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Pithoragarh News: खोतिला के आपदा पीड़ित 50 परिवार चार महीने से बेघर

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 09 Jan 2023 11:00 PM IST
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Khotila disaster victims 50 families homeless for four months
स्टेडियम में शरण लिए हुए खोतिला के आपदा पीड़ित। संवाद - फोटो : PITHORAGARH
धारचूला (पिथौरागढ़)। काली नदी में आई बाढ़ का पानी गांव में घुसने से बेघर हुए खोतिला के आपदा प्रभावित परिवार चार महीने से स्टेडियम में शरण लिए हुए हैं। पहले गर्मी और अब कड़ाके की ठंड से जूझते इन परिवारों की चिंता बढ़ती जा रही है। प्रभावितों ने शासन -प्रशासन से शीघ्र विस्थापित करने और बच्चों की फीस माफ करने की मांग की है।
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नौ सितंबर 2022 को नेपाल में बादल फटने से काली नदी का जल स्तर बढ़ गया था। इससे पानी और मलबा खोतिला गांव में घुस आया था। इस आपदा में एक महिला की मौत हो गई थी। गांव में रहने वाले 50 से अधिक परिवारों को बेघर होना पड़ा। 10 सितंबर से सभी प्रभावित परिवार जवाहर नबियाल स्टेडियम में शरण लिए हुए हैं। बच्चों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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खोतिला गांव में अपना एक मंजिला मकान है। 25 वर्षों से गांव में रह रहे थे। प्रशासन की ओर से अब उनकी जमीन को बेनाप बताया जा रहा है। इससे चिंता बढ़ती जा रही है। सरकार को उनके बच्चों की फीस भी माफ करनी चाहिए।
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- मनीषा देवी, आपदा प्रभावित खोतिला गांव धारचूला।
40 साल से खोतिला गांव में रह रहे थे। परिवार में आठ सदस्य हैं। बिजली बिल की रसीद नहीं होने से प्रशासन की ओर से उन्हें बेनाम माना जा रहा है। हम अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। शासन -प्रशासन को सुरक्षित स्थान पर विस्थापित करना चाहिए।
- सुरेश राम, खोतिला।
दो मंजिला मकान है। सात कमरों में से आपदा में दो कमरे ध्वस्त हो गए थे। चार परिवारों के 18 सदस्य स्टेडियम में रह रहे हैं। जमीन और मुआवजे की कार्रवाई सरकार को जल्द से जल्द करनी चाहिए।

- जीत राम, खोतिला।
आपदा के दौरान मकान में मलबा घुसने से सितंबर महीने से स्टेडियम में शरण लिए हुए हैं। इस वजह से तमाम परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। शासन- प्रशासन को सभी प्रभावित परिवारों के लिए राहत और पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिए।
- नारू देवी, खोतिला।
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