{"_id":"5ccf3a09bdec2207506077c7","slug":"india-nepal-associated-with-dodda-swing","type":"story","status":"publish","title_hn":"ड्योड़ा झूलापुल से जुड़े भारत-नेपाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ड्योड़ा झूलापुल से जुड़े भारत-नेपाल
Mon, 06 May 2019 01:01 AM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो, पिथौरागढ़।
अमर उजाला ब्यूरो, पिथौरागढ़।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Mon, 06 May 2019 01:01 AM IST
विज्ञापन
नेपाल सीमा से ड्यौड़ा में बनकर तैयार झूलापुल।
- फोटो : AMAR UJALA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीपली के पास ड्योड़ा में महाकाली नदी में झूलापुल बनकर तैयार हो गया है। नेपाल सरकार ने महाकाली नदी में 200 मीटर लंबे झूलापुल का निर्माण कराया है। झूलापुल बनने से भारत-नेपाल सीमा में बसे दोनों देशों के नागरिकों को काफी सुविधा मिलेगी। इससे दोनों देशों के लोगों के धन और समय दोनों की बचत होगी।
महाकाली नदी में पुल न होने से भारतीय क्षेत्र के ड्यौड़ा, सुनखोली, बबेटी, पमसेरा, पीपली समेत तमाम गांवों के लोगों को नेपाल जाने के लिए 12 किमी दूर जौलजीबी और 13 किमी दूर झूलाघाट जाना पड़ता था। दोनों देशों के लोगों के बीच आपस में रोटी-बेटी के रिश्ते हैं। रिश्तेदारी में अक्सर एक दूसरे के देश में आवागमन चलता रहता है। पुल न होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
दोनों देशों की सहमति के बाद भारत-नेपाल सीमा में पीपली से दो किमी दूर ड्योड़ा नामक स्थान पर एक साल पहले पुल का निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ। नेपाल सरकार पुल का निर्माण कर रही है। पुल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। झूलापुल के दोनों छोरों तक रास्ता तैयार किया जा चुका है। जल्द ही पुल से आवागमन शुरू होने के आसार बन गए हैं। लोगों का कहना है कि अब ड्योड़ा से सीधे नेपाल में प्रवेश किया जा सकेगा। इससे धन और समय दोनों की बचत होगी।
विज्ञापन
-
सुरक्षा चौकी खुलने के बाद पुल से आवागमन होगा शुरू
ड्योड़ा में बने झूलापुल के दोनों छोरों पर सुरक्षा बलों की चौकियां स्थापित की जानी हैं। भारत की ओर एसएसबी तो नेपाल की ओर नेपाल प्रहरी की चौकियों का निर्माण होना है। चौकियां स्थापित करने की कार्यवाही चल रही है। जल्द ही पुल से आवागमन शुरू होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
महाकाली नदी में पुल न होने से भारतीय क्षेत्र के ड्यौड़ा, सुनखोली, बबेटी, पमसेरा, पीपली समेत तमाम गांवों के लोगों को नेपाल जाने के लिए 12 किमी दूर जौलजीबी और 13 किमी दूर झूलाघाट जाना पड़ता था। दोनों देशों के लोगों के बीच आपस में रोटी-बेटी के रिश्ते हैं। रिश्तेदारी में अक्सर एक दूसरे के देश में आवागमन चलता रहता है। पुल न होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
विज्ञापन
दोनों देशों की सहमति के बाद भारत-नेपाल सीमा में पीपली से दो किमी दूर ड्योड़ा नामक स्थान पर एक साल पहले पुल का निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ। नेपाल सरकार पुल का निर्माण कर रही है। पुल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। झूलापुल के दोनों छोरों तक रास्ता तैयार किया जा चुका है। जल्द ही पुल से आवागमन शुरू होने के आसार बन गए हैं। लोगों का कहना है कि अब ड्योड़ा से सीधे नेपाल में प्रवेश किया जा सकेगा। इससे धन और समय दोनों की बचत होगी।
विज्ञापन
-
सुरक्षा चौकी खुलने के बाद पुल से आवागमन होगा शुरू
ड्योड़ा में बने झूलापुल के दोनों छोरों पर सुरक्षा बलों की चौकियां स्थापित की जानी हैं। भारत की ओर एसएसबी तो नेपाल की ओर नेपाल प्रहरी की चौकियों का निर्माण होना है। चौकियां स्थापित करने की कार्यवाही चल रही है। जल्द ही पुल से आवागमन शुरू होने की उम्मीद है।