उत्तराखंड: मुनस्यारी में भूस्खलन की चपेट में आने से युवक की मौत, नाचनी में 80 मीटर सड़क नदी में समाई
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लगातार बारिश के बीच हुए भूस्खलन की चपेट में आने से मुनस्यारी के गोल्फा गांव में एक युवक की मौत हो गई। वहीं नाचनी-भैसकोट 80 मीटर सड़क भुजगड़ नदी में समा गई। जिले में बारिश से 11 सड़कें बंद चल रही हैं। बारिश का सितम बागेश्वर जिले में भी जारी है, बीते दिनों हुई अतिवृष्टि से बंद कांडा की ढालन-खुनौली समेत पांच सड़कों में अब भी यातायात बहाल नहीं हो सका है। बारिश से नदियों का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे नहीं जाने की अपील की है।
पिथौरागढ़ जिले के भुजगड़ नाले के उफान में आने से चामी भैसकोट के कुंवर सिंह का दो कमरों का मकान समेत पटवारी चौकी खतरे की जद में आ गई है। मछली का तालाब और दो नाली कृषि भूमि भुजगड़ नदी में बह गई। कुंवर सिंह ने अपना परिवार अपने भाई महेंद्र सिंह के मकान में शिफ्ट कर दिया है। उन्होंने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। नाचनी की जिला पंचायत सदस्य पुष्पा देवी और भुर्तिंग के राजेंद्र सिंह ने डीएम से मुलाकात कर बंद सड़कों खोलने और क्षति का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है।
मुनस्यारी में भी लगातार बारिश जारी है। सोमवार सुबह गोल्फा गांव निवासी नारायण कोरंगा पुत्र केदार सिंह मवेशियों को लेकर जंगल की ओर जा रहा था। इसी दौरान पहाड़ी पर हुए भूस्खलन से गिरे पत्थरों की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। नारायण के बड़े भाई त्रिलोक सिंह की भी कुछ समय पहले बीमारी से मौत हो गई थी। नारायण की मौत से बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और तीन साल के बेटे का रो-रोकर बुरा हाल है।
सड़कें मलबे से पटी
राजस्व टीम ने मौके पर जाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मृतक के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की है। पिथौरागढ़ जिले में हो रही भारी बारिश से 11 सड़कें बंद चल रही हैं। इससे 15 हजार से अधिक की आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। थल-मुनस्यारी सड़क हरड़िया और नया बस्ती के पास मलबा आने के कारण मलबा आने के कारण पांच घंटे से अधिक समय तक बंद रही है।
लोनिवि ने सात बजे सड़क को खोलकर आवाजाही शुरू कर दी है। इधर, बागेश्वर में रविवार रात एक बार फिर करीब पौन घंटे तक तेज बारिश हुई। बारिश इतनी तेज थी कि लोग घबरा गए। बीते दिनों हुई अतिवृष्टि से बंद कांडा की ढालन-खुनौली समेत पांच सड़कों में अब भी यातायात बहाल नहीं हुआ है। आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार ढालन-खुनौली सड़क काफी डैमेज है। कपकोट-गैरखेत, ओखलाधार-पापो, तुनेड़ा-बसेत सड़क भी मलबा आने से बंद है। बताया गया है कि कपकोट-शामा-तेजम सड़क सोमवार को हल्के वाहनों के लिए खुल गई है। सड़कों के बंद होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।