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Pithoragarh News: हवलदार संजय का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
Sun, 29 Jun 2025 10:53 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 29 Jun 2025 10:53 PM IST
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हवलदार संजय भट्ट को श्रद्धांजलि देते सेना के अधिकारी। संवाद
पिथौरागढ़। भारतीय सेना में तैनात बड़ोली गांव निवासी हवलदार संजय भट्ट का निधन हो गया है। रविवार को रामेश्वर घाट पर सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। सेना के जवानों और ग्रामीणों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी।
बड़ोली गांव के संजय भट्ट (34) पुत्र कैलाश चंद्र भट्ट भारतीय सेना की बंगाल इंजीनियरिंग ग्रुप में हवलदार पद पर कार्यरत थे। वह कुछ समय से अस्वस्थ थे। दिल्ली के सेना अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। बीते शुक्रवार की रात को उन्होंने अंतिम सांस ली। रविवार सुबह सेना के वाहन से संजय का पार्थिव शरीर उनके गांव लाया गया। जवान का पार्थिव शरीर घर पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया।
बेटे के निधन पर मां विमला देवी और पत्नी दीक्षा भट्ट का रो-रोकर बुरा हाल है। सेना के जवानों ने उन्हें ढाढ़स बंंधाया। गांव में अंतिम दर्शन के बाद जवान के पार्थिव शरीर को रामेश्वर घाट ले जाया गया। पिथौरागढ़ सैन्य छावनी से आए कुमाऊं रेजिमेंट के जवानों ने जवान को अंतिम सलामी दी। मृतक जवान के चाचा नारायण दत्त भट्ट, महेश भट्ट और प्रेम चंद्र भट्ट ने चिता को मुखाग्नि दी। जवान की अंतिम यात्रा में हिमांशु भट्ट, संतोष भट्ट, कविंद्र भट्ट, पवन भट्ट, निर्मल भट्ट, कैलाश भट्ट सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। संवाद
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बड़ोली गांव के संजय भट्ट (34) पुत्र कैलाश चंद्र भट्ट भारतीय सेना की बंगाल इंजीनियरिंग ग्रुप में हवलदार पद पर कार्यरत थे। वह कुछ समय से अस्वस्थ थे। दिल्ली के सेना अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। बीते शुक्रवार की रात को उन्होंने अंतिम सांस ली। रविवार सुबह सेना के वाहन से संजय का पार्थिव शरीर उनके गांव लाया गया। जवान का पार्थिव शरीर घर पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया।
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बेटे के निधन पर मां विमला देवी और पत्नी दीक्षा भट्ट का रो-रोकर बुरा हाल है। सेना के जवानों ने उन्हें ढाढ़स बंंधाया। गांव में अंतिम दर्शन के बाद जवान के पार्थिव शरीर को रामेश्वर घाट ले जाया गया। पिथौरागढ़ सैन्य छावनी से आए कुमाऊं रेजिमेंट के जवानों ने जवान को अंतिम सलामी दी। मृतक जवान के चाचा नारायण दत्त भट्ट, महेश भट्ट और प्रेम चंद्र भट्ट ने चिता को मुखाग्नि दी। जवान की अंतिम यात्रा में हिमांशु भट्ट, संतोष भट्ट, कविंद्र भट्ट, पवन भट्ट, निर्मल भट्ट, कैलाश भट्ट सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। संवाद
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