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Pithoragarh News: गंगोलीहाट से हायर सेंटर रेफर हो रहे गंभीर मरीज
Mon, 16 Oct 2023 10:24 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 16 Oct 2023 10:24 AM IST
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सीएचसी गंगोलीहाट। संवाद
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गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। एक लाख की आबादी के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी संभालने वाला सीएचसी गंगोलीहाट चिकित्सकों और स्टाफ की कमी के कारण खुद बीमार पड़ा है। गंगोलीहाट समेत बेड़ीनाग विकासखंड के पाताल भुवनेश्वर क्षेत्र तक के दर्जनों गांवों के लोग इलाज के लिए इसी अस्पताल में आते हैं। इसके बावजूद यहां विशेषज्ञ चिकित्सक न होने के कारण उन्हें हायर सेंटर रेफर करना पड़ता है।
यूपी में रहते यहां पीएचसी खुल गया था। राज्य बनने के बाद एनडी तिवारी सरकार ने अस्पताल का उच्चीकरण कर इसे सीएचसी बनाया था। तब नौ चिकित्सक, दो फार्मासिस्ट, तीन स्टाफ नर्स, तीन वार्डबॉय, एक लैब तकनीशियन, एक चौकीदार, दो सफाई कर्मी, एक धोबी और एक कुक सहित 23 पद सृजित किए गए थे लेकिन इन पदों को कभी नहीं भरा गया।
आलम यह है कि रेडियोलाजिस्ट, फिजिशियन, बाल रोग विशेषज्ञ, महिला रोग विशेषज्ञ, सर्जन, पैथोलॉजिस्ट जैसे विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद खाली हैं। सीएचसी में संविदा के चार चिकित्सक काम कर रहे हैं। मामूली बीमारी को छोड़कर अधिकतर केस हायर सेंटर रेफर किए जाते हैं।
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सीएमओ डॉ. हीरा सिंह ह्यांकी ने बताया कि सीएचसी का निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को जिला स्तर पर सुधारने के प्रयास किए जाते हैं। शासन स्तर की समस्याएं सुलझाने के लिए पत्राचार किया जाता है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी की जानकारी शासन को दी गई है।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण क्षेत्र के लोगों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। कई लोग असमय ही अपनी जान गंवा चुके हैं। सरकार को अति शीघ्र चिकित्सकों की तैनाती करनी चाहिए। - गजेंद्र रावल, स्थानीय निवासी।
सीएचसी की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए टीम एक कोशिश लंबे समय से संघर्ष कर रही है। स्वास्थ्य विभाग और सरकार को अति शीघ्र कदम उठाना चाहिए। स्वास्थ्य सुविधाएं तो बेहतर होनी जरूरी हैं। - भूपेश पंत, गंगोलीहाट।
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यूपी में रहते यहां पीएचसी खुल गया था। राज्य बनने के बाद एनडी तिवारी सरकार ने अस्पताल का उच्चीकरण कर इसे सीएचसी बनाया था। तब नौ चिकित्सक, दो फार्मासिस्ट, तीन स्टाफ नर्स, तीन वार्डबॉय, एक लैब तकनीशियन, एक चौकीदार, दो सफाई कर्मी, एक धोबी और एक कुक सहित 23 पद सृजित किए गए थे लेकिन इन पदों को कभी नहीं भरा गया।
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आलम यह है कि रेडियोलाजिस्ट, फिजिशियन, बाल रोग विशेषज्ञ, महिला रोग विशेषज्ञ, सर्जन, पैथोलॉजिस्ट जैसे विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद खाली हैं। सीएचसी में संविदा के चार चिकित्सक काम कर रहे हैं। मामूली बीमारी को छोड़कर अधिकतर केस हायर सेंटर रेफर किए जाते हैं।
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सीएमओ डॉ. हीरा सिंह ह्यांकी ने बताया कि सीएचसी का निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को जिला स्तर पर सुधारने के प्रयास किए जाते हैं। शासन स्तर की समस्याएं सुलझाने के लिए पत्राचार किया जाता है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी की जानकारी शासन को दी गई है।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण क्षेत्र के लोगों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। कई लोग असमय ही अपनी जान गंवा चुके हैं। सरकार को अति शीघ्र चिकित्सकों की तैनाती करनी चाहिए। - गजेंद्र रावल, स्थानीय निवासी।
सीएचसी की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए टीम एक कोशिश लंबे समय से संघर्ष कर रही है। स्वास्थ्य विभाग और सरकार को अति शीघ्र कदम उठाना चाहिए। स्वास्थ्य सुविधाएं तो बेहतर होनी जरूरी हैं। - भूपेश पंत, गंगोलीहाट।