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Pithoragarh News: जुम्मा और लामारी में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का होगा ट्रीटमेंट
Sat, 17 May 2025 10:48 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 17 May 2025 10:48 PM IST
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धारचूला के गुंजी में बीआरओ के अधिकारियों के साथ बैठक करते सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय के ए
धारचूला (पिथौरागढ़)। चीन सीमा को जोड़ने वाली लिपुलेख सड़क सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। ऐसे में इसका समयबद्ध तरीके से निर्माण पूरा करना आवश्यक है। जुम्मा और लामारी में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का भी ट्रीटमेंट किया जाएगा। यह बात गुंजी पहुंचे सड़क परिवहन मंत्रालय के एडीजी कौशिक बासु ने कही। उन्होंने मुनस्यारी और व्यास घाटी में चल रहे सड़क निर्माण का स्थलीय निरीक्षण कर बीआरओ के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के एडीजी ने 14 से 16 मई तक हीरक परियोजना के तहत मुनस्यारी, बलुवाकोट, धारचूला और लिपुलेख में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि ये सभी सड़कें सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। इस दौरान वे बूंदी, छियालेख और गर्ब्यांग पहुंचे। उन्होंने कहा कि यहां टनल प्रस्तावित है। समय से इसका निर्माण कार्य पूरा हो, इसके लिए गंभीरता से प्रयास किए जा रहे हैं।
लिपुलेख सड़क पर जुम्मा और लामारी में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के ट्रीटमेंट की भी उन्होंने बात कही। कहा कि 10 से 15 हजार फुट ऊंचाई पर सड़क निर्माण करना चुनौती है, इसे 765 बीआरटीएफ और 47 बीआरटीएफ के कर्मी बखूबी अंजाम तक पहुंचा रहे हैं। गुंजी में हुई बैठक के दौरान हीरक परियोजना के मुख्य अभियंता एसपी कोलिपे (विशिष्ट सेवा मेडल) ने उन्हें सड़क निर्माण के कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। निरीक्षण में 765 बीआरटीएफ के कमांडर कर्नल प्रशांत सिंह, 65 आरसीसी के ले. कर्नल भावना चौकसे और 67 आरसीसी के ईई सौरभ कुमार शामिल रहे।
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सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के एडीजी ने 14 से 16 मई तक हीरक परियोजना के तहत मुनस्यारी, बलुवाकोट, धारचूला और लिपुलेख में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि ये सभी सड़कें सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। इस दौरान वे बूंदी, छियालेख और गर्ब्यांग पहुंचे। उन्होंने कहा कि यहां टनल प्रस्तावित है। समय से इसका निर्माण कार्य पूरा हो, इसके लिए गंभीरता से प्रयास किए जा रहे हैं।
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लिपुलेख सड़क पर जुम्मा और लामारी में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के ट्रीटमेंट की भी उन्होंने बात कही। कहा कि 10 से 15 हजार फुट ऊंचाई पर सड़क निर्माण करना चुनौती है, इसे 765 बीआरटीएफ और 47 बीआरटीएफ के कर्मी बखूबी अंजाम तक पहुंचा रहे हैं। गुंजी में हुई बैठक के दौरान हीरक परियोजना के मुख्य अभियंता एसपी कोलिपे (विशिष्ट सेवा मेडल) ने उन्हें सड़क निर्माण के कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। निरीक्षण में 765 बीआरटीएफ के कमांडर कर्नल प्रशांत सिंह, 65 आरसीसी के ले. कर्नल भावना चौकसे और 67 आरसीसी के ईई सौरभ कुमार शामिल रहे।
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