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Pithoragarh News: समय पर पता चलता तो बच जाते हीरा-संजय

Sat, 03 Jan 2026 10:59 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Sat, 03 Jan 2026 10:59 PM IST
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Had it been discovered on time, Heera and Sanjay would have been saved.
सात​शिलिंग-थल सड़क पर रिण के पास खाई में गिरी कार। स्रोत : ग्रामीण
पिथौरागढ़। अगर किस्मत साथ नहीं देती तो सभी रास्ते बंद हो जाते हैं। ऐसा ही कुछ हुआ सातशिलिंग-थल सड़क पर कार दुर्घटना में जान गंवाने वाले हीरा सिंह और संजय कुमार के साथ। दुर्घटनास्थल पर घायल अवस्था में मिले चालक ने सदमे में सिर्फ खुद के कार में सवार होने की जानकारी ग्रामीणों और पुलिस को दी। ऐसे में ग्रामीण और पुलिस उसे रेस्क्यू करने के बाद सर्च अभियान रोककर लौट आई। जब कार में दो अन्य युवकों के सवार होने की जानकारी मिली तो तब तक बहुत देर हो चुकी थी और दोनों युवक काल के गाल में समा चुके थे।
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पुलिस के अनुसार, कार के खाई में गिरते ही रिण के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे तो उन्हें वहां सिर्फ घायल चालक संजय नजर आया। ग्रामीणों ने अंदाजा तो लगाया कि कार में अन्य लोग भी सवार हो सकते हैं। दुर्घटना के बाद घायल चालक सदमे में पुलिस के सामने भी यही कहता रहा कि कार में उसके अलावा कोई अन्य सवार नहीं था। किस्मत खराब थी कि कार में सवार उसके दो साथी हीरा सिंह और संजय कुमार कार से छिटककर पहाड़ी पर अटक गए जिससे किसी की नजर उन पर नहीं पड़ी।
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चालक की बातों पर विश्वास कर पुलिस और ग्रामीण सर्च अभियान बंद कर घटनास्थल से लौट आए। घर न लौटने पर जब युवकों के परिजनों ने पुलिस से संपर्क किया तो तब जाकर उनके कार में सवार होने का पता चला लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सुबह छह बजे दोबारा इस उम्मीद में सर्च अभियान चलाया गया कि शायद दोनों जिंदा मिल जाएंगे लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। हीरा सिंह और संजय कुमार के शव पहाड़ी पर अटके मिले।
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अंदाजा लगाया जा रहा है कि पूरी रात घायलावस्था में पहाड़ी पर अटके दोनों युवकों ने जीवन के लिए संघर्ष किया होगा। गहरी चोट और कड़ाके की ठंड के बीच आखिरकार दोनों की सांसें टूट गई होंगी। यदि समय पर दोनों के कार में सवार होने की जानकारी मिलती तो सर्च अभियान बंद नहीं होता और शायद उनकी जान बच सकती थी।
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किस्मत ने दिया साथ, थालगांव के सुभाष की बच गई जान
परिजनों के अनुसार, कार चालक संजय, सातशिलिंग निवासी हीरा सिंह और पंडा निवासी संजय कुमार खच्चरों से सामान ढोने का काम करते थे। थल क्षेत्र में खच्चरों की पीठ पर लगाने वाली गद्दी सहित इससे संबंधित सामग्री मिलती है। ऐसे में तीनों ये सामान लेने जिला मुख्यालय से थल के लिए रवाना हुए। देवलथल क्षेत्र के थालगांव निवासी चौथे साथी सुभाष कुमार को भी वह अपने साथ ले गए। देर रात चारों लौटे और थालगांव में सुभाष के घर पर भोजन किया। तीनों ने सुभाष से साथ में जिला मुख्यालय चलने की बात कही पर सुभाष ने जिला मुख्यालय जाने से मना कर तीनों को अपने घर से रवाना किया। सिर्फ आठ किलोमीटर दूर रिण के पास इनकी कार खाई में गिर गई। यदि सुभाष भी साथियों के साथ जिला मुख्यालय आता तो उसके साथ ही अनहोनी हो सकती थी।
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दो बेटी, बेटा और पत्नी करते रहे इंतजार, मिली मौत की खबर
पंडा निवासी संजय कुमार बीते शुक्रवार की सुबह पत्नी रेनू, सात साल की बेटी दिया, पांच साल की बेटी साक्षी और तीन साल के बेटे मोक्ष से थल जाने और जल्द घर लौटने की बात कर निकला। किसी को मालूम नहीं था कि उसके साथ परिजनों की यह आखिरी मुलाकात होगी। बेटियां, बेटा और पत्नी उसका घर लौटने का इंतजार करते लेकिन उन्हें संजय की मौत की खबर मिली। पति की मौत से पत्नी बदहवास है। तीन साल के मासूम को यह मालूम नहीं है कि अब उसके सिर से हमेशा के लिए पिता का साया उठ गया है। जानकारी के मुताबिक, पेट की बीमारी से जूझ रहे मृतक संजय के पिता का दो दिन पूर्व जिला अस्पताल में ऑपरेशन हुआ है।
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क्रैश बैरियर लगे होते हो शायद नहीं होती इनती बड़ी घटना
सातशिलिंग-थल सड़क की बदहाली दूर करने की मांग लंबे समय से की जा रही है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। नतीजतन कार दुर्घटना में दो युवकों को असमय अपनी जान गंवानी पड़ी जबकि एक जीवन के लिए संघर्ष कर रहा है। बढ़ते वाहनों के दबाव को देखते हुए इस सड़क के चौड़ीकरण की मांग भी की जा रही है। सड़क पर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा के इंतजाम भी गायब हैं। 60 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर अधिकांश हिस्सों में न तो क्रैश बैरियर लगाए गए हैं और न पैरापिटों का निर्माण हुआ है। जिस जगह हादसा हुआ वहां क्रैश बैरियर गायब नहीं थे। पुलिस के मुताबिक, चालक ने कार को नियंत्रित करने की हरसंभव कोशिश की। सड़क पर ब्रेक के पड़े निशान इसे साबित कर रहे हैं। ऐसे में साफ है कि यदि घटनास्थल पर सड़क किनारे क्रैश बैरियर लगे होते तो कार खाई में गिरने से बच सकती थी और दो परिवारों की खुशियां बिखरने से बच जाती।
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घर का इकलौता चिराग बुझा
सातशिलिंग निवासी हीरा सिंह अपने घर का इकलौता चिराग था। आंखों से दिव्यांग हीरा साथियों के साथ थल गया जो रास्ते में दुर्घटना का शिकार बन गया। अविवाहित इकलौते बेटे की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

कोट
सातशिलिंग-थल सड़क पर कार दुर्घटना में दो युवकों की मौत हुई है और एक घायल है। दुर्घटनास्थल पर सड़क किनारे क्रैश बैरियर नहीं लगे हैं। घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। - गोविंद बल्लभ जोशी, सीओ, पिथौरागढ़
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