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Pithoragarh Crime: 80 साल की बुजुर्ग महिला से किया था दुष्कर्म, फिर ऐसे दिलवाई दोषी को आजीवन कारावास की सजा

Thu, 04 Jul 2024 06:43 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़
अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़ Published by: हीरा मेहरा Updated Thu, 04 Jul 2024 06:43 PM IST
सार

पिथौरागढ़ जिला सत्र न्यायालय ने 80 वर्षीय वृद्धा से दुष्कर्म करने के दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 71 हजार का अर्थदंड भी लगाया गया है।

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Life imprisonment to man convicted of raping 80 year old woman in pithoragarh
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला डिजिटल

विस्तार

पिथौरागढ़ जिला सत्र न्यायालय ने 80 वर्षीय वृद्धा से दुष्कर्म करने के दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 71 हजार का अर्थदंड भी लगाया गया है।

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मामले के अनुसार जाजरदेवल थाना क्षेत्र के एक गांव में 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला अकेले घर में रहती थीं। आठ फरवरी 2023 को गांव के ही मुकेश सिंह बिष्ट ने घर में घुसकर वृद्धा के साथ मारपीट की और दुष्कर्म किया। चीख पुकार सुनकर जब परिजन वहां पहुंचे तो आरोपी मौके से भाग गया। परिजनों की तहरीर पर जाजरदेवल थाने में आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 450, 376 (2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। यह मामला जिला सत्र न्यायालय में चला। दोनों पक्षों को सुनने के बाद सत्र न्यायाधीश शंकर राज ने दोष सिद्ध करते हुए अभियुक्त मुकेश सिंह बिष्ट को आईपीसी की धारा 323 के अपराध के लिए एक वर्ष के कठोर कारावास और एक हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।

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अर्थदंड नहीं देने पर एक माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। धारा 450 के लिए 10 वर्ष के कठोर कारावास, 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर दो साल का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। धारा 376 (2) के लिए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर दोषसिद्ध को पांच वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। राज्य सरकार की ओर से मामले की पैरवी डीजीसी फौजदारी प्रमोद पंत और एडीजीसी प्रेम भंडारी ने की।

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