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गुंजी, गर्ब्यांग के लिए शुरू नहीं हुई हेलीकॉप्टर सेवा
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Tue, 09 May 2017 11:08 PM IST
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हेलीकॉप्टर सेवा
- फोटो : amar ujala
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धारचूला से गुंजी और गर्ब्यांग के लिए पिछले वर्षों तक एक मई से हेलीकॉप्टर सेवा शुरू हो जाती थी, लेकिन इस बार सरकार ने इस बारे में कोई फैसला नहीं लिया है। इसी तरह मुनस्यारी से मिलम के लिए भी हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने के बारे में अब तक कोई फैसला नहीं लिया गया है। धारचूला से कई लोग इसी इंतजार में बैठे हैं कि हेलीकॉप्टर सेवा शुरू हो जाए तो अपने गांव तक आसानी से पहुंच जाते।
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कांग्रेस शासन में धारचूला के विधायक रहे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने तीन साल तक सीमांत के लोगों को सुविधा देने के लिए हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की थी। पहले दो वर्ष तक सेवा का संचालन धारचूला तहसील प्रशासन ने किया और पिछले वर्ष इसके संचालन की जिम्मेदारी कुमाऊं मंडल विकास निगम को दी गई। धारचूला से गुंजी तक 65 किलोमीटर का पैदल सफर तय करने में लोगों को तीन दिन का समय लगता है, लेकिन हेलीकॉप्टर से यह दूरी मात्र 20 मिनट में तय हो जाती है। शासन ने हेलीकॉप्टर का किराया 4125 रुपये प्रति यात्री एक तरफ का तय किया था। हालांकि किराया थोड़ा अधिक था फिर भी लोगों ने इस सेवा का खूब उपयोग किया। बुजुर्ग और बीमार लोगों के लिए यह सेवा काफी फायदेमंद साबित हुई। ठीक इसी तरह की सेवा मुनस्यारी से मिलम के लिए भी शुरू हुई थी। मिलम ग्लेशियर देखने के इच्छुक कई लोगों ने मिलम तक हेलीकॉप्टर की भी सेवा ली थी।
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केएमवीएन के महाप्रबंधक टीएस मर्तोलिया का कहना है कि हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने के बारे में शासन को ही निर्णय लेना है। अब तक निगम को कोई आदेश नहीं मिले हैं। उधर, कांग्रेस नेता हीरा सिंह चिराल का कहना है कि वर्तमान सरकार को लोगों की सुविधा के लिए शीघ्र हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि धारचूला के लोगों को यह सुविधा अनिवार्य रूप से मिलनी चाहिए।
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