{"_id":"68deb2250463d0faf508c599","slug":"kaikeyi-asked-dasharatha-for-two-boons-pithoragarh-news-c-230-1-pth1004-133233-2025-10-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: कैकयी ने दशरथ से मांगे दो वरदान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: कैकयी ने दशरथ से मांगे दो वरदान
Thu, 02 Oct 2025 10:41 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 02 Oct 2025 10:41 PM IST
विज्ञापन
गंगोलीहाट की रामलीला में वन को प्रस्थान करते राम, लक्ष्मण और सीता। संवाद
गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। नगर में आयोजित रामलीला में कैकयी-राम संवाद, राम-सीता संवाद, राम-लक्ष्मण संवाद, कौशल्या-राम संवाद, राम-लक्ष्मण और सीता के वन गमन की लीला का मंचन किया गया। राजा दशरथ से रानी कैकयी ने भरत को राजगद्दी देने और राम को वनवास का वर मांगा।
राजा दशरथ के बार-बार समझाने पर भी कैकयी नहीं मानी। तब राजा दशरथ ने राम को वनवास और भरत को राजगद्दी देने की घोषणा की। राम ने पिता के निर्णय को सहर्ष स्वीकार करते हुए सीता और लक्ष्मण के साथ वन के लिए प्रस्थान किया। पात्रों ने अपने अभिनय की अमिट छाप छोड़ी। वहां कमेटी के अध्यक्ष हेमराज रावल, उपाध्यक्ष विजय शाह, सचिव गजेंद्र रावल, कोषाध्यक्ष नरेंद्र रावल, संरक्षक राजेंद्र सिंह रावल, पूर्व प्रमुख ललित पाठक आदि थे। संवाद
विज्ञापन
राजा दशरथ के बार-बार समझाने पर भी कैकयी नहीं मानी। तब राजा दशरथ ने राम को वनवास और भरत को राजगद्दी देने की घोषणा की। राम ने पिता के निर्णय को सहर्ष स्वीकार करते हुए सीता और लक्ष्मण के साथ वन के लिए प्रस्थान किया। पात्रों ने अपने अभिनय की अमिट छाप छोड़ी। वहां कमेटी के अध्यक्ष हेमराज रावल, उपाध्यक्ष विजय शाह, सचिव गजेंद्र रावल, कोषाध्यक्ष नरेंद्र रावल, संरक्षक राजेंद्र सिंह रावल, पूर्व प्रमुख ललित पाठक आदि थे। संवाद
विज्ञापन