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सड़क पर जाम और धूल
Wed, 09 Jan 2019 10:26 PM IST
kamlesh kamlesh
ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़।
ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़।
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Wed, 09 Jan 2019 10:26 PM IST
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पिथौरागढ़ के घाट रोड पर लगा वाहनों का जाम।
- फोटो : पिथौरागढ़
बारहमासी सड़क का बेतरतीब तरीके से हो रहा निर्माण स्थानीय नागरिकों और बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए जी का जंजाल बन गया है। छिड़काव न होने से सड़क धूल के गुबार में ढकी रहती है। पहाड़ियों की कटिंग के चलते घाट से लेकर गुरना के बीच रोज के जाम में भी यात्री फंसे रहते हैं।
जिला मुख्यालय से 29 किमी दूर घाट से पिथौरागढ़ नगर तक की रोड बारहमासी सड़क में तब्दील की जा रही है। इन दिनों घाट से लेकर गुरना तक पहाड़ियों की कटिंग हो रही है। घाट के पास सुबह 11 बजे से 12 बजे तक सड़क का कटान करने के कारण सड़क में यातायात रोका जा रहा है। 11 बजे रुके वाहनों को निकालने के बाद फिर एक घंटे के लिए 12 बजे तक पहाड़ी कटान के कारण सड़क में वाहन संचालन बंद रखा जा रहा है। दिन भर कई बार आधे घंटे से एक घंटे तक यातायात संचालन रोका जा रहा है। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जा रही है। जाम में फंसने से लोगों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है।
जाम के झाम से बड़ी मुसीबत सड़क से उठ रही धूल की है। सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव करने की ओर कार्यदायी संस्था का ध्यान नहीं है।हाल यह है कि धूल से गुरना, इग्यारदेवी आदि स्थानों में सड़क के आसपास बने मकान धूल की मोटी परत से ढक गए हैं। लोग अब धूल से बीमारी का अंदेशा जताने लगे हैं ।
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जिला मुख्यालय से 29 किमी दूर घाट से पिथौरागढ़ नगर तक की रोड बारहमासी सड़क में तब्दील की जा रही है। इन दिनों घाट से लेकर गुरना तक पहाड़ियों की कटिंग हो रही है। घाट के पास सुबह 11 बजे से 12 बजे तक सड़क का कटान करने के कारण सड़क में यातायात रोका जा रहा है। 11 बजे रुके वाहनों को निकालने के बाद फिर एक घंटे के लिए 12 बजे तक पहाड़ी कटान के कारण सड़क में वाहन संचालन बंद रखा जा रहा है। दिन भर कई बार आधे घंटे से एक घंटे तक यातायात संचालन रोका जा रहा है। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जा रही है। जाम में फंसने से लोगों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है।
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जाम के झाम से बड़ी मुसीबत सड़क से उठ रही धूल की है। सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव करने की ओर कार्यदायी संस्था का ध्यान नहीं है।हाल यह है कि धूल से गुरना, इग्यारदेवी आदि स्थानों में सड़क के आसपास बने मकान धूल की मोटी परत से ढक गए हैं। लोग अब धूल से बीमारी का अंदेशा जताने लगे हैं ।
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