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कैलाश यात्रा के लिए इस बार भी ऑनलाइन आवेदन
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Mon, 23 Jan 2017 10:19 PM IST
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कैलाश
- फोटो : अमर उजाला
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कैलाश मानसरोवर यात्रा और छोटा कैलाश यात्रा के लिए इस बार भी ऑनलाइन आवेदन होंगे। बाद में दिल्ली में विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के साथ होने वाली बैठक में यात्रियों से ली जाने वाली धनराशि तय की जाएगी।
केएमवीएन के महाप्रबंधक टीएस मर्तोलिया ने बताया कि यात्रा पर के इच्छुक लोगों से इस बार भी ऑनलाइन आवेदन मांगे जाएंगे। आवेदनों की छंटनी के बाद चयनित लोगों को मेडिकल टेस्ट के लिए दिल्ली बुलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस बार भी यात्रा में 18 दल भेजे जाएंगे। दिल्ली से यात्रियों को पहले काठगोदाम तक लाया जाएगा। वहां से अल्मोड़ा, डीडीहाट, धारचूला, बूंदी, गुंजी और नाभीढांग होते हुए लिपुलेख दर्रे से तिब्बत में प्रवेश कराया जाएगा। यात्रा का पूरा शेड्यूल अप्रैल में तय होने की उम्मीद है। प्रत्येक दल में कितने लोग होंगे यह विदेश मंत्रालय तय करेगा।
मर्तोलिया ने बताया कि हिमपात से यात्रा पड़ावों को कितना नुकसान पहुंचा है इसकी जानकारी एकत्र करने के लिए कुमाऊं मंडल विकास निगम की टीम अप्रैल में दौरा करेगी, जिसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी और पड़ावों की मरम्मत के लिए धनराशि मांगी जाएगी।
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आईटीबीपी कैलाश मानसरोवर पैदल यात्रा मार्ग की रिपोर्ट मार्च में तैयार कर अपने महानिदेशालय और विदेश मंत्रालय को भेजेगी क्योंकि कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग की व्यवस्था की जिम्मेदारी आईटीबीपी 7वीं वाहिनी के पास है। आईटीबीपी के कमांडेंट महेंद्र प्रताप ने बताया कि मार्च में रास्तों के हालातों का जायजा लिया जाएगा।
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केएमवीएन के महाप्रबंधक टीएस मर्तोलिया ने बताया कि यात्रा पर के इच्छुक लोगों से इस बार भी ऑनलाइन आवेदन मांगे जाएंगे। आवेदनों की छंटनी के बाद चयनित लोगों को मेडिकल टेस्ट के लिए दिल्ली बुलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस बार भी यात्रा में 18 दल भेजे जाएंगे। दिल्ली से यात्रियों को पहले काठगोदाम तक लाया जाएगा। वहां से अल्मोड़ा, डीडीहाट, धारचूला, बूंदी, गुंजी और नाभीढांग होते हुए लिपुलेख दर्रे से तिब्बत में प्रवेश कराया जाएगा। यात्रा का पूरा शेड्यूल अप्रैल में तय होने की उम्मीद है। प्रत्येक दल में कितने लोग होंगे यह विदेश मंत्रालय तय करेगा।
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मर्तोलिया ने बताया कि हिमपात से यात्रा पड़ावों को कितना नुकसान पहुंचा है इसकी जानकारी एकत्र करने के लिए कुमाऊं मंडल विकास निगम की टीम अप्रैल में दौरा करेगी, जिसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी और पड़ावों की मरम्मत के लिए धनराशि मांगी जाएगी।
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आईटीबीपी कैलाश मानसरोवर पैदल यात्रा मार्ग की रिपोर्ट मार्च में तैयार कर अपने महानिदेशालय और विदेश मंत्रालय को भेजेगी क्योंकि कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग की व्यवस्था की जिम्मेदारी आईटीबीपी 7वीं वाहिनी के पास है। आईटीबीपी के कमांडेंट महेंद्र प्रताप ने बताया कि मार्च में रास्तों के हालातों का जायजा लिया जाएगा।