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Pithoragarh News: सिंचाई न होने से तड़ीगांव में सैकड़ों नाली जमीन हो रही बंजर
Sun, 19 Nov 2023 10:50 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 19 Nov 2023 10:50 PM IST
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मूनाकोट के तड़ीगांव में बंजर पड़े खेत। स्रोत: ग्रामीण
मूनाकोट (पिथौरागढ)। एक ओर जहां सरकार कृषि क्षेत्र को बढ़ावा दे रही है वहीं मूनाकोट ब्लॉक के तड़ीगांव में सिंचाई के अभाव में ग्रामीणों की 2200 सौ नाली जमीन बंजर हो रही है। इससे ग्रामीण खासे परेशान हैं।
राज्य को बने 23 साल हो गए हैं। इतने वर्षों में भी इस क्षेत्र में एक भी सिंचाई नहर का निर्माण नहीं किया गया है। सिंचाई न होने से खेतों में अनाज नहीं उग पा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि तड़ीगांव के खेतों में पहले गेहूं, जो, चना, मटर आदि बहुतायत मात्रा में होता था। सिंचाई नहरें टूटने के बाद से खेत पानी के अभाव में बंजर पड़े हैं।
ग्राम प्रधान कविता चंद ने बताया कि पहले साल भर के खाने के लिए खेतों में ही अन्न पर्याप्त हो जाता था लेकिन अब ग्रामीण बाजार पर ही निर्भर हैं। कुछ काश्तकार पेयजल लाइनों से खेतों में सिंचाई कर सब्जियां और गेहूं उगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सिंचाई की पर्याप्त सुविधा मिले तो बंजर खेत फिर से हरे-भरे हो सकते हैं।
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कोट
पहले खेतों से वर्षभर के लिए अनाज हो जाता था लेकिन अब सिंचाई के अभाव में खेत वीरान पड़े हैं। - कलावती देवी, काश्तकार, तड़ीगांव।
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पानी के अभाव में खेतों में छिटपुट रूप से सब्जी उत्पादन कर रहे हैं। सरकार को सिंचाई की सुविधा मुहैया करानी चाहिए। - हरीश चंद, काश्तकार, तड़ीगांव।
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राज्य को बने 23 साल हो गए हैं। इतने वर्षों में भी इस क्षेत्र में एक भी सिंचाई नहर का निर्माण नहीं किया गया है। सिंचाई न होने से खेतों में अनाज नहीं उग पा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि तड़ीगांव के खेतों में पहले गेहूं, जो, चना, मटर आदि बहुतायत मात्रा में होता था। सिंचाई नहरें टूटने के बाद से खेत पानी के अभाव में बंजर पड़े हैं।
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ग्राम प्रधान कविता चंद ने बताया कि पहले साल भर के खाने के लिए खेतों में ही अन्न पर्याप्त हो जाता था लेकिन अब ग्रामीण बाजार पर ही निर्भर हैं। कुछ काश्तकार पेयजल लाइनों से खेतों में सिंचाई कर सब्जियां और गेहूं उगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सिंचाई की पर्याप्त सुविधा मिले तो बंजर खेत फिर से हरे-भरे हो सकते हैं।
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पहले खेतों से वर्षभर के लिए अनाज हो जाता था लेकिन अब सिंचाई के अभाव में खेत वीरान पड़े हैं। - कलावती देवी, काश्तकार, तड़ीगांव।
पानी के अभाव में खेतों में छिटपुट रूप से सब्जी उत्पादन कर रहे हैं। सरकार को सिंचाई की सुविधा मुहैया करानी चाहिए। - हरीश चंद, काश्तकार, तड़ीगांव।