{"_id":"586d2d704f1c1b4d5615a1e9","slug":"in-the-case-of-cash-for-banks-outcry","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंकों में कैश के लिए हाहाकार की स्थिति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैंकों में कैश के लिए हाहाकार की स्थिति
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Wed, 04 Jan 2017 10:44 PM IST
विज्ञापन
पिथौरागढ़ स्टेट बैंक में भुगतान के लिए उमड़ी लोगों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यहां बैंकों में कैश को लेकर हाहाकार की स्थिति पैदा हो गई है। जिले के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक में कैश लगभग समाप्त होने को है। बुधवार को कैश के संकट को देखते हुए भुगतान की राशि दस हजार में सीमित कर दी गई, लेकिन बैंक में उमड़ रही भीड़ को देखकर ऐसा लगता है कि बृहस्पतिवार से बैंक इतना भुगतान भी नहीं कर पाएगा।
विज्ञापन
स्टेट बैंक में कैश के लिए बागेश्वर शाखा से संपर्क साधा है। यदि वहां से कैश नहीं मिलता तो यहां हालात बेहद खराब हो जाएंगे। महीने का प्रथम सप्ताह होने के कारण बैंक में भुगतान पाने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। प्रथम सप्ताह में सभी को पैसे की जरूरत होती है, लेकिन बैंक ने भुगतान की राशि कम कर दी है। पिछले सप्ताह तक खातेदारों को इसी उम्मीद में 24 हजार रुपए तक का भुगतान किया गया कि कैश की व्यवस्था हो जाएगी, लेकिन कैश न आने से हालात खराब हो गए हैं।
विज्ञापन
बैंक के अधिकारियों का कहना है कि रिजर्व बैंक से अब तक सीधे धनराशि नहीं मिली है। अब इस हफ्ते के अंत तक रिजर्व बैंक से देहरादून के जरिए कैश आने की उम्मीद तो बन रही है, लेकिन जब तक कैश नहीं पहुंच जाता कुछ कहना जल्दबाजी होगी। बैंक के अधिकारी और कर्मचारी भी कैश की कमी के कारण भारी दबाव में आ गए हैं। स्टेट बैंक के प्रबंधक प्रवीण गर्ब्याल ने बताया कि इस समय हालत सामान्य नहीं है। जल्दी कैश का इंतजाम नहीं होता है तो बृहस्पतिवार से भुगतान कर पाना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि अब भुगतान में 10 हजार रुपए से अधिक की राशि नहीं दी जा रही है। अलबत्ता कैश आने के बाद पहले की तरह 24 हजार रुपए का भुगतान कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
हालात सामान्य होने में छह माह लगेंगे
पिथौरागढ़। नोटबंदी के 50 दिन पूरे होने के बाद जिस तरह कैश का संकट बढ़ा है, उससे यह संभावना भी जताई जाने लगी है कि हालात सामान्य होने में छह महीने का समय लग सकता है। कुछ जानकारों और बैंकिंग से जुड़े लोगों का कहना है कि जिस मात्रा में पुराने नोट जमा हुए हैं, उस रफ्तार से नए नोट बैंकों में नहीं पहुंच पा रहे हैं। इस कारण समस्या ज्यादा गंभीर हो रही है।
बैंकों में लौटकर नहीं जा रहा रुपया
पिथौरागढ़। बैंकों से लोग भुगतान तो ले रहे हैं, लेकिन वापस बैंक में जमा नहीं कर पा रहे हैं। इसकी वजह यह है कि दोबारा बैंक से भुगतान कब तक होगा इसकी कोई गारंटी नहीं रहती। सूत्रों के अनुसार अकेले भारतीय स्टेट बैंक की पिथौरागढ़ शाखा ने नोटबंदी के बाद करीब 99 करोड़ रुपए की राशि बांट दी है, लेकिन बैंकों को वापस जमा होने वाली राशि बहुत कम है।
धारचूला में कैश की किल्लत से लोग परेशान
धारचूला। सीमांत तहसील मुख्यालय धारचूला के बैंकों में भी कैश की भारी किल्लत हो गई है। नगर में लगा एटीएम खराब पड़ा है। लोगों को काउंटर से पांच हजार रुपए मिलना भी मुश्किल हो रहा है। बैंक में दूर-दूर से लोग आ रहे हैं, लेकिन उनको भुगतान के संकट से जूझना पड़ रहा है। बैंक के अधिकारियों ने बताया कि चेस्ट ब्रांच से कैश न मिलने से यह समस्या पैदा हो रही है। व्यापार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र थापा ने कहा कि तत्काल बैंक को कैश दिया जाए, ताकि लोगों की परेशानी दूर हो सके।