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दवा के अधिक सेवन से बंदी की हालत बिगड़ी

Tue, 22 Jan 2019 11:01 PM IST
kamlesh kamlesh ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़।
ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़। Published by: kamlesh kamlesh Updated Tue, 22 Jan 2019 11:01 PM IST
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बंदी हरीश कापड़ी। - फोटो : पिथौरागढ़
आगजनी के मामले में कारागार में बंद एक कैदी की दवा के अधिक सेवन से हालत खराब हो गई। उसे बेहोशी की हालत में जिला अस्पताल लाया गया। लिंठयूड़ा निवासी हरीश कापड़ी (50) नाम इस बंदी को उपचार के लिए हायर सेंटर हल्द्वानी भेज दिया गया है। कापड़ी आगजनी के एक मामले में कारागार में बंद हैं।
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मामले की जांच कर रहे पुलिस उप निरीक्षक एचआर चंदेल ने बताया कि कापड़ी ने मंगलवार को दवाइयों का अधिक सेवन कर लिया। इसके चलते उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया। उन्हें कारागार के सुरक्षा कर्मी दोपहर तीन बजे अस्पताल लाए। चिकित्सक ने जांच के बाद बताया कि बंदी ने काफी संख्या में दवाइयों की गोली निगल ली है। उन्होंने उसे हायर सेंटर हल्द्वानी रेफर कर दिया।
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बंदी के साथ उनकी पत्नी हेमा कापड़ी, पुत्र शुभम बिष्ट और पुलिस लाइन से हेड कांस्टेबल हरीश कुमार बिष्ट, कांस्टेबल आसिफ खान और जितेंद्र कुमार को भेजा जा रहा है। बंदी कापड़ी के पुत्र शुभम ने बताया कि बीते दिन उसकी मां बंदीगृह में पिता से मिली थी। उन्होंने बंदीगृह में अन्य कैदियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था। साथ ही कहा कि सुरक्षा कर्मी रात को उन्हें सोते समय दवा की एक गोली देते थे। उन्होंने कहा कि एक साथ 50 गोलियां कहां से उन्हें मिली इसकी जांच की जानी चाहिए।  
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भूख हड़ताल की चेतावनी भी दी थी बंदियों ने
पिथौरागढ़। दो दिन पहले ही बंदीगृह के बंदियों ने लंदन फोर्ट का नाम बदलने की मांग के समर्थन में भूख हड़ताल की धमकी दी थी। सोशल मीडिया में इस आशय का पत्र जारी किया गया था। इस पत्र में हरीश कापड़ी का नाम भी था। बाद में तहसीलदार के आश्वासन पर बंदियों ने भूख हड़ताल की चेतावनी वापस ले ली थी। इस सारे मामले को लेकर भी कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। यह अभी स्पष्ट नहीं हैं कि सोशल मीडिया में यह पत्र कैसे जारी हुआ। लंदन फोर्ट का नाम बदलने की मांग बंदियों ने क्यों की। बंदियों से बातचीत के बाद तहसीलदार भी इतना ही बता पाए थे कि बंदियों ने भूख हड़ताल की धमकी वापस ले ली है। इनकी ओर से बंदीगृह में दीवार घड़ी लगाने और अन्य मांगे रखी गई हैं।
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