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धारचूला की काली नदी में अवैध खनन रोकने की मांग को लेकर प्रदर्शन
Mon, 13 May 2019 10:39 PM IST
kamlesh kamlesh
ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़।
ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़।
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Mon, 13 May 2019 10:39 PM IST
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पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय में प्रदर्शन करते धारचूला के लोग।
- फोटो : पिथौरागढ़
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धारचूला तहसील मुख्यालय की काली नदी में अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग को लेकर लोगों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अवैध खनन नहीं रुका तो बरसात में कई गांव खतरे में आ जाएंगे।
सोमवार को प्रदर्शन के बाद भाजपा के मुख्य मीडिया प्रभारी जगत मर्तोलिया के नेतृत्व में जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में कहा कि धारचूला में काली नदी में जेसीबी लगाकर अवैध रूप से खनन किया जा रहा है।
खनन सामग्री को तवाघाट मार्ग पर जमा किया जा रहा है। यदि मशीनों से इसी तरह से खनन किया गया तो बरसात में ग्राम पंचायत गलाती, निंगालपानी और गोठी के कई परिवारों को खतरा पैदा हो जाएगा। उन्होंने प्रतिबंध के बावजूद नदी में जेसीबी से खनन करने पर भी सवाल उठाए हैं।
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कहा कि जानकारी होने के बावजूद तहसील प्रशासन की ओर से अवैध खनन पर रोक नहीं लगाई जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि इसी तरह से खनन हुआ तो काली नदी का बहाव भारतीय क्षेत्र की ओर होने से जमीन बहने का खतरा और अधिक बढ़ जाएगा। उन्होंने जिलाधिकारी से शीघ्र अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग की।
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सोमवार को प्रदर्शन के बाद भाजपा के मुख्य मीडिया प्रभारी जगत मर्तोलिया के नेतृत्व में जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में कहा कि धारचूला में काली नदी में जेसीबी लगाकर अवैध रूप से खनन किया जा रहा है।
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खनन सामग्री को तवाघाट मार्ग पर जमा किया जा रहा है। यदि मशीनों से इसी तरह से खनन किया गया तो बरसात में ग्राम पंचायत गलाती, निंगालपानी और गोठी के कई परिवारों को खतरा पैदा हो जाएगा। उन्होंने प्रतिबंध के बावजूद नदी में जेसीबी से खनन करने पर भी सवाल उठाए हैं।
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कहा कि जानकारी होने के बावजूद तहसील प्रशासन की ओर से अवैध खनन पर रोक नहीं लगाई जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि इसी तरह से खनन हुआ तो काली नदी का बहाव भारतीय क्षेत्र की ओर होने से जमीन बहने का खतरा और अधिक बढ़ जाएगा। उन्होंने जिलाधिकारी से शीघ्र अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग की।