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पड़ावों का जायजा लेने कल रवाना होगी टीम
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Fri, 21 Apr 2017 11:54 PM IST
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कैलास मानसरोवर यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
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पिथौरागढ़। कैलाश मानसरोवर यात्रा के पड़ावों की स्थिति का जायजा लेने के लिए कुमाऊं मंडल विकास निगम की टीम 23 अप्रैल को रवाना हो जाएगी। यह टीम सिर्खा, गाला, बूंदी, गुंजी, नाभीढांग, कुटी में बनाए गए यात्रा पड़ावों का निरीक्षण करने के बाद अपनी रिपोर्ट केएमवीएन मुख्यालय को देगी। उसके बाद मरम्मत की जरूरत के हिसाब से इंजीनियर, फिटर को पड़ावों पर भेजा जाएगा।
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केएमवीएन के महाप्रबंधक टीएस मर्तोलिया ने बताया कि जाड़े में पड़ावों को बर्फबारी के कारण नुकसान होता है। कुछ स्थानों पर पेयजल लाइन भी टूट जाती हैं। इन सारी व्यवस्थाओं को मई के मध्य तक सुधार लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी नुकसान के बारे में किसी प्रकार का अंदाजा लगाना कठिन है। निगम की टीम जैसी रिपोर्ट देगी उसी के अनुसार आगे काम किया जाएगा।
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पड़ावों में यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े, इस पर पूरा ध्यान दिया जाएगा। कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग के सारे पड़ाव बर्फीले स्थानों पर स्थित हैं। अधिकतर पड़ावों में अप्रैल के अंत तक बर्फ रहती है। नाभीढांग और कुटी पड़ाव बर्फ की दृष्टि से सबसे ज्यादा संवेदनशील हैं। पिछले वर्षों तक इन पड़ावों में बर्फ से ज्यादा नुकसान हुआ था।
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पिथौरागढ़। कैलाश मानसरोवर यात्रियों का पहला दल 13 जून को धारचूला पहुंचेगा। केएमवीएन जून प्रथम सप्ताह तक हर पड़ाव में राशन पहुंचाएगा। केएमवीएन के महाप्रबंधक टीएस मर्तोलिया ने बताया कि आटा, चावल, दाल, तेल, मसाले आदि को पहुंचाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। टेंडर के समय जो ठेकेदार तय होगा, वह समय पर राशन सप्लाई की जिम्मेदारी लेगा।
पिथौरागढ़। डीएम सी रविशंकर मई मध्य में यात्रा मार्ग और पड़ावों की स्थिति का जायजा लेने जाएंगे। कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग का पैदल हिस्सा इसी जिले में है। इस कारण प्रशासन की जिम्मेदारी ज्यादा हो जाती है। जिला प्रशासन विभिन्न विभागों के साथ तालमेल बिठाकर यात्रा व्यवस्थाओं का संचालन करेगा।