फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Pithoragarh Rainfall: Kali river crossed the warning level in Dharchula

Pithoragarh Rainfall: धारचूला में चेतावनी स्तर के पार पहुंची काली नदी, तटीय इलाकों में सावधानी बरतने की सलाह

Thu, 13 Jul 2023 08:10 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Thu, 13 Jul 2023 08:10 PM IST
सार

केंद्र की ओर से सभी संबंधित विभागों से कहा गया है कि वे जनसमुदाय को सावधानी बरतने और नदी किनारे नहीं जाने के संबंध में जागरूक करें।

विज्ञापन
Pithoragarh Rainfall:  Kali river crossed the warning level in Dharchula
व्यास घाटी के नाबी गांव स्थित जंगती-खौं नाले से बोल्डर, मलबा हटाते युवा। संवाद

विस्तार

उच्च हिमालयी क्षेत्र में भारी बारिश के चलते काली नदी का पानी चेतावनी स्तर से ऊपर बह रहा है। इसे देखते हुए प्रशासन ने नदी तट पर रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार धारचूला में काली नदी का पानी चेतावनी स्तर 889 को पार कर 889.10 मीटर पर पहुंच गया है। काली नदी का खतरे का निशान 890 मीटर है। जलस्तर बढ़ने से नदी पूरे उफान पर है। क्षेत्र में अतिवृष्टि होने पर जलस्तर के और अधिक बढ़ने की संभावना है।

विज्ञापन


केंद्र की ओर से सभी संबंधित विभागों से कहा गया है कि वे जनसमुदाय को सावधानी बरतने और नदी किनारे नहीं जाने के संबंध में जागरूक करें। जलस्तर बढ़ने से यदि किसी आबादी क्षेत्र, घरों को खतरे की आशंका लगे तो उन्हें सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए।
विज्ञापन


जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सिंचाई विभाग धारचूला को निर्देश दिया है कि बलुवाकोट, बगड़ीहाट, पीपली, तालेश्वर, झूलाघाट आदि नदी तटी के स्थानों पर टीम तैनात कर सूचना का समन्वयन करें। साथ ही सीमावर्ती सुरक्षा एजेंसी, थाना नेपाल के साथ भी सूचना साझा करें।
विज्ञापन
विज्ञापन


नदी तट के लोग सावधानी बरतें
धारचूला। एसडीएम दिवेश शासनी ने बताया कि मंगलवार को काली नदी का जलस्तर बढ़ने से खोतिला में दो भवनों को नुकसान पहुंचा। बताया कि वहां रह रहे सभी लोग और उनका सामान सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है। उन्होंने काली नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तट के करीब रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने को कहा है। इधर खोतिला गांव के दोनों पीड़ितों ने बुधवार को एसडीएम दिवेश शाशनी को ज्ञापन सौंपा। पीड़ित हसरत कुरैशी, कृष्ण सिंह ने कहा है कि प्रशासन के मौसम की चेतावनी के बावजूद एनएचपीसी की ओर से छिरकिला जलाशय खोलने से उनके मकान नदी में समा गए। उन्होंने मामले में कार्यवाही करने और मकानों का उचित मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।


नाबी में जंगती-खौं नाला ने पहुंचाया नुकसान
व्यास घाटी स्थित नाबी में दो दिन पूर्व हुई भारी बारिश से काफी नुकसान पहुंचा है। ग्राम प्रधान ने नुकसान की जानकारी तहसील प्रशासन को दी है।प्रधान सनम नबियाल ने कहा है कि 10 जुलाई की रात करीब 12 बजे हुई भारी बारिश से जंगती-खौं नाला उफान पर आ गया। इससे चलते गांव की सुरक्षा के लिए 20 वर्ष पूर्व बनी करीब 400 मीटर लंबी सुरक्षा दीवार, वायरक्रेट आदि पूरी ध्वस्त हो गए हैं। मनरेगा से बनी लकड़ी की पुलिया और एडीबी से नाले पर बनी पुलिया और दीवार को नुकसान पहुंचा है।इसके अलावा जल जीवन मिशन योजना में बना मिनी फिल्टर टैंक, पाइपलाइन को भी क्षति पहुंची है। इससे पेयजल योजना ठप हो गई है। सिंचाई गूल भी पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। उन्होंने नाले का निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त योजनाओं की मरम्मत किए जाने की मांग की है।


श्रमदान कर बोल्डर हटाए
धारचूला। व्यास घाटी के नाबी गांव में जंगती-खौं नाले के उफान पर आने से ग्रामीण सहमे हुए हैं। नवयुवक मंगल दल अध्यक्ष मदन सिंह नबियाल ने बताया कि नाले के पानी को गांव तक आने से रोकने के लिए युवाओं ने श्रमदान कर बोल्डर और मलबा हटाया।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed