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Pithoragarh News: बेस अस्पताल में शिफ्ट होंगे मरीज तो कौन करेगा इलाज?
Sat, 05 Oct 2024 11:14 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 05 Oct 2024 11:14 PM IST
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पिथौरागढ़। सीमांत जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए घोषणाएं और निर्देश तो जारी हो रहे हैं, लेकिन इस पर अमल कर पाना खुद सिस्टम के लिए चुनौती बना है। जिला अस्पताल में मरीजों के बढ़ते दबाव को देखते हुए बेस अस्पताल में इन्हें शिफ्ट करने के निर्देश जारी हुए हैं। यहां उनका इलाज कौन करेगा, उन्हें खाना कैसे नसीब होगा, जांचें कैसे और कहां होंगी यह बड़ा सवाल है।
बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के दावे कर जिला मुख्यालय में 65 करोड़ रुपये से खोले गए बेस अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं दम तोड़ रही हैं। यहां तीन बार साक्षात्कार के बाद भी फिजिशियन, ऐनेस्थेटिक के अलावा कोई भी विशेषज्ञ नहीं मिल सके हैं। जिला अस्पताल में इन दिनों मरीजों का खासा दबाव है। यहां 120 के सापेक्ष 155 से अधिक मरीज भर्ती हैं। कोई टॉयफायड का इलाज करा रहा है तो कोई ऑपरेशन के बाद भर्ती है। क्षमता कम होने से मरीजों को बरामदे में बिस्तर लगाने पड़े हैं।
बीते शुक्रवार को डीएम ने जिला अस्पताल का निरीक्षण कर अस्पताल प्रबंधन को मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के दावे कर इन्हें बेस अस्पताल में शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं। भर्ती मरीजों के इलाज के लिए फिजिशियन, सर्जन, ईएनटी सर्जन सहित अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों की जरूरत होती है। बेस अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ ही अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। ऐसे में जिला अस्पताल से शिफ्ट मरीजों का उपचार कौन करेगा इसका जवाब किसी के पास नहीं है। संवाद
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कहां होगा एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और ईसीजी
पिथौरागढ़। करोड़ों रुपये खर्च कर खोले गए बेस अस्पताल में संचालन के दो साल बाद भी एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और ईसीजी जैसी महत्वपूर्ण जांचें शुरू नहीं हो सकीं है। इन जांचाें को करने के लिए न तो यहां तकनीशियन हैं और न ही मशीनरी। यदि किसी भर्ती मरीज का ऑपरेशन करना पड़ा तो उसे बेस अस्पताल में न तो ओटी मिलेगी और न सर्जन। ऐसे में उसे फिर से जिला अस्पताल की दौड़ लगानी होगी।
मरीज और तीमारदारों की कैसे मिटेगी भूख
पिथौरागढ़। बेस अस्पताल में अब तक मरीजों और तीमारदारों के खाने की कोई व्यवस्था नहीं है। स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव और खाने की व्यवस्था न होने से बेस अस्पताल में अब तक कोई भी मरीज भर्ती नहीं किया गया है। ऐसी अव्यवस्थाओं के बीच जिला अस्पताल से मरीजों को बेस अस्पताल शिफ्ट करना कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है।
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कोट
डीएम ने दबाव को देखते हुए मरीजों को बेस अस्पताल में शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं। बेस में विशेषज्ञों, मरीजों, तीमारदारों के भोजन, जांच सहित अन्य व्यवस्थाओं के लिए चर्चा होनी है। सीएमओ, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य के साथ इन सब विषयों को लेकर वार्ता होगी। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। - डॉ. जेएस नबियाल, सीएमएस, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़।
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बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के दावे कर जिला मुख्यालय में 65 करोड़ रुपये से खोले गए बेस अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं दम तोड़ रही हैं। यहां तीन बार साक्षात्कार के बाद भी फिजिशियन, ऐनेस्थेटिक के अलावा कोई भी विशेषज्ञ नहीं मिल सके हैं। जिला अस्पताल में इन दिनों मरीजों का खासा दबाव है। यहां 120 के सापेक्ष 155 से अधिक मरीज भर्ती हैं। कोई टॉयफायड का इलाज करा रहा है तो कोई ऑपरेशन के बाद भर्ती है। क्षमता कम होने से मरीजों को बरामदे में बिस्तर लगाने पड़े हैं।
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बीते शुक्रवार को डीएम ने जिला अस्पताल का निरीक्षण कर अस्पताल प्रबंधन को मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के दावे कर इन्हें बेस अस्पताल में शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं। भर्ती मरीजों के इलाज के लिए फिजिशियन, सर्जन, ईएनटी सर्जन सहित अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों की जरूरत होती है। बेस अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ ही अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। ऐसे में जिला अस्पताल से शिफ्ट मरीजों का उपचार कौन करेगा इसका जवाब किसी के पास नहीं है। संवाद
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कहां होगा एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और ईसीजी
पिथौरागढ़। करोड़ों रुपये खर्च कर खोले गए बेस अस्पताल में संचालन के दो साल बाद भी एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और ईसीजी जैसी महत्वपूर्ण जांचें शुरू नहीं हो सकीं है। इन जांचाें को करने के लिए न तो यहां तकनीशियन हैं और न ही मशीनरी। यदि किसी भर्ती मरीज का ऑपरेशन करना पड़ा तो उसे बेस अस्पताल में न तो ओटी मिलेगी और न सर्जन। ऐसे में उसे फिर से जिला अस्पताल की दौड़ लगानी होगी।
मरीज और तीमारदारों की कैसे मिटेगी भूख
पिथौरागढ़। बेस अस्पताल में अब तक मरीजों और तीमारदारों के खाने की कोई व्यवस्था नहीं है। स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव और खाने की व्यवस्था न होने से बेस अस्पताल में अब तक कोई भी मरीज भर्ती नहीं किया गया है। ऐसी अव्यवस्थाओं के बीच जिला अस्पताल से मरीजों को बेस अस्पताल शिफ्ट करना कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है।
कोट
डीएम ने दबाव को देखते हुए मरीजों को बेस अस्पताल में शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं। बेस में विशेषज्ञों, मरीजों, तीमारदारों के भोजन, जांच सहित अन्य व्यवस्थाओं के लिए चर्चा होनी है। सीएमओ, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य के साथ इन सब विषयों को लेकर वार्ता होगी। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। - डॉ. जेएस नबियाल, सीएमएस, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़।