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Pithoragarh News: कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने किया फसलों का निरीक्षण
Fri, 07 Jul 2023 11:16 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 07 Jul 2023 11:16 PM IST
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मुवानी में मक्का की फसलों का निरीक्षण करते कृषि विशेषज्ञ। संवाद
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पिथौरागढ़। कृषि विज्ञान केंद्र पिथौरागढ़ के पादप सुरक्षा विशेषज्ञ डाॅ. महेंद्र सिंह और शस्य विज्ञान के विशेषज्ञ डाॅ. अलंकार सिंह ने कनालीछीना ब्लॉक के मुवानी क्षेत्र में खरीफ की फसलों का निरीक्षण किया। विशेषज्ञों ने बताया कि मौसम के बदलते स्वरूप के चलते फसल में कीटों का खतरा बढ़ता जाता है। इसके लिए समय- समय पर फसल की देखभाल करना जरूरी है।
उन्होंने बताया कि कुरमुला एक विनाशकारी कीट है। यह फसलों को काफी नुकसान पहुंचा रहा है। इसके प्रबंधन के लिए उन्होंने किसानों से खेतों की गहरी जुताई करने और खेत तैयार करते समय 100 किलोग्राम नीम की खली प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव करने को कहा। कुरमुला प्रबंधन के लिए प्रकाश प्रपंच का उपयोग करने की सलाह दी गई। खेतों में सड़ी हुई गोबर का उपयोग करने और खेत तैयार करते समय छह से 10 किलोग्राम फिप्रोनील का छिड़काव करने को कहा गया। नीम तेल का उपयोग पांच मिली लीटर प्रति लीटर पानी के साथ छिड़काव करने की सलाह दी गई। प्यूपा को नष्ट करने के लिए खेतों की गहरी जुताई करने और रसायनिक उपचार में क्लोरेनट्रानीलीप्रोल ( कोराजन) 0.4 मिली प्रति लीटर पानी के हिसाब से छिड़काव करने की सलाह दी गई।
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उन्होंने बताया कि कुरमुला एक विनाशकारी कीट है। यह फसलों को काफी नुकसान पहुंचा रहा है। इसके प्रबंधन के लिए उन्होंने किसानों से खेतों की गहरी जुताई करने और खेत तैयार करते समय 100 किलोग्राम नीम की खली प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव करने को कहा। कुरमुला प्रबंधन के लिए प्रकाश प्रपंच का उपयोग करने की सलाह दी गई। खेतों में सड़ी हुई गोबर का उपयोग करने और खेत तैयार करते समय छह से 10 किलोग्राम फिप्रोनील का छिड़काव करने को कहा गया। नीम तेल का उपयोग पांच मिली लीटर प्रति लीटर पानी के साथ छिड़काव करने की सलाह दी गई। प्यूपा को नष्ट करने के लिए खेतों की गहरी जुताई करने और रसायनिक उपचार में क्लोरेनट्रानीलीप्रोल ( कोराजन) 0.4 मिली प्रति लीटर पानी के हिसाब से छिड़काव करने की सलाह दी गई।
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