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पिथौरागढ़ में 60 प्रतिशत आबादी को मिल रहा है दूसरे दिन पानी
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तिलढुकरी क्षेत्र में गंदे पेयजल की आपूर्ति हो रही है।
- फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़। आंवलाघाट सहित तीन-तीन योजनाओं के बावजूद नगर की 60 प्रतिशत आबादी को दूसरे दिन पानी मिल रहा है। नगर को छह एमएलडी पानी सप्लाई करने वाली घाट पेयजल योजना बारहमासी सड़क के निर्माण के दौरान ध्वस्त हो गई थी, यह योजना अभी तक ठीक नहीं हो पाई है। इस योजना से बिल्कुल भी पानी नहीं मिल पा रहा है। नगर में प्रतिदिन करीब 12 एमएलडी पानी की आवश्यकता है। वर्तमान में नगर को प्रतिदिन 8.5 से 9.0 एमएलडी ही पानी मिल पा रहा है। इसके चलते जल संस्थान नगर के कई हिस्सों में एक दिन छोड़कर पेयजल की आपूर्ति कर रहा है।
नगर के विण, रई, तिलढुकरी, जाखनी, बस्ते, धनौड़ा, पंडा, एंचोली, भदेलवाड़ा सहित कई अन्य स्थानों पर जल संस्थान एक दिन छोड़कर पेयजल की आपूर्ति कर रहा है। पेयजल के लिए इन क्षेत्रों में रहने वाली 60 प्रतिशत आबादी जल संकट से काफी परेशान है। वर्तमान में नगर को आंवालाघाट और ठुलीगाड़ पेयजल योजना से पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। अंवालघाट पेयजल योजना 12 एमएलडी की है लेकिन अभी इस योजना से मात्र छह एमएलडी पानी ही मिल रहा है। इस योजना में जल निगम तीसरे वैल का निर्माण कर रहा है तीसरे वैल का निर्माण कार्य पूरा होते ही इस योजना से नौ एमएलडी पानी मिलने लगेगा। इसके अलावा छह एमएलडी की घाट पेयजल योजना बारहमासी सड़क के निर्माण के दौरान ध्वस्त हो गई है। इसे अभी तक ठीक नहीं किया जा सका है। इस योजना से नगर को पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
बारिश नहीं होने से प्राकृतिक जल स्रोतों का भी गिर रहा है जल स्तर
पिथौरागढ़। बारिश न होने के कारण प्राकृतिक जल स्रोतों का जल स्तर काफी कम हो गया है। नगर स्थित अधिकतर नौले-धारों का पानी पीने लायक नहीं है। इसलिए लोग उनका उपयोग काफी कम करते हैं।
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कई क्षेत्रों में हो रही है दूषित पानी की आपूर्ति
पिथौरागढ़। नगर के कई क्षेत्रों में दूषित पेयजल की आपूर्ति हो रही है। जिससे लोग परेशान हैं नगर के अधिकतर स्थानों में पेयजल योजनाओं के पाइपों को नालियों और रास्तों पर खुला बिछाया है। जिस कारण लाइन के हल्का सा लीकेज होने पर उसमें नालियों की गंदगी घुस जा रही है। लोगों ने जल संस्थान से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति करने की मांग की है।
इनसेट कोट-
नगर में लोगों को मांग के सापेक्ष पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। जिन स्थानों पर दिक्कत हो रही है उन स्थानों पर टैंकरों से पेयजल की आपूर्ति की जा रही है।
अशोक कुमार, ईई जल संस्थान पिथौरागढ़।
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नगर के विण, रई, तिलढुकरी, जाखनी, बस्ते, धनौड़ा, पंडा, एंचोली, भदेलवाड़ा सहित कई अन्य स्थानों पर जल संस्थान एक दिन छोड़कर पेयजल की आपूर्ति कर रहा है। पेयजल के लिए इन क्षेत्रों में रहने वाली 60 प्रतिशत आबादी जल संकट से काफी परेशान है। वर्तमान में नगर को आंवालाघाट और ठुलीगाड़ पेयजल योजना से पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। अंवालघाट पेयजल योजना 12 एमएलडी की है लेकिन अभी इस योजना से मात्र छह एमएलडी पानी ही मिल रहा है। इस योजना में जल निगम तीसरे वैल का निर्माण कर रहा है तीसरे वैल का निर्माण कार्य पूरा होते ही इस योजना से नौ एमएलडी पानी मिलने लगेगा। इसके अलावा छह एमएलडी की घाट पेयजल योजना बारहमासी सड़क के निर्माण के दौरान ध्वस्त हो गई है। इसे अभी तक ठीक नहीं किया जा सका है। इस योजना से नगर को पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
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बारिश नहीं होने से प्राकृतिक जल स्रोतों का भी गिर रहा है जल स्तर
पिथौरागढ़। बारिश न होने के कारण प्राकृतिक जल स्रोतों का जल स्तर काफी कम हो गया है। नगर स्थित अधिकतर नौले-धारों का पानी पीने लायक नहीं है। इसलिए लोग उनका उपयोग काफी कम करते हैं।
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कई क्षेत्रों में हो रही है दूषित पानी की आपूर्ति
पिथौरागढ़। नगर के कई क्षेत्रों में दूषित पेयजल की आपूर्ति हो रही है। जिससे लोग परेशान हैं नगर के अधिकतर स्थानों में पेयजल योजनाओं के पाइपों को नालियों और रास्तों पर खुला बिछाया है। जिस कारण लाइन के हल्का सा लीकेज होने पर उसमें नालियों की गंदगी घुस जा रही है। लोगों ने जल संस्थान से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति करने की मांग की है।
इनसेट कोट-
नगर में लोगों को मांग के सापेक्ष पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। जिन स्थानों पर दिक्कत हो रही है उन स्थानों पर टैंकरों से पेयजल की आपूर्ति की जा रही है।
अशोक कुमार, ईई जल संस्थान पिथौरागढ़।