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केपी ओली के बाद खत्री ने दिया भड़काऊ बयान
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दार्चुला में नेपाल कम्यूनिस्ट पार्टी की सभा को संबोधित करते मंत्री ठगुन्ना।
- फोटो : PITHORAGARH
धारचूला (पिथौरागढ़)। नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली के बाद अब दार्चुला में कम्युनिस्ट पार्टी की रैली में दार्चुला के सभापति गणेश खत्री ने भी भड़काऊ बयान देकर माहौल बिगाड़ने का काम किया है। खत्री ने भारत का अभिन्न हिस्सा रहे कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा को भारत से वापस लाने के लिए पूरे जिले की जनता से एक साथ खड़े रहने के लिए कहा।
भारत के लिपुलेख तक सड़क पहुंचाने के बाद से नेपाल के सुर बदले हुए हैं। नेपाल की ओली सरकार ने भारत का अभिन्न हिस्सा रहे कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा को अपने नक्शे में शामिल करने का दुस्साहसिक कदम उठाया था। भारत के विरोध के बावजूद नेपाल अभी भी उकसावे वाले बयान देकर माहौल खराब करने का प्रयास कर रहा है। रविवार को नेशनल एसेंबली में नेपाल के प्रधानमंत्री ने भारत से कालापानी, लिम्पियाधूरा और लिपुलेख लेकर रहने का राग अलापा था।
सोमवार को नेपाल सरकार के संघीय मामलों और सामान्य प्रशासन मंत्री गणेश सिंह ठगुन्ना दार्चुला पहुंचे। उनके स्वागत के लिए नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी ने सभा और रैली का आयोजन किया था। जिसमें मुख्य रुप से नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी दार्चुला के सभापति गणेश खत्री और स्थानीय विधायक गैलबू सिंह बोहरा के नेतृत्व में लगभग 370 कार्यकर्ता शामिल हुए।
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इस दौरान खलंगा खुला मंच में सभा का आयोजन किया गया, जिसमें नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के दार्चुला के सभापति गणेश खत्री ने भी कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा को भारत से वापस लाने के लिए पूरे जिले की जनता से एक साथ खड़े रहने को कहा। केंद्रीय मंत्री ठगुन्ना ने भी स्थानीय जनता को केपी शर्मा ओली के कामकाज में भरोसा रखने की अपील की।
भारतीय सीमा से लगे भारत-नेपाल के बीच रोटी-बेटी के रिश्ते हैं। दोनों देशों के लोग इस तरह का विवाद नहीं चाहते हैं। इस तरह की भड़काऊ बयानबाजी से फिर से संबंधों में खटास आने की आशंका बढ़ गई है।
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भारत के लिपुलेख तक सड़क पहुंचाने के बाद से नेपाल के सुर बदले हुए हैं। नेपाल की ओली सरकार ने भारत का अभिन्न हिस्सा रहे कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा को अपने नक्शे में शामिल करने का दुस्साहसिक कदम उठाया था। भारत के विरोध के बावजूद नेपाल अभी भी उकसावे वाले बयान देकर माहौल खराब करने का प्रयास कर रहा है। रविवार को नेशनल एसेंबली में नेपाल के प्रधानमंत्री ने भारत से कालापानी, लिम्पियाधूरा और लिपुलेख लेकर रहने का राग अलापा था।
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सोमवार को नेपाल सरकार के संघीय मामलों और सामान्य प्रशासन मंत्री गणेश सिंह ठगुन्ना दार्चुला पहुंचे। उनके स्वागत के लिए नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी ने सभा और रैली का आयोजन किया था। जिसमें मुख्य रुप से नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी दार्चुला के सभापति गणेश खत्री और स्थानीय विधायक गैलबू सिंह बोहरा के नेतृत्व में लगभग 370 कार्यकर्ता शामिल हुए।
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इस दौरान खलंगा खुला मंच में सभा का आयोजन किया गया, जिसमें नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के दार्चुला के सभापति गणेश खत्री ने भी कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा को भारत से वापस लाने के लिए पूरे जिले की जनता से एक साथ खड़े रहने को कहा। केंद्रीय मंत्री ठगुन्ना ने भी स्थानीय जनता को केपी शर्मा ओली के कामकाज में भरोसा रखने की अपील की।
भारतीय सीमा से लगे भारत-नेपाल के बीच रोटी-बेटी के रिश्ते हैं। दोनों देशों के लोग इस तरह का विवाद नहीं चाहते हैं। इस तरह की भड़काऊ बयानबाजी से फिर से संबंधों में खटास आने की आशंका बढ़ गई है।