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यक्षावती नदी के पुर्नजीवन के लिए बेहतर प्लान बनाए वन विभाग व अन्य रेखीय विभाग - रंजीत सिन्हा
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प्रभारी सचिव डॉ. रंजीत सिन्हा रई जलागम और मड़ खड़ायत क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण करते हुए।
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ की रईगाड़ (यक्षवती नदी) के पुनर्जीवन को मूर्त रूप देने के लिए प्रभारी सचिव डॉ. रंजीत सिन्हा ने रई जलागम और मड़ खड़ायत क्षेत्र का निरीक्षण किया।
शुक्रवार को निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने कहा कि नदी पुनर्जीवन परियोजना एक महत्वपूर्ण कार्य है। इसे सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए वन विभाग और अन्य रेखीय विभाग मिलकर बेहतर प्लान बनाए। उन्होंने इस कार्य के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रभारी सचिव ने एडीएम आरडी पालीवाल को नोडल अधिकारी नामित किया। प्रभारी सचिव ने समय-समय पर इस परियोजना कार्य की प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सबसे पहले ऊपरी भू-भाग में जल संरक्षण और संवर्धन के कार्य स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से कराए जाएंगे। डीएम डॉ.विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि क्षेत्र का सीमांकन करने के बाद ड्रोन कैमरे के माध्यम से नक्शा तैयार किया जाएगा। विभिन्न नाले-गधेरों, अन्य क्षेत्रों में पौधरोपण किया गया है इसके लिए संबंधित विभाग की लक्ष्य देने के साथ ही जिम्मेदारी तय की गई है। इस मौके पर एसडीएम तुषार सैनी, उप प्रभागीय वनाधिकारी नवीन चंद्र पंत, ईओ मनोज दास समेत समेत कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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शुक्रवार को निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने कहा कि नदी पुनर्जीवन परियोजना एक महत्वपूर्ण कार्य है। इसे सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए वन विभाग और अन्य रेखीय विभाग मिलकर बेहतर प्लान बनाए। उन्होंने इस कार्य के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रभारी सचिव ने एडीएम आरडी पालीवाल को नोडल अधिकारी नामित किया। प्रभारी सचिव ने समय-समय पर इस परियोजना कार्य की प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए।
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उन्होंने कहा कि सबसे पहले ऊपरी भू-भाग में जल संरक्षण और संवर्धन के कार्य स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से कराए जाएंगे। डीएम डॉ.विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि क्षेत्र का सीमांकन करने के बाद ड्रोन कैमरे के माध्यम से नक्शा तैयार किया जाएगा। विभिन्न नाले-गधेरों, अन्य क्षेत्रों में पौधरोपण किया गया है इसके लिए संबंधित विभाग की लक्ष्य देने के साथ ही जिम्मेदारी तय की गई है। इस मौके पर एसडीएम तुषार सैनी, उप प्रभागीय वनाधिकारी नवीन चंद्र पंत, ईओ मनोज दास समेत समेत कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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