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Pithoragarh News: जिला अस्पताल में नाक, कान, गले और बच्चों का इलाज ठप
Fri, 11 Apr 2025 11:12 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 11 Apr 2025 11:12 PM IST
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पिथौरागढ़। सबसे बड़े जिला अस्पताल में विशेषज्ञों की कमी से लोग परेशान हैं। यहां पर्याप्त विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं हैं। जो तैनात हैं उनके अवकाश पर जाने से इलाज बंद हो गया है। नाक, कान, गले के साथ ही बच्चों का इलाज ठप है। ऐसे में मरीज और बच्चे इलाज के लिए भटक रहे हैं।
जिला अस्पताल में सिर्फ एक बाल रोग विशेषज्ञ और ईएनटी सर्जन की तैनाती है। दोनों के अवकाश पर जाने से यहां नाक, कान, गले के साथ ही बच्चों का इलाज पिछले एक सप्ताह से बंद है। यहां हर रोज कान, नाक, गले की दिक्कत से जूझते हुए 20 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इन दिनों मौसम में बदलाव के चलते बच्चे वायरल, टायफाइड, पीलिया की जकड़ में हैं।
जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ नहीं होने से दूर-दराज से 30 से अधिक बच्चे इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। ईएनटी सर्जन नहीं होने से मरीजों को नाक, कान, गले का तो बाल रोग विशेषज्ञ न होने से बच्चों को इलाज नहीं मिल रहा है। विशेषज्ञों के कक्षों में ताले लगे हैं और मरीज, बच्चे इलाज के लिए निजी क्लीनिकों के चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं। स्वास्थ्य विभाग जल्द दोनों विशेषज्ञों के लौटने की बात कर रहा है। संवाद
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जिला अस्पताल में सिर्फ एक बाल रोग विशेषज्ञ और ईएनटी सर्जन की तैनाती है। दोनों के अवकाश पर जाने से यहां नाक, कान, गले के साथ ही बच्चों का इलाज पिछले एक सप्ताह से बंद है। यहां हर रोज कान, नाक, गले की दिक्कत से जूझते हुए 20 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इन दिनों मौसम में बदलाव के चलते बच्चे वायरल, टायफाइड, पीलिया की जकड़ में हैं।
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जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ नहीं होने से दूर-दराज से 30 से अधिक बच्चे इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। ईएनटी सर्जन नहीं होने से मरीजों को नाक, कान, गले का तो बाल रोग विशेषज्ञ न होने से बच्चों को इलाज नहीं मिल रहा है। विशेषज्ञों के कक्षों में ताले लगे हैं और मरीज, बच्चे इलाज के लिए निजी क्लीनिकों के चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं। स्वास्थ्य विभाग जल्द दोनों विशेषज्ञों के लौटने की बात कर रहा है। संवाद
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