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दारमा-व्यास घाटी के उच्च हिमालयी गांवों में लगातार बारिश से बढ़ी मुश्किलें
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मुनस्यारी के मिलम कैंप में बर्फ से ढके बीआरओ के वाहन। संवाद
- फोटो : PITHORAGARH
धारचूला (पिथौरागढ़)। व्यास व दारमा घाटी में बर्फबारी और बारिश ने लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ा दी है। दांतू प्रधान जमन दताल और होमस्टे स्वामी महेश दताल ने बताया कि प्रसिद्ध पंचाचूली ग्लेशियर देखने आए 40 यात्री बारिश और सड़क बंद होने से गांव में ही फंसे हैं। सभी सुरक्षित हैं। लगातार बारिश को देखते हुए दारमा घाटी के कई गांव माइग्रेशन की तैयारी में जुटे थे। लगातार बारिश से उनकी राह रोक थी है।
आदि कैलाश, ज्योलिंकांग, कालापानी और लिपुलेख में दो फुट से ज्यादा बर्फबारी हुई है। बर्फबारी और बारिश से बीआरओ का सड़क निर्माण कार्य भी रुक गया है। बीआरओ के ज्योलीकांग और कुटी सहित अन्य जगहों में जेसीबी मशीन और अन्य सामग्री दो फुट बर्फ से ढक गया है। अत्यधिक बारिश और बर्फबारी से आदि कैलाश यात्रा में अन्य राज्यों से आए करीब 27 यात्री ज्योलीकांग में केएमवीएन गेस्ट हाउस में फंसे हैं। धारचूला के केएमवीएन प्रबंधक धन सिंह धामी ने बताया कि फिलहाल सभी यात्री सुरक्षित है। दो दिनों से तवाघाट लिपुलेख सड़क मलघाट, लामारी और बुदी आदि जगहों में बंद है।
मिलम में डेढ़ फुट बर्फ
मुनस्यारी। भारत-चीन सीमा के अंतिम माइग्रेशन गांव मिलम में लगभग डेढ़ फीट बर्फबारी ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सड़क मार्ग पूरी तरह बंद हो गए हैं। माइग्रेशन पर गए लोग एवं ठेकेदारों के श्रमिक अभी भी मल्ला जोहार में फंसे हैं। बर्फबारी से बीआरओ के वाहन और सड़क निर्माण की मशीनें भी ढक गई हैं। संवाद
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महोत्सव का सामान पहुंचाने गए वाहन फंसे
धारचूला। बुधवार से गुंजी में शुरू हो रहे शिवोत्सव की तैयारियों के लिए प्रशासन ने पूरी कमर कसी है। लगातार हो रही बारिश ने महोत्सव की तैयारियों में बाधा पहुंचाई है। लगातार बारिश के चलते जगह-जगह सड़क मार्ग बंद होने से महोत्सव की तैयारी का सामान पहुंचाने गए 10 वाहन क्षेत्र में फंस गए हैं। इसके अलावा सड़क बंद होने से सांस्कृतिक दलों का जाना भी क्षेत्र में पहुंचना मुश्किल हो गया है। अभी तक रं समुदाय के कुछ लोग गुंजी पहुंचे हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम भी सड़क बंद होने चलते क्षेत्र में नहीं जा पाई है। टीम को वहां पर लोगों का टीकाकरण करना है।
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आदि कैलाश, ज्योलिंकांग, कालापानी और लिपुलेख में दो फुट से ज्यादा बर्फबारी हुई है। बर्फबारी और बारिश से बीआरओ का सड़क निर्माण कार्य भी रुक गया है। बीआरओ के ज्योलीकांग और कुटी सहित अन्य जगहों में जेसीबी मशीन और अन्य सामग्री दो फुट बर्फ से ढक गया है। अत्यधिक बारिश और बर्फबारी से आदि कैलाश यात्रा में अन्य राज्यों से आए करीब 27 यात्री ज्योलीकांग में केएमवीएन गेस्ट हाउस में फंसे हैं। धारचूला के केएमवीएन प्रबंधक धन सिंह धामी ने बताया कि फिलहाल सभी यात्री सुरक्षित है। दो दिनों से तवाघाट लिपुलेख सड़क मलघाट, लामारी और बुदी आदि जगहों में बंद है।
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मिलम में डेढ़ फुट बर्फ
मुनस्यारी। भारत-चीन सीमा के अंतिम माइग्रेशन गांव मिलम में लगभग डेढ़ फीट बर्फबारी ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सड़क मार्ग पूरी तरह बंद हो गए हैं। माइग्रेशन पर गए लोग एवं ठेकेदारों के श्रमिक अभी भी मल्ला जोहार में फंसे हैं। बर्फबारी से बीआरओ के वाहन और सड़क निर्माण की मशीनें भी ढक गई हैं। संवाद
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महोत्सव का सामान पहुंचाने गए वाहन फंसे
धारचूला। बुधवार से गुंजी में शुरू हो रहे शिवोत्सव की तैयारियों के लिए प्रशासन ने पूरी कमर कसी है। लगातार हो रही बारिश ने महोत्सव की तैयारियों में बाधा पहुंचाई है। लगातार बारिश के चलते जगह-जगह सड़क मार्ग बंद होने से महोत्सव की तैयारी का सामान पहुंचाने गए 10 वाहन क्षेत्र में फंस गए हैं। इसके अलावा सड़क बंद होने से सांस्कृतिक दलों का जाना भी क्षेत्र में पहुंचना मुश्किल हो गया है। अभी तक रं समुदाय के कुछ लोग गुंजी पहुंचे हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम भी सड़क बंद होने चलते क्षेत्र में नहीं जा पाई है। टीम को वहां पर लोगों का टीकाकरण करना है।