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कंतगांव के लोगों ने लाशघर में किया प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़।
Updated Tue, 22 Mar 2016 12:21 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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पिथौरागढ़। इस तहसील के कंतगांव में रविवार को चारा काटते समय बिजली का करंट लगने से मरी महिला के परिजनों को दस लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग को लेकर सोमवार को ग्रामीणों ने लाशघर के सामने प्रदर्शन किया। महिला का शव पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में लाया गया था। वहां पहुंचे लोगों का कहना है कि इस घटना के लिए ऊर्जा निगम जिम्मेदार है। दो साल से झूलते तारों को ठीक करने और पेड़ों के पास से गुजर रही लाइन को हटाने की मांग की जा रही है लेकिन निगम ने कोई ध्यान नहीं दिया।
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कंतगांव में विक्रम सिंह की 30 वर्षीय पत्नी सीता देवी की रविवार को पेड़ से चारा काटते समय करंट लगने से मौत हो गई थी, जबकि उसके साथ गई रेवती देवी गंभीर रूप से घायल हो गई। जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी भट्ट ने कहा कि इस घटना के लिए ऊर्जा निगम जिम्मेदार है। उसे तत्काल मृतका के परिजनों को दस लाख रुपये का मुआवजा देना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि वह पिछले दो साल से वह बिजली के झूलते तारों का मामला विभाग के सामने रख रही हैं लेकिन निगम कभी ध्यान नहीं देता। उन्होंने कहा कि निगम को पेड़ों की टहनियों की लॉपिंग के लिए हर साल धनराशि मिलती है लेकिन उससे कभी कोई काम नहीं किया जाता। राज्य आंदोलनकारी राजेंद्र भट्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में निगम के खिलाफ लापरवाही का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि लाइनों का सुधार नहीं हुआ तो दोबारा भी ऐसी घटना हो सकती है। प्रदर्शन में प्रधान कैलाश कुमार, दीवान सिंह, कल्याण सिंह, मनोज सिंह, राजेंद्र सिंह आदि थे।
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पिथौरागढ़। सीता देवी की आकस्मिक मौत के बाद विक्रम सिंह के सामने बच्चों के पालन पोषण की समस्या आ गई है। विक्रम सिंह के तीन छोटे बच्चे हैं। यह परिवार जानवर पालकर और दूध बेचकर गुजारा करता है। पत्नी की मौत से विक्रम सिंह बुरी तरह टूट गए हैं। उनके सामने अब परिवार की व्यवस्था को चलाने की समस्या आ गई है। घर की जिम्मेदारी सीता देवी ही संभालती थी।
पिथौरागढ़। डीएम एचसी सेमवाल ने ऊर्जा निगम के इंजीनियरों से कहा है कि झूलते तारों को ठीक किया जाए और जहां पर बिजली के पोल टेढ़े हो गए हैं उनको सही किया जाए। इसके लिए धन की जरूरत हो तो उसकी डिमांड तैयार की जाए। डीएम ने करंट से हो रही मौत की घटनाओं पर चिंता जताई है।