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Pithoragarh News: ‘विद्यालय में अराजकता फैलाने वालों पर कराएं एफआईआर’
Thu, 25 Jan 2024 11:11 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 25 Jan 2024 11:11 PM IST
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पिथौरागढ़। केएनयू जीआईसी में अराजक तत्वों की ओर से की गई अराजकता को लेकर अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। सीईओ अशोक कुमार जुकरिया ने खंड शिक्षा अधिकारी और केएनयू जीआईसी के प्रधानाचार्य को अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर कराने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा उन्होंने पुराने और दीमक लगे रिकाॅर्ड, किताबें और अलमारी को नीलाम करने के भी निर्देश दिए हैं।
जिस केएनयू जीआईसी को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कृष्णानंद उप्रेती ने 60 हजार रुपये चंदा जमा कर बनवाया था। आज उस विद्यालय का कोई सुधलेवा नहीं है। जो भवन आज नशेड़ियों का अड्डा बना हुआ है, वहां कभी जूनियर की कक्षाएं संचालित होती थीं। आधा ब्लाॅक एसआईटी और आधा ब्लाॅक रमसा के पास जाने के बाद यह भवन जीर्णशीर्ण हो गया। यह पूरा ब्लाॅक नशेड़ियों और लावारिस मवेशियों का अड्डा बन गया है। उन्हें टोकने और हटाने वाला कोई नहीं है।
बृहस्पतिवार को अमर उजाला में खबर के प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद रमसा का कर्मचारी केएनयू जीआईसी के इस ब्लॉक का जायजा लेने के लिए पहुंचा। उसने बताया कि यहां रखी हुई किताबें काफी पुरानी हैं। इस ब्लाॅक में यूपी के जमाने का सरकारी रिकाॅर्ड भी फेंका गया है।
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अराजक तत्वों ने टिनशेड को तोड़कर अंदर घुसने के लिए रास्ता बनाया हुआ है। इसके अलावा आगे की ओर से बनाए गए गेट को भी तोड़ा गया है। स्कूल के मैदान में बेखौफ अराजक तत्व ताश भी खेलते हैं। इतना सबकुछ होने के बाद भी केएनयू जीआईसी का स्टाफ अराजक तत्वों से कुछ नहीं कह पाता है।
जगह-जगह फैले हैं शराब की बोतलें, ताश के पत्ते और गोबर
पिथौरागढ़। केएनयू जीआईसी के जूनियर ब्लाॅक के अंदर जगह-जगह शराब की बोतलें फैली हुई हैं। ताश के पत्ते, गोवंश का गोबर, टूटी मेज, कुर्सियां, अलमारी, पुराने रिकाॅर्ड जगह-जगह फैले हुए हैं। संवाद
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जिस केएनयू जीआईसी को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कृष्णानंद उप्रेती ने 60 हजार रुपये चंदा जमा कर बनवाया था। आज उस विद्यालय का कोई सुधलेवा नहीं है। जो भवन आज नशेड़ियों का अड्डा बना हुआ है, वहां कभी जूनियर की कक्षाएं संचालित होती थीं। आधा ब्लाॅक एसआईटी और आधा ब्लाॅक रमसा के पास जाने के बाद यह भवन जीर्णशीर्ण हो गया। यह पूरा ब्लाॅक नशेड़ियों और लावारिस मवेशियों का अड्डा बन गया है। उन्हें टोकने और हटाने वाला कोई नहीं है।
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बृहस्पतिवार को अमर उजाला में खबर के प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद रमसा का कर्मचारी केएनयू जीआईसी के इस ब्लॉक का जायजा लेने के लिए पहुंचा। उसने बताया कि यहां रखी हुई किताबें काफी पुरानी हैं। इस ब्लाॅक में यूपी के जमाने का सरकारी रिकाॅर्ड भी फेंका गया है।
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अराजक तत्वों ने टिनशेड को तोड़कर अंदर घुसने के लिए रास्ता बनाया हुआ है। इसके अलावा आगे की ओर से बनाए गए गेट को भी तोड़ा गया है। स्कूल के मैदान में बेखौफ अराजक तत्व ताश भी खेलते हैं। इतना सबकुछ होने के बाद भी केएनयू जीआईसी का स्टाफ अराजक तत्वों से कुछ नहीं कह पाता है।
जगह-जगह फैले हैं शराब की बोतलें, ताश के पत्ते और गोबर
पिथौरागढ़। केएनयू जीआईसी के जूनियर ब्लाॅक के अंदर जगह-जगह शराब की बोतलें फैली हुई हैं। ताश के पत्ते, गोवंश का गोबर, टूटी मेज, कुर्सियां, अलमारी, पुराने रिकाॅर्ड जगह-जगह फैले हुए हैं। संवाद