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मुनस्यारी में 42 लाख की लागत से होगा हेलीपैड का निर्माण
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हेलिकॉप्टर का प्रतीकात्मक फोटो।
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पिथौरागढ़। सीमांत के आपदाग्रस्त क्षेत्र मुनस्यारी के लोगों को हेली सेवा उपलब्ध कराने के लिए कवायद तेज हो गई है। हेलीपैड निर्माण के लिए शासन को भेजे गए 42.44 लाख रुपये के आगणन का शासनादेश हो चुका है। इसकी राशि आने का इंतजार है। राशि आते ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
मुनस्यारी के अधिकतर गांव आपदा की दृष्टि से संवेदनशील हैं। बरसात में यहां पर आपदाएं आने से जान-माल का नुकसान होता है। सड़कें और पैदल रास्ते ध्वस्त होने से गांव अलग-थलग पड़ जाते हैं। कई बार पर्यटक उच्च हिमालयी क्षेत्र में फंस जाते हैं। मुनस्यारी तहसील के गंभीर रोगियों को उपचार के लिए आपातकालीन स्थिति में चिकित्सा में देरी हो जाती है। आपदा प्रबंधन के लिए भी हेलीपैड की जरूरत पड़ती है। इसके लिए प्रशासन ने क्षेत्र के हेलीपैड स्थल का पुनर्निर्माण कर वहां एयरपोर्ट जैसी सुविधा जुटाने की योजना बनाई है। हेलीपैड पर पहले से बने भवन के खाली भाग को एयरपोर्ट की सुविधा में बदलने के लिए 42.44 लाख रुपये का आगणन बनाकर नागरिक उड्डयन विभाग के सचिव को भेजा गया था। इसको स्वीकृति मिलने के बाद शासनादेश जारी हो गया है। इसे सीमांत मुनस्यारी के लिए बड़ी उपलब्धि बताया जा रहा है। अब शासन को इस निर्माण कार्य के लिए यूकाडा से राशि मिलने का इंतजार है। निर्माण पूरा होने के बाद दुर्घटना समेत अन्य मुश्किलों में गंभीर रोगियों को आसानी से एयरलिफ्ट भी किया जा सकेगा।
हेलीपैड निर्माण के लिए 42.44 लाख रुपये का आगणन भेज दिया गया है। इसका शासनादेश जारी हो गया है। नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) से राशि रिलीज होते ही हेलीपैड निर्माण का काम शुरू किया जाएगा। - डॉ. आशीष चौहान, डीएम, पिथौरागढ़।
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मुनस्यारी के अधिकतर गांव आपदा की दृष्टि से संवेदनशील हैं। बरसात में यहां पर आपदाएं आने से जान-माल का नुकसान होता है। सड़कें और पैदल रास्ते ध्वस्त होने से गांव अलग-थलग पड़ जाते हैं। कई बार पर्यटक उच्च हिमालयी क्षेत्र में फंस जाते हैं। मुनस्यारी तहसील के गंभीर रोगियों को उपचार के लिए आपातकालीन स्थिति में चिकित्सा में देरी हो जाती है। आपदा प्रबंधन के लिए भी हेलीपैड की जरूरत पड़ती है। इसके लिए प्रशासन ने क्षेत्र के हेलीपैड स्थल का पुनर्निर्माण कर वहां एयरपोर्ट जैसी सुविधा जुटाने की योजना बनाई है। हेलीपैड पर पहले से बने भवन के खाली भाग को एयरपोर्ट की सुविधा में बदलने के लिए 42.44 लाख रुपये का आगणन बनाकर नागरिक उड्डयन विभाग के सचिव को भेजा गया था। इसको स्वीकृति मिलने के बाद शासनादेश जारी हो गया है। इसे सीमांत मुनस्यारी के लिए बड़ी उपलब्धि बताया जा रहा है। अब शासन को इस निर्माण कार्य के लिए यूकाडा से राशि मिलने का इंतजार है। निर्माण पूरा होने के बाद दुर्घटना समेत अन्य मुश्किलों में गंभीर रोगियों को आसानी से एयरलिफ्ट भी किया जा सकेगा।
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हेलीपैड निर्माण के लिए 42.44 लाख रुपये का आगणन भेज दिया गया है। इसका शासनादेश जारी हो गया है। नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) से राशि रिलीज होते ही हेलीपैड निर्माण का काम शुरू किया जाएगा। - डॉ. आशीष चौहान, डीएम, पिथौरागढ़।
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