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नशेड़ी बेटे ने छुड़ाया मां से देश
ब्यूरो/अमर उजाला, झूलाघाट
Updated Sat, 04 Jul 2015 11:02 PM IST
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अक्सर सुनने में आता है कि नशा घर-परिवार को तबाह कर देता है। कुछ ऐसा ही वाकया नेपाल के एक परिवार के साथ देखने को आया है। यहां बेटे की नशे की लत और मारपीट से दुखी वृद्ध मां को अपने पोता-पोती के साथ अपना देश छोड़ आई है। उन्हें अब इन बच्चों के भविष्य की चिंता है।
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नेपाल के बैतड़ी जिले के बरपुरौली गांव निवासी 70 वर्षीय भाना देवी बताती हैं कि उसके पति सेना में कार्यरत थे। उनकी मृत्यु के बाद उसे छह हजार रुपये मासिक पेंशन मिलती है, लेकिन बेटा दशरथ नाथ पेंशन का सारा पैसा लेकर शराब में उड़ा देता है। पिछले साल बेटे ने परिवार के सभी सदस्यों के साथ मारपीट कर दी। उसके आतंक से भयभीत होकर वह अपने 12 साल के पोते गणेश नाथ और 16 साल की पोती लक्ष्मी के साथ झूलाघाट आ गई। भाना देवी ने पुराना बाजार में किराए का कमरा ले रखा है। पेंशन से वह दो वक्त की रोटी का इंतजाम कर रही है। भाना देवी ने बताया कि परिवार में कलह और आतंक का यह क्रम करीब पांच साल से चल रहा था। बहू ने बेटे के आतंक से दुखी होकर दार्चुला जिले के गोकुलेश्वर में दूसरी शादी कर ली। वह अपने दोनों बच्चों को छोड़कर चली गई थी।
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परिवार के लोगों ने दशरथ नाथ के आतंक से परेशान होकर दो बार नेपाल पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। घरेलू हिंसा के अपराध में वह दो बार जेल जा चुका है। भाना देवी कहती हैं कि अपनी ढलती उम्र में बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है। सामाजिक कार्यकर्ता बृजेश गड़कोटी ने कहा कि वह बैतड़ी में जिलाधिकारी से मिलकर इस समस्या के समाधान की कोशिश करेंगे। झूलाघाट कस्बे के लोग इस महिला की मजबूरी और संकट को समझकर उसकी हर समय मदद करते रहते हैं।
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