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भारी बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त
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बनिक के पास बंद थल-मुनस्यारी सड़क को जेसीबी मशीन।
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। जिले के विभिन्न हिस्सों में हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भारी बारिश के कारण बंगापानी के चुमारियाथौड़ (लुमती) की एक दुकान और पिथौरागढ़ शहर की सरस्वती विहार कॉलोनी के कई घरों में पानी घुस गया है। भारी बारिश के कारण 21 से अधिक सड़कें बंद चल रही हैं। इधर थल-मुनस्यारी सड़क को वाहनों को आवाजाही के लिए खोल दिया है। लेकिन इस सड़क में जगह-जगह खतरा बरकरार है।
भारी बारिश के कारण बंगापानी चुमरियाथौड़(लुमती)में रणजीत सिंह के दुकान में पानी घुस गया। इससे दुकान में रखा सामान खराब हो गया है। रणजीत सिंह का आरोप है कि बीआओ ने सड़क की ढाल दुकान की ओर बनाई है। इस कारण हल्की से बारिश में भी पानी दुकान में घुस जाता है। इधर पिथौरागढ़ नगर के सरस्वती विहार कालोनी के कई कई घरों में बारिश का पानी घुस गया है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। थल-मुनस्यारी सड़क में हरड़िया नया बस्ती के पास फंसे ट्रक को पुलिस प्रशासन और स्थानीय लोगों ने दो पोकलैंड की मदद से सड़क से निकाल दिया है। इसके बाद सड़क में वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। बुधवार को ये सड़क दो घंटे बंद रही। ये सड़क डोर वन विभाग की नर्सरी के पास जगह-जगह धंस गई थी। इसमें भरान कर वाहनों की आवाजाही हो रही है। सड़क को वाहनों के लिए खोल तो दिया है लेकिन हरड़िया नया बस्ती समेत कई स्थानों पर सड़क के बंद होने का खतरा अभी बना हुआ है।
कहां कितनी बारिश
धारचूला : 43.6 मिमी
पिथौरागढ़ : 15.4 मिमी
डीडीहाट : 9.7 मिमी
मुनस्यारी : 7.2 मिमी
बेड़ीनाग : 7.0 मिमी
ये सड़कें बंद
लगातार हो रही बारिश के कारण मंसूरी-काठा-होकरा, आदिचौरा-सिन्नी, बंगापानी-जाराजीबली, छिरकिला-जम्कू, सेलमाली-विचना, मुनस्यारी हरकोट, नाचनी-भैंसकोट, डोर-सैणरांथी, बांसबगड़-गूंठी, मदकोट-फाफा, पौड़ी-घटकूना, कालिका-खुमती, बांस-आंवलाघाट, सानदेव-तुर्गोली, डीडीहाट-पमस्यारी, सेल-राउतगड़ा,जौलजीबी- मुनस्यारी सड़क बंद चल रही है। इसके अलावा चीन सीमा को जोड़ने वाली तवाघाट-सोबला, घट्टाबगड़-लिपूलेख और सोबला-दर तिंदाग सड़क बंद चल रही है।
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गुड़ौली में मलबा आने से घंटों तक फंसे रहे वाहन
कनालीछीना। गुड़ौली के समीप बुधवार को मलबा आने से घंटों तक वाहन फंसे रहे। इन दिनों पिथौरागढ़-धारचूला सड़क के चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। सड़क कटिंग में ब्लास्टिंग भी की जा रही है। इसके चलते पहाड़ियां लगातार दरक रही हैं। बुधवार को भी कटिंग के दौरान भारी मात्रा में मलबा आ गया। इससे वाहनों की आवाजाही ठप रही। संवाद
काली नदी खतरे के के निशान से मात्र 0.30 मी. नीचे
झूलाघाट/धारचूला। जिले में हो रही भारी बारिश के बाद काली नदी उफान पर है। काली नदी खतरे के निशान से मात्र 0.30 मीटर नीचे बह रही है। नदी का डेंजर लेवल 890 और चेतावनी लेवल 889 है। प्रशासन ने झूलाघाट, तालेश्वर, कानड़ी, गेठिगाड़ा, सप्तड़ी और तड़ीगांव के लोगों से नदी के किनारे न जाने की अपील की है। राजस्व उपनिरीक्षक गोपाल डीनिया ने लोगों से रात में नदी का रुख जांचने करने के लिए कहा है। धारचूला में भी काली नदी के किनारे बसे क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने से खतरा बरकरार है। धारचूला क्षेत्र में पिछले 24 घंटे में 43.6 मीटर बारिश हुई है।
मूसलाधार बारिश से तवाघाट लिपुलेख सड़क में गर्बाधार के समीप भारी भूस्खलन
धारचूला। मूसलाधार बारिश से तवाघाट लिपुलेख सड़क में गर्बाधार के समीप भारी भूस्खलन हो गया है। दो-तीन स्थानों पर सड़क पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। लगातार हो रही बारिश और मलबा आने से गर्बाधार गांव को भी खतरा बना हुआ है।
ग्राम प्रधान धर्मेंद्र सिंह ने कहा है कि भूस्खलन से गांव के 50 परिवार प्रभावित हैं। जब तक प्रभावित परिवारों के विस्थापन और गांव की सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए जाते सड़क नहीं खोलने दी जाएगी।
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भारी बारिश के कारण बंगापानी चुमरियाथौड़(लुमती)में रणजीत सिंह के दुकान में पानी घुस गया। इससे दुकान में रखा सामान खराब हो गया है। रणजीत सिंह का आरोप है कि बीआओ ने सड़क की ढाल दुकान की ओर बनाई है। इस कारण हल्की से बारिश में भी पानी दुकान में घुस जाता है। इधर पिथौरागढ़ नगर के सरस्वती विहार कालोनी के कई कई घरों में बारिश का पानी घुस गया है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। थल-मुनस्यारी सड़क में हरड़िया नया बस्ती के पास फंसे ट्रक को पुलिस प्रशासन और स्थानीय लोगों ने दो पोकलैंड की मदद से सड़क से निकाल दिया है। इसके बाद सड़क में वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। बुधवार को ये सड़क दो घंटे बंद रही। ये सड़क डोर वन विभाग की नर्सरी के पास जगह-जगह धंस गई थी। इसमें भरान कर वाहनों की आवाजाही हो रही है। सड़क को वाहनों के लिए खोल तो दिया है लेकिन हरड़िया नया बस्ती समेत कई स्थानों पर सड़क के बंद होने का खतरा अभी बना हुआ है।
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कहां कितनी बारिश
धारचूला : 43.6 मिमी
पिथौरागढ़ : 15.4 मिमी
डीडीहाट : 9.7 मिमी
मुनस्यारी : 7.2 मिमी
बेड़ीनाग : 7.0 मिमी
ये सड़कें बंद
लगातार हो रही बारिश के कारण मंसूरी-काठा-होकरा, आदिचौरा-सिन्नी, बंगापानी-जाराजीबली, छिरकिला-जम्कू, सेलमाली-विचना, मुनस्यारी हरकोट, नाचनी-भैंसकोट, डोर-सैणरांथी, बांसबगड़-गूंठी, मदकोट-फाफा, पौड़ी-घटकूना, कालिका-खुमती, बांस-आंवलाघाट, सानदेव-तुर्गोली, डीडीहाट-पमस्यारी, सेल-राउतगड़ा,जौलजीबी- मुनस्यारी सड़क बंद चल रही है। इसके अलावा चीन सीमा को जोड़ने वाली तवाघाट-सोबला, घट्टाबगड़-लिपूलेख और सोबला-दर तिंदाग सड़क बंद चल रही है।
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गुड़ौली में मलबा आने से घंटों तक फंसे रहे वाहन
कनालीछीना। गुड़ौली के समीप बुधवार को मलबा आने से घंटों तक वाहन फंसे रहे। इन दिनों पिथौरागढ़-धारचूला सड़क के चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। सड़क कटिंग में ब्लास्टिंग भी की जा रही है। इसके चलते पहाड़ियां लगातार दरक रही हैं। बुधवार को भी कटिंग के दौरान भारी मात्रा में मलबा आ गया। इससे वाहनों की आवाजाही ठप रही। संवाद
काली नदी खतरे के के निशान से मात्र 0.30 मी. नीचे
झूलाघाट/धारचूला। जिले में हो रही भारी बारिश के बाद काली नदी उफान पर है। काली नदी खतरे के निशान से मात्र 0.30 मीटर नीचे बह रही है। नदी का डेंजर लेवल 890 और चेतावनी लेवल 889 है। प्रशासन ने झूलाघाट, तालेश्वर, कानड़ी, गेठिगाड़ा, सप्तड़ी और तड़ीगांव के लोगों से नदी के किनारे न जाने की अपील की है। राजस्व उपनिरीक्षक गोपाल डीनिया ने लोगों से रात में नदी का रुख जांचने करने के लिए कहा है। धारचूला में भी काली नदी के किनारे बसे क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने से खतरा बरकरार है। धारचूला क्षेत्र में पिछले 24 घंटे में 43.6 मीटर बारिश हुई है।
मूसलाधार बारिश से तवाघाट लिपुलेख सड़क में गर्बाधार के समीप भारी भूस्खलन
धारचूला। मूसलाधार बारिश से तवाघाट लिपुलेख सड़क में गर्बाधार के समीप भारी भूस्खलन हो गया है। दो-तीन स्थानों पर सड़क पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। लगातार हो रही बारिश और मलबा आने से गर्बाधार गांव को भी खतरा बना हुआ है।
ग्राम प्रधान धर्मेंद्र सिंह ने कहा है कि भूस्खलन से गांव के 50 परिवार प्रभावित हैं। जब तक प्रभावित परिवारों के विस्थापन और गांव की सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए जाते सड़क नहीं खोलने दी जाएगी।