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Pithoragarh News: भुरमुनी के मेजर अजय धनिक सेना मेडल से सम्मानित
Sat, 11 Mar 2023 11:14 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 11 Mar 2023 11:14 PM IST
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पिथौरागढ़। भुरमुनी के मेजर अजय धनिक पुत्र कैप्टन भीम सिंह धनिक (सेवानिवृत) को सेना मेडल से सम्मानित किया गया है। उन्हें शनिवार को पश्चिमी कमांड अमृतसर में सेना मेडल दिया गया।
23 मई 2021 को असोम में एक ऑपरेशन के दौरान द कोर ऑफ इंजीनियर, पांच असम राइफल्स के मेजर अजय को उनके स्काउट ने नदी पार कर रहे आठ विद्रोहियों के संदिग्ध गतिविधि के बारे में सतर्क किया। इस पर उन्होंने अपनी टीम को पुनर्गठित किया। इसके बाद एक विद्रोही उन लोगों के करीब पहुंच गया। राइफलमैन नंदकेश्वर ने पहचान के लिए पासवर्ड पूछा तो विद्रोहियों ने अंधाधुंध गोलाबारी शुरू कर दी।
मेजर अजय ने विद्रोही को मार गिराया। इसके बाद दूसरे विद्रोही ने राइफलमैन नंदकेश्वर की तरफ गोलाबारी करते हुए धावा बोला। राइफलमैन पर गंभीर खतरा भांपते हुए मेजर अजय ने अदम्य साहस का परिचय दिया और दूसरे विद्रोही को भी आमने-सामने की मुठभेड़ में मार गिराया।
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उन्होंने टीम के सहयोग से विद्रोहियों के भागने के रास्तों को बंद कर दिया। इससे चार खूंखार विद्रोही भी मारे गए। मेजर अजय को असाधारण सामरिक कौशल, निस्वार्थ प्रेरणादायक नेतृत्व और साहस के लिए सेना मेडल से सम्मानित किया गया है। अजय वर्तमान में देहरादून में रहते हैं।
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23 मई 2021 को असोम में एक ऑपरेशन के दौरान द कोर ऑफ इंजीनियर, पांच असम राइफल्स के मेजर अजय को उनके स्काउट ने नदी पार कर रहे आठ विद्रोहियों के संदिग्ध गतिविधि के बारे में सतर्क किया। इस पर उन्होंने अपनी टीम को पुनर्गठित किया। इसके बाद एक विद्रोही उन लोगों के करीब पहुंच गया। राइफलमैन नंदकेश्वर ने पहचान के लिए पासवर्ड पूछा तो विद्रोहियों ने अंधाधुंध गोलाबारी शुरू कर दी।
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मेजर अजय ने विद्रोही को मार गिराया। इसके बाद दूसरे विद्रोही ने राइफलमैन नंदकेश्वर की तरफ गोलाबारी करते हुए धावा बोला। राइफलमैन पर गंभीर खतरा भांपते हुए मेजर अजय ने अदम्य साहस का परिचय दिया और दूसरे विद्रोही को भी आमने-सामने की मुठभेड़ में मार गिराया।
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उन्होंने टीम के सहयोग से विद्रोहियों के भागने के रास्तों को बंद कर दिया। इससे चार खूंखार विद्रोही भी मारे गए। मेजर अजय को असाधारण सामरिक कौशल, निस्वार्थ प्रेरणादायक नेतृत्व और साहस के लिए सेना मेडल से सम्मानित किया गया है। अजय वर्तमान में देहरादून में रहते हैं।