी दीवानी राम 50 वर्ष की उम्र में भी हर वर्षाकाल में उफनाते ज्योलिगाड़ से लोगों को पार करा रहे हैं। वह वर्षाकाल में क्षेत्र के स्कूली बच्चों को पीठ पर बैठाकर नदी पार कराते हैं। यमराज बताते हैं कि पहले उनके पिता लोगों को गाड़ पार कराते थे। अब वह इसी काम को आगे बढ़ाकर लोगों की सेवा कर रहे हैं। बता दें कि मानसून काल में ज्योलिगाड़ के उफान में होने के कारण वाहन और लोग इस गाड़ को पार नहीं कर पाते हैं। यमराज सुबह 6 बजे से शाम पांच बजे तक वहां पर लोगों को निशुल्क गाड़ पार कराते हैं।
कई लोगों को बचा चुके हैं दीवानी राम
पिथौरागढ़। दीवानी राम अब तक 25 से अधिक लोगों को ज्योलिगाड़ में बहने से बचा चुके हैं। उन्होंने कहा उन्हें इस काम मजा आता है। इसलिए वह ये काम करते हैं। दीवानी राम के सेवाभाव को देखते ग्रामीणों ने उन्हें पिछले पंचायत चुनाव में सिलिंग का ग्राम प्रधान भी बनाया था। लोगों ने दीवानी राम के कार्यों की सराहना की है।
तवाघाट-सोबला सहित जिले की 21 सड़कें बंद
पिथौरागढ़। तवाघाट-सोबला सहित जिले की 21 सड़कें बंद हैं। इनमें अधिकतर सड़कें ग्रामीण क्षेत्र की हैं। बुधवार की देर शाम हुई मूसलाधार बारिश से भी कुछ सड़कों में मलबा आ गया है। धारचूला और मुनस्यारी क्षेत्र में ग्रामीण सड़कों के बंद होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मलबा आने से सात आंतरिक सड़कें बंद
चंपावत। जिले में बुधवार रात हुई भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। मलबा आने से ग्रामीण क्षेत्रों के सात आंतरिक मोटर मार्ग अवरुद्ध हो गए। राष्ट्रीय राजमार्ग में कीचड़ से वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना खंड सड़क से मलबा हटाने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। आपदा नियंत्रण कक्ष के अनुसार मलबा आने से अमोड़ी-छतकोट, झड़पतिया-टुंटाबिष्ट, बांकू-सुल्ला, खुटानी-रीठासाहिब, क्वारखोली-पम्दा, दयारतोली-मरोड़खान, लेटी-सीलिंग मोटर मार्ग बाधित हो गए हैं। चंपावत में 24 मिमी, बनबसा में नौ, पाटी में आठ लोहाघाट में छह मिमी बारिश हुई।
आपदाग्रस्त मोरी में लगा मेडिकल कैंप
धारचूला (पिथौरागढ़)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धारचूला के चिकित्साधिकारी डॉ. एमके जायसवाल के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग ने आपदा ग्रस्त मोरी में मेडिकल कैंप लगाया। इसमें 60 लोगों की जांच कर दवा दी गई। चिकित्साधिकारी डॉ. जायसवाल ने बताया कि ग्रामीणों को साधारण सर्दी जुकाम, बदन दर्द, एलर्जी जैसी तकलीफें थीं, जिनको जांच के बाद निशुल्क दवा बांटी गई है। एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला ने बताया कि ग्रामीणों ने मेडिकल कैंप लगाने की मांग की थी। कैंप में ग्रामीणों के स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का समाधान हुआ है। मेडिकल कैंप में ग्राम प्रधान नारायण सिंह टोलिया, किशन सिंह, मनोज सिंह, डॉ. गोतेंद्र सिंह, फार्मेसिस्ट राकेश चंद्र जोशी, गजेंद्र चंद्र, निशा आदि थे।
संगौड़ नायल बनतोली की सड़क शीघ्र खोली जाए
बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। संगौड़ नायल-बनतोली की सड़क पिछले माह से बंद है। इस कारण लोगों के लिए आवाजाही करना मुश्किल हो गया है। कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष दीपक नेवलिया ने लोनिवि के एई केएस नेगी को पत्र देकर सड़क खोलने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ जिले की एक मात्र चाय फैक्ट्री में सड़क बंद होने के कामगारों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है। उन्हें वहां पहुंचने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। कहा कि सड़क सुधार को लेकर कार्रवाई की जाए। इस दौरान सुमित धारियाल, पदी सिंह, सदानंद, हर्षित कुमार, सचिन मेहरा आदि थे।
कोविड ने रोजगार छीना, घर पहुंचे तो आपदा ने छीन लिया घर
पिथौरागढ़। कनालीछीना विकासखंड के लमड़ा गांव निवासी महेश उपाध्याय के परिवार पर परेशानियों का पहाड़ टूट पड़ा है। भीमताल के एक होटल में काम करने वाले महेश उपाध्याय का कोविड ने रोजगार छीन लिया। परिवार को लेकर गांव पहुंचे तो आपदा ने उनसे उनका घर भी छीन लिया। पीड़ित परिवार बड़े भाई के घर में शरण लिए है। पूरी तरह जर्जर यह मकान भी किसी समय ध्वस्त हो सकता है।
लमड़ा गांव निवासी महेश उपाध्याय पिछले कई सालों से भीमताल के एक होटल में कार्य करते थे। कोविड के कारण पर्यटकों की आवाजाही कम होने से उन्हें होटल की नौकरी छोड़कर घर आना पड़ा। वह पत्नी और दो बच्चों को लेकर घर पहुंचे तो आपदा में उनका मकान भी ध्वस्त हो गया था। महेश उपाध्याय का कहना है कि वह गांव इस आस से लौटे थे कि गांव में पशुपालन और खेती कर परिवार का भरण पोषण करेंगे। लेकिन घर पहुंचने के बाद उनका ये सपना भी टूट गया है। उनके तीन बच्चे हैं महेश अपनी बड़ी लड़की की पहले ही शादी करा चुके हैं। उनके दो लड़के हेमंत उपाध्याय और प्रदीप उपाध्याय पढ़ाई कर रहे हैं। परिवार के पास अब रहने का ठिकाना नहीं बचा हुआ है। महेश की पत्नी चंद्रकला उपाध्याय का कहना है कि गांव आकर पशुपालन करने को सोचा था लेकिन अब खुद के रहने के लिए घर नहीं है तो वो कैसे पशुपालन करेंगी। आप नेता हरीश उपाध्याय ने शासन-प्रशासन से परिवार को मदद करने की गुहार लगाई है।