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लिपुलेख तक सड़क पहुंचने का सपना होगा साकार
ब्यूरो/अमर उजाला,धारचूला /पिथौरागढ़
Updated Fri, 15 Jan 2016 10:19 PM IST
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सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने गर्वाधार से बूंदी तक सड़क निर्माण का कार्य एक निजी कंपनी को देने का निर्णय लिया है। कंपनी गर्वाधार से बूंदी तक कठोर चट्टानों को काटने का काम करेगी। अब उम्मीद की जा रही है कि दो वर्षों में लिपुलेख तक सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।
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टनकपुर-लिपुलेख एनएच के अंतर्गत गर्वाधार में सीमा सड़क संगठन 15 वर्षों से सड़क कटिंग का कार्य कर रहा है, लेकिन मात्र चार किमी ही सड़क कट पाई है। इस दौरान बीआरओ के कई जवानों के साथ ही स्थानीय श्रमिकों को भी अपनी जान गंवानी पड़ी। अब भी गर्वाधार से गर्ब्यांग तक लगभग 29 किमी सड़क का निर्माण होना है। लिपुलेख तक सड़क पहुंचाने में यही सबसे बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। बीआरओ ने कालापानी से आगे और दूसरी ओर कुटी के पास तक की सड़कें पहले ही तैयार कर ली हैं। विगत दिनों भाजपा नेता महेंद्र बुदियाल और क्षेत्र के ग्राम प्रधानों ने भी गर्वाधार से बूंदी तक के कार्य को प्राइवेट कंपनियों को सौंपने की मांग की थी। बीआरओ के कमांडिंग आफिसर मेजर मनीष नारायण ने बताया कि गर्वाधार से बूंदी तक सड़क निर्माण का कार्य एक प्राइवेट कंपनी को देने का फैसला ले लिया गया है। इसके लिए संयुक्त निरीक्षण कर लिया गया है। कंपनी के सामने यह शर्त रखी गई है कि वह अगले दो साल में गर्वाधार से बूंदी तक सड़क का निर्माण कर ले। उन्होंने बताया कि कठोर चट्टान को काटने के लिए निजी कंपनी को पूरे मानकों का ध्यान होगा और पर्यावरण को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे, इसकी सावधानी बरतनी होगी।
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