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जिला पंचायत की बैठक में सदस्यों ने उठाए शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क के मुद्दे
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जिला पंचायत पिथौरागढ़ की बैठक में मौजूद अधिकारी। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। जिला पंचायत की सामान्य बोर्ड बैठक शुक्रवार को अध्यक्ष दीपिका बोहरा की अध्यक्षता में हुई। सामान्य बैठक की शुरुआत आठ जुलाई को हुई जिला पंचायत की बैठक में सदन में रखे गए प्रस्तावों और समस्याओं पर चर्चा के साथ हुई। बैठक में विभागवार चर्चा कर सदस्यों ने मुख्य रूप से सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दे उठाए।
सदस्यों ने तहसील मुनस्यारी और धारचूला क्षेत्र में कार्यरत आयुर्वेदिक चिकित्सक और कर्मियों को अन्यत्र संबद्ध करने का मामला उठाया। उन्होंने ऐसे चिकित्सकों को मूल तैनाती स्थल पर भेजने की मांग की। सदन में थल, पुराना थल, रांथी में आयुर्वेदिक भवन का निर्माण करने की मांग उठी।
सदस्यों ने मानसून काल में आपदा से विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त संपर्क मार्ग, दीवार, घरों की सुरक्षा दीवार को मनरेगा के माध्यम से बनाने की मांग की। डीडीओ गोपाल गिरी ने बताया कि इन कार्यों के लिए मनरेगा में कार्ययोजना में प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। जिला सेवायोजन अधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 10 रोजगार शिविर लगाकर स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार दिलाया गया।
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लोनिवि के इंजीनियरों ने बताया कि रांथी और बलुवाकोट-पप्यापौड़ी सड़क निर्माण के लिए वन भूमि से स्वीकृति प्राप्त कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। डीएम डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि जिले में वन भूमि हस्तांतरण के प्रकरणों को शीघ्र ही निस्तारित करने के लिए सीडीओ के नेतृत्व में एक कमेटी गठित कर इनका निस्तारण किया जा रहा है।
उन्होंने अधिकारियों को सदन में विभागों के जो भी प्रकरण सदस्यों ने उठाए हैं, उनके गंभीरता से निस्तारण के निर्देश दिए। सदस्यों ने ग्रामीण क्षेत्रों में उरेडा की ओर से लगाए जा रहे सोलर स्ट्रीट लाइट को शीघ्र, गुणवत्ता से लगाने की मांग की। बैठक में सीडीओ अनुराधा पाल, उपाध्यक्ष जिला पंचायत कोमल मेहता आदि रहे।
दुर्गम स्कूलों में शीघ्र भेजे जाएंगे शिक्षक
पिथौरागढ़। जिला पंचायत की बैठक में सदस्यों ने ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में अध्यापकों की तैनाती और दुर्गम स्थानों से सुगम स्थानों में किए गए संबद्धीकरण समाप्त करने की मांग की। जिला शिक्षा अधिकारी ने सदन में बताया कि शिक्षक विहीन 26 प्राथमिक विद्यालय बंद हो गए थे, अब उन विद्यालयों को पुन: संचालित कर 220 शिक्षक भरे गए हैं। शीघ्र ही और नये शिक्षकों को दुर्गम स्कूलों में नियुक्त किया जा रहा है।
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सदस्यों ने तहसील मुनस्यारी और धारचूला क्षेत्र में कार्यरत आयुर्वेदिक चिकित्सक और कर्मियों को अन्यत्र संबद्ध करने का मामला उठाया। उन्होंने ऐसे चिकित्सकों को मूल तैनाती स्थल पर भेजने की मांग की। सदन में थल, पुराना थल, रांथी में आयुर्वेदिक भवन का निर्माण करने की मांग उठी।
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सदस्यों ने मानसून काल में आपदा से विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त संपर्क मार्ग, दीवार, घरों की सुरक्षा दीवार को मनरेगा के माध्यम से बनाने की मांग की। डीडीओ गोपाल गिरी ने बताया कि इन कार्यों के लिए मनरेगा में कार्ययोजना में प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। जिला सेवायोजन अधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 10 रोजगार शिविर लगाकर स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार दिलाया गया।
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लोनिवि के इंजीनियरों ने बताया कि रांथी और बलुवाकोट-पप्यापौड़ी सड़क निर्माण के लिए वन भूमि से स्वीकृति प्राप्त कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। डीएम डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि जिले में वन भूमि हस्तांतरण के प्रकरणों को शीघ्र ही निस्तारित करने के लिए सीडीओ के नेतृत्व में एक कमेटी गठित कर इनका निस्तारण किया जा रहा है।
उन्होंने अधिकारियों को सदन में विभागों के जो भी प्रकरण सदस्यों ने उठाए हैं, उनके गंभीरता से निस्तारण के निर्देश दिए। सदस्यों ने ग्रामीण क्षेत्रों में उरेडा की ओर से लगाए जा रहे सोलर स्ट्रीट लाइट को शीघ्र, गुणवत्ता से लगाने की मांग की। बैठक में सीडीओ अनुराधा पाल, उपाध्यक्ष जिला पंचायत कोमल मेहता आदि रहे।
दुर्गम स्कूलों में शीघ्र भेजे जाएंगे शिक्षक
पिथौरागढ़। जिला पंचायत की बैठक में सदस्यों ने ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में अध्यापकों की तैनाती और दुर्गम स्थानों से सुगम स्थानों में किए गए संबद्धीकरण समाप्त करने की मांग की। जिला शिक्षा अधिकारी ने सदन में बताया कि शिक्षक विहीन 26 प्राथमिक विद्यालय बंद हो गए थे, अब उन विद्यालयों को पुन: संचालित कर 220 शिक्षक भरे गए हैं। शीघ्र ही और नये शिक्षकों को दुर्गम स्कूलों में नियुक्त किया जा रहा है।